5 मार्च 2026, US सीनेट ने ट्रंप के ईरान हमलों का समर्थन किया: को अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को मजबूत समर्थन दिया। सीनेट ने एक वॉर पावर्स रेजोल्यूशन (War Powers Resolution) को 53-47 वोट से ब्लॉक कर दिया, जो ट्रंप प्रशासन को ईरान के खिलाफ आगे के सैन्य हमलों के लिए कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य करता। यह वोट युद्ध के छठे दिन आया, जब अमेरिका और इजरायल की संयुक्त बमबारी से ईरान में 1,000+ मौतें हो चुकी हैं और संघर्ष क्षेत्र से बाहर फैल रहा है। वोट मुख्य रूप से पार्टी लाइनों पर बंटा—ज्यादातर रिपब्लिकन ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया, जबकि डेमोक्रेट्स ने समर्थन किया। यह कांग्रेस का ईरान युद्ध पर पहला बड़ा वोट था, जो ट्रंप को बिना कांग्रेस की मंजूरी के कार्रवाई जारी रखने की छूट देता है।
वोट का विवरण और परिणाम
वोट 4 मार्च 2026 शाम को हुआ, जो प्रोसीजरल मोशन पर था—प्रस्ताव को फ्लोर पर लाने के लिए। अंतिम टैली 53-47 रही (कुछ रिपोर्ट्स में 52-47 शुरू हुई, फिर पूरी हुई)।
- रिपब्लिकन पक्ष: लगभग सभी रिपब्लिकन सीनेटर्स ने प्रस्ताव को ब्लॉक किया। केवल एक रिपब्लिकन, रैंड पॉल (केंटकी) ने डेमोक्रेट्स के साथ वोट किया, जो हमेशा से युद्ध विरोधी रहे हैं।
- डेमोक्रेट पक्ष: ज्यादातर डेमोक्रेट्स ने प्रस्ताव का समर्थन किया। केवल एक डेमोक्रेट, जॉन फेटरमैन (पेंसिल्वेनिया) ने रिपब्लिकन्स के साथ वोट किया।
- प्रस्ताव का उद्देश्य: यह 1973 के वॉर पावर्स एक्ट के तहत था, जो राष्ट्रपति को 48 घंटे में कांग्रेस को सूचित करने और 60 दिनों में मंजूरी लेने की बाध्यता देता है। प्रस्ताव ट्रंप को ईरान के खिलाफ “हॉस्टिलिटीज” रोकने और आगे की कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी लेने का आदेश देता।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस से बयान दिया कि अमेरिका “बहुत अच्छा” प्रदर्शन कर रहा है और युद्ध “15 आउट ऑफ 10” है। उन्होंने कहा कि ईरान “दुनिया का सबसे बड़ा राज्य-प्रायोजित आतंकवाद” है और कोई ग्राउंड ट्रूप्स नहीं भेजे गए हैं (हालांकि भविष्य में संभावना खुली रखी)।
पृष्ठभूमि: ट्रंप का फैसला और कांग्रेस की भूमिका
ट्रंप ने 28 फरवरी 2026 को इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर आश्चर्यजनक हमले शुरू किए, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर, न्यूक्लियर साइट्स और नौसेना ठिकाने निशाना बने। ट्रंप ने कांग्रेस को पहले से सूचित किया था, लेकिन कई डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन्स ने इसे “अनधिकृत” बताया।
- ब्रीफिंग: 3 मार्च को सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो, डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ, CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ और जॉइंट चीफ्स चेयरमैन ने कांग्रेस को क्लासिफाइड ब्रीफिंग दी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन “तेजी से विकसित” हो रहा है और ग्राउंड ट्रूप्स की संभावना खुली है।
- पिछले उदाहरण: ट्रंप के दूसरे टर्म में वेनेजुएला और अन्य मुद्दों पर भी वॉर पावर्स रेजोल्यूशन ब्लॉक हुए। रिपब्लिकन्स की स्लिम मेजॉरिटी (सीनेट और हाउस दोनों में) ने ट्रंप को मजबूत समर्थन दिया।
डेमोक्रेट्स जैसे टिम केन (वर्जीनिया) ने प्रस्ताव पेश किया, कहा कि “अमेरिकी जनता को युद्ध में कहना चाहिए” और ट्रंप “इतिहास दोहरा रहे हैं”। उन्होंने चेतावनी दी कि युद्ध लंबा खिंच सकता है और मिड-टर्म इलेक्शन प्रभावित होंगे।
राजनीतिक प्रभाव और भविष्य
यह वोट ट्रंप को मजबूत संदेश देता है—रिपब्लिकन पार्टी युद्ध का समर्थन कर रही है। लेकिन कुछ रिपब्लिकन्स (जैसे रैंड पॉल) ने चेतावनी दी कि अगर युद्ध फैला या अमेरिकी मौतें बढ़ीं तो रुख बदल सकता है।
- हाउस में वोट: 5 मार्च या 6 मार्च को हाउस में समान प्रस्ताव पर वोट होगा। रिपब्लिकन्स की मेजॉरिटी होने से वहां भी फेल होने की संभावना है।
- जनमत और अर्थव्यवस्था: अमेरिका में “फॉरएवर वॉर्स” से थकान है। तेल कीमतें बढ़ रही हैं ($80+), जो इकोनॉमी पर असर डाल रही हैं। पेंटागन ने 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि की (कुवैत में ड्रोन हमले में)।
- अंतरराष्ट्रीय संदर्भ: ईरान ने जवाबी हमले किए, जिसमें अमेरिकी ऑयल टैंकर डुबोया। युद्ध अब अजरबैजान, इराक, श्रीलंका तक फैल रहा है।
ट्रंप को मिली छूट, लेकिन जोखिम बढ़ते जा रहे
सीनेट का यह फैसला ट्रंप को ईरान युद्ध जारी रखने की राजनीतिक कवर देता है, लेकिन डेमोक्रेट्स और कुछ इंडिपेंडेंट इसे “असंवैधानिक” और “खतरनाक” बता रहे हैं। युद्ध का कोई स्पष्ट एग्जिट स्ट्रैटेजी नहीं है—ट्रंप के लक्ष्य रिजीम चेंज से न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने तक बदलते रहे हैं। अगर मौतें बढ़ीं या युद्ध फैला, तो कांग्रेस का रुख बदल सकता है। फिलहाल, ट्रंप को “पीस थ्रू स्ट्रेंथ” की नीति पर आगे बढ़ने की छूट मिल गई है, लेकिन वैश्विक तनाव और अमेरिकी जनता की थकान इसे चुनौतीपूर्ण बनाएगी।
Sources: रॉयटर्स