10 दिसंबर 2025 – भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए टाटा मोटर्स की प्रतिष्ठित एसयूवी टाटा सिएरा ने नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स (NATRAX) पर 29.9 किमी प्रति लीटर (kmpl) की असाधारण माइलेज हासिल की है। यह उपलब्धि वोल्क्सवैगन टाइगुन के पिछले रिकॉर्ड 29.8 kmpl को पीछे छोड़ते हुए मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट में ईंधन दक्षता का नया बेंचमार्क सेट करती है। यह परीक्षण हाल ही में संपन्न हुआ, जो टाटा की इंजीनियरिंग क्षमताओं और पर्यावरण-अनुकूल वाहन निर्माण की दिशा में प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। लगभग 25 लाख से अधिक इकाइयों की बिक्री वाली इस आइकॉनिक कार का यह नया अवतार युवा खरीदारों के बीच फिर से जोश भर रहा है।

परीक्षण की झलक: NATRAX पर कैसे हासिल हुआ रिकॉर्ड?

NATRAX, मध्य प्रदेश के पिथमपुर में स्थित भारत का सबसे उन्नत ऑटो टेस्टिंग ट्रैक, जहां वाहनों की वास्तविक दुनिया की स्थितियों में प्रदर्शन की जांच की जाती है। टाटा सिएरा का यह परीक्षण हाइपरियन इंजन से लैस मॉडल पर केंद्रित था, जो 1.5-लीटर टर्बोचार्ज्ड डीजल यूनिट पर आधारित है। परीक्षण के दौरान वाहन ने मिश्रित सड़क परिस्थितियों – जिसमें 60% हाईवे और 40% शहर की ड्राइविंग शामिल थी – में कुल 500 किलोमीटर की दूरी तय की। इंजन रिबिल्ड के बाद के प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार, यह एसयूवी ने केवल 16.7 लीटर ईंधन की खपत पर 500 किमी पूरा किया, जो औसतन 29.9 kmpl का आंकड़ा देता है।

टाटा के इंजीनियर्स ने बताया कि यह उपलब्धि हल्के वजन वाले मटेरियल्स, एयरोडायनामिक डिजाइन और उन्नत ईंधन इंजेक्शन सिस्टम का परिणाम है। सिएरा का नया मॉडल LED हेडलैंप्स, 18-इंच अलॉय व्हील्स और ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) जैसे फीचर्स से लैस है, जो न केवल सुरक्षा बढ़ाते हैं बल्कि ईंधन बचत भी सुनिश्चित करते हैं। कीमत ₹11.49 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होने वाली यह एसयूवी पेट्रोल और डीजल दोनों वैरिएंट्स में उपलब्ध है, जिसमें मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन ऑप्शंस हैं।

बाजार पर प्रभाव: प्रतिस्पर्धियों के लिए चुनौती

यह रिकॉर्ड टाटा सिएरा को हाइundai क्रेटा, महिंद्रा एक्सयूवी700 और महिंद्रा थार जैसे प्रतिद्वंद्वियों से आगे ला खड़ा करता है। जहां क्रेटा की औसत माइलेज 21-23 kmpl है, वहीं सिएरा का यह आंकड़ा ईवी संक्रमण के दौर में डीजल एसयूवी के लिए एक मजबूत विकल्प प्रस्तुत करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत सरकार की ‘फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स’ (FAME-III) योजना के अनुरूप है, जो हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को प्रोत्साहित करती है। टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा, “सिएरा हमारी विरासत का प्रतीक है, जो अब सस्टेनेबिलिटी के साथ जुड़ गई है। यह रिकॉर्ड भारतीय इंजीनियरिंग की ताकत दिखाता है।”

उपभोक्ताओं के लिए यह खबर स्वागतयोग्य है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबी यात्राओं पर ईंधन लागत कम रखना चाहते हैं। ऑटो एनालिस्ट्स के अनुसार, इस रिकॉर्ड से सिएरा की बिक्री में 15-20% की वृद्धि हो सकती है, विशेष रूप से टियर-2 शहरों में जहां ईंधन दक्षता प्राथमिकता है। हालांकि, वास्तविक दुनिया में माइलेज ड्राइविंग स्टाइल, रखरखाव और सड़क की स्थिति पर निर्भर करेगा। टाटा ने सलाह दी है कि ग्राहक अधिकृत डीलरशिप पर टेस्ट ड्राइव लें।

भविष्य की संभावनाएं

टाटा सिएरा का यह प्रदर्शन कंपनी की हाइब्रिड लाइनअप को मजबूत करेगा, जो 2026 में पूर्ण रूप से लॉन्च होने वाली है। पर्यावरणीय दृष्टि से, यह रिकॉर्ड कार्बन उत्सर्जन कम करने में योगदान देगा, जो भारत के 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य के अनुरूप है। ऑटो प्रेमी सोशल मीडिया पर इसकी तारीफ कर रहे हैं, जहां #TataSierraRecord ट्रेंड कर रहा है।

संक्षेप में, टाटा सिएरा ने न केवल माइलेज का रिकॉर्ड बनाया बल्कि भारतीय ऑटो सेक्टर को एक नई दिशा दी है। यह साबित करता है कि पुरानी विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़कर चमत्कार रचे जा सकते हैं। उत्साही ड्राइवरों के लिए यह एसयूवी अब और भी आकर्षक हो गई है।

By SHAHID

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