22 फरवरी 2026, Vaibhav Suryavanshi जिसने U-19 विश्व कप 2026 में रचा इतिहास: बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव से निकला 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी आज भारतीय क्रिकेट का नया चेहरा बन चुका है। आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उनकी विस्फोटक 175 रनों की पारी ने भारत को रिकॉर्ड छठी बार खिताब दिलाया। यह पारी न केवल U-19 विश्व कप फाइनल में सबसे बड़ी व्यक्तिगत स्कोर है, बल्कि किसी भी ICC विश्व कप फाइनल (जूनियर या सीनियर) में सर्वोच्च स्कोर भी है। रविवार को पटना के मुख्यमंत्री आवास ‘संकल्प सभागार’ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस युवा प्रतिभा को 50 लाख रुपये का चेक, अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और खेल मंत्री श्रेयसी सिंह भी इस समारोह में मौजूद रहे।
जन्म और प्रारंभिक जीवन
वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव में हुआ। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी एक किसान हैं, जिन्होंने बेटे की क्रिकेट के प्रति लगन को देखते हुए घर के आंगन में ही एक छोटा-सा कंक्रीट पिच बनवाया। मात्र चार साल की उम्र में वैभव ने क्रिकेट की शुरुआत की। नौ साल की उम्र में उन्होंने समस्तीपुर की एक क्रिकेट अकादमी जॉइन की, जहां उनकी प्रतिभा को पेशेवर कोचिंग मिली।
वैभव लेफ्ट-हैंड बैट्समैन हैं और स्लो लेफ्ट-आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाजी भी करते हैं, जिससे वे एक संपूर्ण ऑलराउंडर बनते हैं। उनकी प्रेरणा ब्रायन लारा जैसी आक्रामक बल्लेबाजी से आती है।
क्रिकेट करियर की प्रमुख उपलब्धियां
वैभव की यात्रा अविश्वसनीय रही है। 12 साल की उम्र में उन्होंने बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया, जो भारतीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र का फर्स्ट-क्लास डेब्यू है। 2024 में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें IPL के लिए 1.1 करोड़ रुपये में साइन किया, जो सबसे कम उम्र का IPL कॉन्ट्रैक्ट था। IPL 2025 में वे सबसे कम उम्र के सेंचुरी लगाने वाले खिलाड़ी बने (101 ऑफ 38 बॉल्स)।
U-19 विश्व कप 2026 (जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित) में वैभव ने चमक बिखेरी। टूर्नामेंट में उन्होंने कुल 439 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने। फाइनल में उन्होंने 80 गेंदों में 175 रन ठोके, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। स्ट्राइक रेट 218.75 का रहा। उनकी इस पारी ने भारत को 411/9 का विशाल स्कोर दिया, और इंग्लैंड 311 पर ऑलआउट होकर 100 रनों से हार गया। यह स्कोर ICC किसी भी विश्व कप फाइनल में सर्वोच्च है, जो पहले एलिसा हीली के 170 से ज्यादा था।
फाइनल मैच का विस्तृत विवरण
6 फरवरी 2026 को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में फाइनल खेला गया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। वैभव ने ओपनिंग की और मात्र 55 गेंदों में सेंचुरी पूरी की, जो U-19 विश्व कप फाइनल में सबसे तेज है। उनकी 175 रनों की पारी में 150 रन बाउंड्रीज से आए। भारत का स्कोर 411/9 रहा, जबकि इंग्लैंड 40.2 ओवर में 311 पर सिमट गया। वैभव को प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सम्मान
22 फरवरी 2026 को पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वैभव को ‘पशुपतिनाथ योजना’ के तहत 50 लाख रुपये का चेक दिया। समारोह में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैभव की प्रशंसा की और कहा कि यह बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा है। वैभव ने कहा, “यह सम्मान मेरे परिवार, कोच और बिहार के लोगों का है। मैं और बेहतर प्रदर्शन करूंगा।”
मुख्यमंत्री ने बिहार में खेल बुनियादी ढांचे पर जोर दिया और वैभव को राज्य का गौरव बताया। इससे पहले IPL प्रदर्शन पर भी नीतीश कुमार ने 10 लाख का इनाम दिया था।
भविष्य की संभावनाएं और प्रेरणा
वैभव की सफलता बिहार में खेल को बढ़ावा देने का संदेश है। राज्य सरकार खेल सुविधाओं पर फोकस कर रही है, और वैभव जैसे खिलाड़ी इसका उदाहरण हैं। उनकी कहानी छोटे गांवों के बच्चों को बताती है कि मेहनत से बड़े सपने पूरे हो सकते हैं।
भविष्य में वैभव सीनियर भारतीय टीम में जल्दी जगह बना सकते हैं। राजस्थान रॉयल्स में ट्रेनिंग से वे और मजबूत हो रहे हैं। बिहार क्रिकेट अब नई ऊंचाइयों पर है, और वैभव इसका चमकता सितारा है।
वैभव सूर्यवंशी न केवल एक क्रिकेटर हैं, बल्कि लाखों युवाओं की प्रेरणा हैं – जो साबित करते हैं कि उम्र कोई बाधा नहीं, जुनून सब कुछ है।
Sources: ESPN क्रिकइन्फो