20 फरवरी 2026, पूर्णिया के युवा JDU नेता राज कुमार मंडल (राजू मंडल) की दर्दनाक मौत: बिहार की राजनीति में एक बड़ा सदमा लगा है। पूर्णिया जिले के छात्र जदयू (JD(U)) के युवा जिलाध्यक्ष राज कुमार मंडल उर्फ राजू मंडल की शुक्रवार सुबह खगड़िया जिले में एक भीषण सड़क हादसे में मौके पर ही मौत हो गई। हादसा एनएच-31 पर पसराहा थाना क्षेत्र के सतीश नगर के पास हुआ, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में कार में सवार तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए पटना या अन्य बड़े अस्पताल रेफर किया गया है।
हादसे की पूरी घटना परिवार और सहयोगियों के अनुसार, राजू मंडल अपने तीन दोस्तों के साथ मुजफ्फरपुर में एक दोस्त की बारात (शादी समारोह) में शामिल होने गए थे। समारोह समाप्त होने के बाद वे पूर्णिया लौट रहे थे। बीती रात से सुबह के बीच एनएच-31 पर पसराहा और सतीश नगर के बीच उनकी स्विफ्ट डिजायर कार (रजिस्ट्रेशन नंबर BR 38 AM 9083) एक अज्ञात तेज रफ्तार ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और राजू मंडल की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों में ड्राइवर सहित तीन लोग शामिल हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हादसा रात के अंतिम पहर या सुबह जल्दी हुआ। ट्रक की तेज रफ्तार और संभवतः ओवरटेकिंग या नींद आने के कारण टक्कर मानी जा रही है। खगड़िया पुलिस ने FIR दर्ज की है और जांच जारी है। एनएच-31 पर अक्सर ऐसे हादसे होते रहते हैं, जहां भारी वाहनों की रफ्तार और खराब सड़क स्थिति बड़ी वजह बनती है।
राजू मंडल कौन थे? राज कुमार मंडल पूर्णिया के एक सक्रिय युवा नेता थे। वे जदयू के छात्र विंग (छात्र जदयू) के जिलाध्यक्ष थे और पार्टी में युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय थे। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी। वे युवा मुद्दों जैसे शिक्षा, रोजगार और छात्र कल्याण पर खुलकर बोलते थे। जदयू के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें जुझारू और मेहनती नेता बताया है। उनकी उम्र करीब 28-30 वर्ष बताई जा रही है। पूर्णिया में उनकी मौत से पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है।
पार्टी और नेताओं की प्रतिक्रिया जदयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजू मंडल के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “राजू कुमार मंडल एक जुझारू छात्र नेता थे। उनका आकस्मिक निधन बहुत दुखद है। ईश्वर उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे।” जदयू के अन्य नेताओं, स्थानीय विधायकों और पूर्णिया जिला इकाई ने भी श्रद्धांजलि दी।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि राजू मंडल की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है। वे शादी-बारात जैसे खुशी के मौके पर जा रहे थे, लेकिन लौटते समय यह हादसा हो गया। परिजनों ने सड़क सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल यह हादसा बिहार में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को फिर उजागर करता है। एनएच-31 जैसे प्रमुख राजमार्गों पर ट्रक और भारी वाहनों की तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और ड्राइवरों की थकान आम समस्या है। हाल के महीनों में बिहार में कई ऐसे हादसे हुए हैं, जिसमें युवा और नेता शामिल रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर स्पीड लिमिट सख्ती से लागू करना, बेहतर साइनेज और कैमरा निगरानी जरूरी है।
पूर्णिया में शोक सभा पूर्णिया में जदयू कार्यालय और विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जा रही है। पार्टी ने राजू मंडल के पार्थिव शरीर को पूर्णिया लाने की व्यवस्था की है, जहां अंतिम संस्कार होगा। हजारों कार्यकर्ता और आम लोग भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंच रहे हैं।
यह घटना न केवल जदयू परिवार बल्कि पूरे बिहार के लिए दुखद है। युवा नेतृत्व की कमी महसूस हो रही है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस दुख से उबरने की ताकत दें।
Sources: दैनिक जागरण