21 फरवरी 2026, UGC ने 32 फेक यूनिवर्सिटी घोषित कीं: यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने देश भर में 32 संस्थानों को फर्जी (Fake Universities) घोषित किया है। फरवरी 2026 तक की अपडेटेड लिस्ट में दिल्ली सबसे ऊपर है, जहां 12 फेक यूनिवर्सिटी चल रही हैं। उत्तर प्रदेश में 4, जबकि आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में 2-2 हैं। राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और झारखंड में एक-एक फेक यूनिवर्सिटी है। UGC ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन संस्थानों से जारी कोई भी डिग्री अमान्य है और नौकरी या उच्च शिक्षा के लिए मान्य नहीं होगी। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि एडमिशन से पहले UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर जांच करें।
फेक यूनिवर्सिटी की संख्या में वृद्धि: पिछले दो सालों में बड़ा उछाल
UGC की नियमित जांच में फेक यूनिवर्सिटी की संख्या लगातार बढ़ रही है। अक्टूबर 2025 में 22 थीं, जबकि मार्च 2023 में 20। फरवरी 2026 में 32 पहुंच गईं, यानी पिछले दो सालों में 10 नई जोड़ी गईं। नई राज्य हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश इस लिस्ट में शामिल हुए हैं। UGC के अनुसार, ये संस्थान UGC एक्ट के तहत मान्यता प्राप्त नहीं हैं और केंद्र या राज्य सरकार से कोई अनुमति नहीं ली गई है। ये अक्सर “यूनिवर्सिटी” या “डीम्ड यूनिवर्सिटी” जैसे नामों से चलते हैं, जो छात्रों को धोखा देते हैं।
दिल्ली में फेक यूनिवर्सिटी की संख्या लगातार सबसे ज्यादा बनी हुई है। पिछले अपडेट में 10 थीं, अब 12 हो गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि राजधानी होने के कारण यहां धोखाधड़ी के मामले ज्यादा हैं, क्योंकि छात्रों की संख्या अधिक है और प्रवासी छात्र आसानी से शिकार बन जाते हैं।
राज्यवार फेक यूनिवर्सिटी की संख्या
- दिल्ली: 12
- उत्तर प्रदेश: 4
- आंध्र प्रदेश: 2
- कर्नाटक: 2
- केरल: 2
- महाराष्ट्र: 2
- पुडुचेरी: 2
- पश्चिम बंगाल: 2
- राजस्थान: 1
- अरुणाचल प्रदेश: 1
- हरियाणा: 1
- झारखंड: 1
कुल: 32 संस्थान (12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में)
दिल्ली में 12 फेक यूनिवर्सिटी की लिस्ट (UGC अपडेट के अनुसार)
दिल्ली में शामिल प्रमुख नाम:
- वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी (WPUNU), पितमपुरा
- इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग, मुबारकपुर
- ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंसेज स्टेट गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी, अलीपुर
- कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, दरियागंज
- यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी
- वोकेशनल यूनिवर्सिटी
- ADR सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी, राजेंद्र प्लेस
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग, नई दिल्ली
- विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट, संजय एनक्लेव
- अध्यात्मिक विश्वविद्यालय, रोहिणी
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट सॉल्यूशन, जनकपुरी
- माउंटेन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, नेहरू प्लेस
ये संस्थान विभिन्न इलाकों में फैले हैं और अक्सर ऑनलाइन या छोटे ऑफिस से चलते हैं।
अन्य प्रमुख राज्यों में फेक यूनिवर्सिटी के उदाहरण
उत्तर प्रदेश में गांधी हिंदी विद्यापीठ (प्रयागराज) और भारतीय शिक्षा परिषद (लखनऊ) जैसे नाम शामिल हैं। आंध्र प्रदेश में क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डीम्ड यूनिवर्सिटी (गुंटूर) और बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया (विशाखापत्तनम)।
UGC की चेतावनी और सलाह
UGC ने स्पष्ट कहा है:
- ये संस्थान UGC एक्ट, 1956 के तहत मान्यता प्राप्त नहीं हैं।
- इनसे जारी डिग्री/सर्टिफिकेट रोजगार, प्रमोशन या उच्च शिक्षा के लिए अमान्य होंगे।
- छात्रों को UGC की वेबसाइट पर जाकर मान्यता जांचनी चाहिए।
- फेक यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पहले राज्य सरकार या UGC से सत्यापन कराएं।
- शिकायत के लिए UGC हेल्पलाइन या ईमेल का इस्तेमाल करें।
UGC ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल UGC-अप्रूव्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन लें। फेक संस्थानों में फीस जमा करने से आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी परेशानी भी हो सकती है।
प्रभाव और भविष्य की चुनौतियां
यह लिस्ट हायर एजुकेशन में बढ़ती धोखाधड़ी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन एजुकेशन और डिस्टेंस लर्निंग के बढ़ने से फेक संस्थान आसानी से फल-फूल रहे हैं। UGC ने कहा है कि नियमित जांच जारी रहेगी और नई फेक यूनिवर्सिटी मिलने पर लिस्ट अपडेट की जाएगी। छात्रों को सतर्क रहने और केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों का चयन करने की सलाह दी गई है।
Sources: एनडीटीवी