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5 जनवरी 2026, Trump का लैटिन अमेरिका पर ‘ड्रग युद्ध’ का ऐलान– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. Trump ने एक बार फिर अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति को सशक्त बनाने के लिए लैटिन अमेरिका को निशाना बनाते हुए कोलंबिया, मैक्सिको और वेनेजुएला समेत कई देशों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Trump ने कहा, “ये देश ड्रग तस्करी के अड्डे बन चुके हैं। अगर वे नहीं सुधरते, तो हम खुद जाकर सुधारेंगे। हमारी सेना तैयार है, और अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है।” यह बयान वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलास मादुरो की गिरफ्तारी के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसे अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन जस्टिस’ के तहत काराकास में अंजाम दिया था।

Trump का यह बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हलचल मचा रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने तत्काल बैठक बुलाई है, जबकि लैटिन अमेरिकी देशों ने इसे ‘उपनिवेशवादी आक्रमण’ करार दिया है। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम अमेरिका के दोस्त हैं, लेकिन हम कोई उपनिवेश नहीं। Trump की धमकी हमारे संप्रभुता पर हमला है।” इसी बीच, मैक्सिको के राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने संयुक्त राष्ट्र में शिकायत दर्ज कराई है, जबकि ब्राजील और अर्जेंटीना जैसे क्षेत्रीय शक्तियां आपातकालीन शिखर सम्मेलन बुलाने की तैयारी कर रही हैं।

पृष्ठभूमि: ड्रग युद्ध का नया मोड़

Trump का यह बयान उनके पहले कार्यकाल (2017-2021) की नीतियों का विस्तार लगता है, जब उन्होंने मैक्सिको की सीमा पर दीवार बनाने और ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की बात की थी। 2024 के चुनावों में दोबारा सत्ता में आने के बाद, Trump ने ‘ड्रग फ्री अमेरिका’ अभियान शुरू किया, जिसके तहत फेडरल एजेंसियों को लैटिन अमेरिका में ड्रग तस्करी रोकने के लिए व्यापक अधिकार दिए गए। हाल ही में वेनेजुएला में मादुरो की गिरफ्तारी ने इस नीति को नई गति दी है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, वेनेजुएला से अमेरिका में आने वाली 70% कोकीन और हेरोइन मादुरो के ‘नार्को-राज्य’ से जुड़ी थी।

कोलंबिया को निशाना बनाने का कारण स्पष्ट है। दुनिया का सबसे बड़ा कोका उत्पादक देश होने के बावजूद, कोलंबिया अमेरिकी दबाव के कारण ‘प्लान कोलंबिया’ जैसे कार्यक्रम चला रहा है, लेकिन Trump प्रशासन का दावा है कि कोलंबियन कार्टेल्स अब भी फल-फूल रहे हैं। 2025 में अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलंबिया से अमेरिका में 45% अवैध ड्रग्स की आपूर्ति हो रही है। ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक चार्ट दिखाते हुए कहा, “कोलंबिया सरकार कार्टेल्स के साथ सांठ-गांठ कर रही है। अगर वे ड्रग उगाई रोक नहीं पाए, तो हमारी सेना फसलें जला देगी।”

मैक्सिको का मामला और भी जटिल है। सिनालोआ और जलिस्को नोवा जेनरेशन जैसे कार्टेल्स ने मैक्सिको को हिंसा का केंद्र बना दिया है। Trump ने 2024 चुनाव प्रचार में वादा किया था कि वे ‘ड्रोन स्ट्राइक्स’ से कार्टेल लीडर्स को निशाना बनाएंगे। अब, धमकी में मैक्सिको को ‘अन्य देशों’ में शामिल किया गया है, जो संभावित रूप से पनामा, होंडुरास और ग्वाटेमाला को भी कवर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह धमकी अमेरिकी घरेलू राजनीति से प्रेरित है, जहां ओपियोइड संकट ने 2025 में 1,00,000 से अधिक मौतें ली हैं।

वैश्विक प्रतिक्रियाएं: चीन और रूस का समर्थन

Trump की धमकी ने वैश्विक ध्रुवीकरण को तेज कर दिया है। चीन ने इसे ‘अमेरिकी साम्राज्यवाद’ करार देते हुए संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पेश किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा, “अमेरिका खुद को विश्व का पुलिस मानता है, लेकिन वेनेजुएला की तरह अन्य देशों में हस्तक्षेप से अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होता है।” रूस ने भी समर्थन जताया, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, “Trump की नीति लैटिन अमेरिका को यूक्रेन जैसा युद्धक्षेत्र बना सकती है।”

यूरोपीय संघ ने संयुक्त बयान जारी कर ‘शांति वार्ता’ की अपील की है, जबकि भारत जैसे उभरते देश तटस्थ रहने का प्रयास कर रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम संवाद के पक्षधर हैं और किसी भी सैन्य कार्रवाई का विरोध करेंगे।” लैटिन अमेरिका में, बोलीविया और निकारागुआ जैसे वामपंथी सरकारें ‘एंटी-इंपीरियलिस्ट’ मोर्चा बना रही हैं, जबकि दक्षिणपंथी चिली और उरुग्वे अमेरिका के साथ संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

आर्थिक और मानवीय प्रभाव

यह धमकी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ेगी। कोलंबिया का तेल निर्यात (अमेरिका को 40% आपूर्ति) प्रभावित हो सकता है, जिससे तेल कीमतें 10% बढ़ सकती हैं। विश्व बैंक के अनुमान के अनुसार, लैटिन अमेरिका में सैन्य तनाव से 2026 की जीडीपी वृद्धि 2% घट सकती है। मानवीय संकट भी गहरा सकता है; वेनेजुएला की गिरफ्तारी के बाद 5 लाख शरणार्थी सीमाओं पर उमड़ पड़े हैं। कोलंबिया में पहले से 20 लाख वेनेजुएलन शरणार्थी हैं, और नई कार्रवाई से प्रवासन संकट बढ़ेगा।

अमेरिका में भी असर दिख रहा है। वॉल स्ट्रीट पर लैटिन अमेरिकी स्टॉक्स 5% गिरे, जबकि रक्षा कंपनियां जैसे लॉकहीड मार्टिन के शेयर 3% चढ़े। Trump समर्थक इसे ‘मजबूत नेतृत्व’ बता रहे हैं, लेकिन डेमोक्रेट्स ने इसे ‘युद्ध की धमकी’ कहा है। सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने कहा, “Trump ड्रग समस्या हल करने के बजाय युद्ध छेड़ना चाहते हैं।”

भविष्य की संभावनाएं: युद्ध या वार्ता?

Trump प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यह धमकी गंभीर है, लेकिन प्राथमिकता डिप्लोमेसी है।” हालांकि, पेंटागन ने ‘क्षेत्रीय अभ्यास’ की घोषणा की है, जिसमें यूएस नेवी के जहाज कैरेबियन में तैनात होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह रणनीति 2026 मध्यावधि चुनावों से प्रेरित है, जहां ड्रग मुद्दा प्रमुख है।

संक्षेप में, Trump की धमकी लैटिन अमेरिका को नया संकट दे रही है। यदि कार्रवाई हुई, तो यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हस्तक्षेप होगा। वैश्विक समुदाय को अब शांति के लिए एकजुट होना होगा। क्या यह धमकी केवल बयानबाजी है या वास्तविक युद्ध का आगाज? समय ही बताएगा।

Sources: The New York Times, Al Jazeera

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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