Vigilance cracks down on curroptionVigilance cracks down on curroption

16 दिसंबर 2025, Vigilance cracks down on curroption – बिहार के सहरसा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की सख्ती जारी है। मंगलवार को पतरघट अंचल कार्यालय में एक बड़ी कार्रवाई में राजस्व कर्मचारी राहुल कुमार को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना स्थानीय स्तर पर सरकारी अमलों में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करती है, जहां साधारण नागरिकों को जमीन से जुड़े कामों के लिए रिश्वत का शिकार होना पड़ता है।

घटना का विवरण: शिकायत से गिरफ्तारी तक

घटना की शुरुआत एक स्थानीय निवासी की शिकायत से हुई। पतरघट अंचल के दक्षिणी पंचायत निवासी रणबहादुर सिंह ने निगरानी ब्यूरो को शिकायत दर्ज कराई कि राहुल कुमार जमीन के नामांतरण या अन्य राजस्व संबंधी कार्य के लिए 5 हजार रुपये की मांग कर रहा था। सिंह ने बताया कि कर्मचारी ने बिना रिश्वत के काम नहीं करने की धमकी दी थी, जिससे उन्हें मजबूरन पैसे देने पड़े।

विजिलेंस टीम ने शिकायत की गहन जांच की और एक जाल बिछाया। मंगलवार दोपहर को पतरघट अंचल कार्यालय में राहुल कुमार को ठीक उसी राशि की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान कर्मचारी के पास से नकदी बरामद की गई, और पूरे प्रक्रिया का वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। यह कार्रवाई न केवल रिश्वतखोरी को रोकने का संदेश देती है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने का प्रयास भी है।

राहुल कुमार, जो पतरघट अंचल में लंबे समय से तैनात हैं, स्थानीय स्तर पर कई शिकायतों का विषय पहले भी रहे हैं। लेकिन इस बार विजिलेंस की फुर्ती ने उन्हें बचने का मौका नहीं दिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए ले जाया गया, जहां आगे की जांच जारी है।

भ्रष्टाचार का पृष्ठभूमि: बिहार में राजस्व विभाग की समस्या

बिहार में राजस्व विभाग भ्रष्टाचार के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है। जमीन के दाखिल-खारिज, नामांतरण और सीमांकन जैसे कार्यों में मध्यस्थों और कर्मचारियों की भूमिका के कारण आम आदमी को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सहरसा जैसे ग्रामीण जिलों में यह समस्या और गंभीर है, जहां डिजिटलीकरण के बावजूद पारंपरिक रिश्वतखोरी प्रचलित है।

हाल के वर्षों में विजिलेंस ने बिहार भर में सैकड़ों ऐसी कार्रवाइयां की हैं। सहरसा जिले में ही पिछले एक वर्ष में 10 से अधिक राजस्व कर्मियों पर कार्रवाई हुई है। यह घटना राज्य सरकार की ‘भ्रष्टाचार मुक्त बिहार’ अभियान का हिस्सा मानी जा रही है, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी गिरफ्तारियां न केवल अपराधियों को सबक सिखाती हैं, बल्कि नागरिकों में विश्वास भी जगाती हैं।

प्रभाव और आगे की कार्रवाई

इस गिरफ्तारी से पतरघट अंचल के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए विजिलेंस की सराहना की। एक निवासी ने कहा, “अब शायद काम बिना पैसे के हो सके।” हालांकि, जांच में यह भी पता चलेगा कि क्या यह रिश्वतखोरी अकेले कर्मचारी की थी या इसमें उच्च अधिकारियों की संलिप्तता है।

विजिलेंस विभाग ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। कोर्ट में पेशी के बाद जमानत पर रिहा होने की संभावना कम है, क्योंकि रंगे हाथों पकड़े जाने पर सजा कठोर होती है। इसके अलावा, विभागीय स्तर पर भी निलंबन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

निष्कर्ष: सतर्कता की जरूरत

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में जनभागीदारी महत्वपूर्ण है। नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने के लिए निगरानी हेल्पलाइन (0612-2230000) का उपयोग करना चाहिए। सहरसा प्रशासन ने भी जिले भर में जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है। उम्मीद है कि ऐसी कार्रवाइयां बिहार को भ्रष्टाचार से मुक्त बनाने में सहायक सिद्ध होंगी।

By SHAHID

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