Four tourists die under suspicious circumstances in RajgirFour tourists die under suspicious circumstances in Rajgir

6 फरवरी 2026, Rajgir में जैन धर्मशाला में चार पर्यटकों की संदिग्ध मौत: बिहार के प्रसिद्ध पर्यटन और तीर्थ स्थल राजगीर में उस समय सनसनी फैल गई जब दिगंबर जैन धर्मशाला के एक बंद कमरे से चार जैन पर्यटकों के शव बरामद किए गए। सभी चारों पर्यटक कर्नाटक के बेंगलुरु से आए थे और 2 फरवरी से धर्मशाला में ठहरे हुए थे। कमरे से बदबू आने की शिकायत के बाद शुक्रवार सुबह पुलिस ने दरवाजा तोड़कर प्रवेश किया तो चारों के शव फंदे से लटके मिले। प्रारंभिक जांच में सामूहिक आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में मुंह पर टेप और हाथ बंधे होने की बात सामने आई है, जिससे हत्या का एंगल भी खारिज नहीं किया जा सकता। पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।

घटना का विवरण

नालंदा जिले के राजगीर थाना क्षेत्र स्थित श्री राजगृहजी दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र वायालय धर्मशाला के कमरा संख्या 6AB में यह दिल दहला देने वाली घटना हुई। चारों पर्यटक – दो पुरुष और दो महिलाएं – 2 फरवरी को यहां रुके थे। धर्मशाला प्रबंधन के अनुसार, वे जैन तीर्थ स्थलों की यात्रा पर आए थे। कई दिनों तक कमरे से कोई हलचल न होने और बदबू आने पर अन्य श्रद्धालुओं ने शिकायत की। शुक्रवार सुबह प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर सभी सन्न रह गए। चारों शव फंदे से लटके थे। कमरा अंदर से बंद था और कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, शवों के मुंह पर टेप लगी थी और हाथ बंधे हुए थे, जिससे मामला और रहस्यमयी हो गया। पुलिस ने तुरंत इलाके को सील कर दिया और फॉरेंसिक टीम को बुलाया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है।

मृतक कौन थे?

मृतकों की पहचान बेंगलुरु निवासी एक ही परिवार या ग्रुप के सदस्यों के रूप में हुई है। वे जैन धर्म के अनुयायी थे और राजगीर के जैन तीर्थ स्थलों (जैसे विमलवासाही, सप्तपर्णी गुफा आदि) की यात्रा पर आए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे 2 फरवरी को धर्मशाला में चेक-इन किए थे और उसके बाद कमरे से बाहर नहीं निकले। परिवार के सदस्यों को सूचना दे दी गई है और वे बेंगलुरु से राजगीर पहुंच रहे हैं। अभी तक उनके नाम और उम्र की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वे 40-60 वर्ष की आयु वर्ग के थे।

पुलिस जांच और संभावित कारण

नालंदा पुलिस और राजगीर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। एसडीपीओ और एसपी स्तर के अधिकारी भी जांच की निगरानी कर रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर सामूहिक आत्महत्या की बात कही जा रही है, क्योंकि जैन धर्म में संथारा (उपवास द्वारा मृत्यु) की परंपरा है, लेकिन फंदे से लटकना और हाथ-मुंह बंधे होना इसे जटिल बना रहा है। पुलिस सभी एंगल्स – आत्महत्या, हत्या या अन्य – से जांच कर रही है।

  • सुसाइड नोट: कोई नहीं मिला।
  • CCTV फुटेज: धर्मशाला और आसपास की जांच की जा रही है।
  • मोबाइल और सामान: कमरे से मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किए गए, जिनकी जांच होगी।
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट: मौत का सटीक कारण और समय पता चलेगा।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह सामूहिक आत्महत्या थी या कोई साजिश।

प्रतिक्रियाएं और प्रभाव

इस घटना से राजगीर में पर्यटकों और स्थानीय लोगों में दहशत है। जैन समाज में भी सदमा है। धर्मशाला प्रबंधन ने दुख जताया और कहा कि वे नियमित रूप से कमरों की जांच करते हैं, लेकिन इस बार देर हो गई। बिहार पर्यटन विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं कि तीर्थ स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था क्यों कमजोर है।

राजगीर बौद्ध और जैन दोनों धर्मों का प्रमुख केंद्र है। यहां साल भर देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। इस घटना से पर्यटन पर असर पड़ सकता है। पुलिस ने लोगों से अफवाहें न फैलाने की अपील की है।

यह मामला बिहार में पर्यटक सुरक्षा और धर्मशालाओं की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। जांच के नतीजे आने तक रहस्य बरकरार है।

Sources: दैनिक जागरण

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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