2 फरवरी 2026, टी20 वर्ल्ड कप 2026: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दुनिया में एक बार फिर राजनीति हावी होती दिख रही है। पाकिस्तान सरकार ने रविवार को घोषणा की कि उसकी क्रिकेट टीम ICC टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग तो लेगी, लेकिन 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में भारत के खिलाफ होने वाले ग्रुप स्टेज मैच में नहीं उतरेगी। इस फैसले ने टूर्नामेंट पर संकट के बादल छा दिए हैं, जबकि ICC ने तुरंत कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि चुनिंदा मैचों में भागीदारी स्वीकार नहीं की जाएगी।
पाकिस्तान सरकार का ऐलान और पृष्ठभूमि
पाकिस्तान सरकार ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से बयान जारी कर कहा, “पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ICC टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने की अनुमति दी जाती है। हालांकि, 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ निर्धारित मैच में पाकिस्तान क्रिकेट टीम मैदान पर नहीं उतरेगी।” बयान में इस बहिष्कार का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक तनाव का नतीजा है।
भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज 2012-13 के बाद से नहीं हुई है। दोनों देश केवल ICC या एशियाई टूर्नामेंटों में ही आमने-सामने आते हैं। 2023 एशिया कप में हाइब्रिड मॉडल अपनाया गया था, जिसमें पाकिस्तान के मैच पाकिस्तान में खेले गए थे, जबकि भारत ने श्रीलंका में अपने मैच खेले। इस बार टी20 वर्ल्ड कप भारत और श्रीलंका की सह-मेजबानी में हो रहा है, और भारत-पाकिस्तान मैच श्रीलंका में निर्धारित था, जिसे पाकिस्तान ने बहिष्कार का लक्ष्य बनाया।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने पहले कहा था कि सरकार ही अंतिम फैसला लेगी। PCB ने अभी ICC को आधिकारिक रूप से इसकी सूचना नहीं दी है।
ICC की सख्त प्रतिक्रिया
ICC ने सोमवार को आधिकारिक बयान जारी कर पाकिस्तान के रुख को खारिज कर दिया। बयान में कहा गया, “ICC पाकिस्तान सरकार के उस बयान का संज्ञान लेता है जिसमें अपनी राष्ट्रीय टीम को ICC पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में चुनिंदा भागीदारी के लिए निर्देश दिया गया है। PCB से आधिकारिक संचार का इंतजार करते हुए, चुनिंदा भागीदारी की यह स्थिति वैश्विक खेल आयोजन के मूल सिद्धांत से मेल नहीं खाती, जहां सभी क्वालीफाई टीमों से अपेक्षा की जाती है कि वे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बराबरी की शर्तों पर प्रतिस्पर्धा करें।”
ICC ने आगे कहा कि उसके टूर्नामेंट खेल की अखंडता, प्रतिस्पर्धा, निरंतरता और निष्पक्षता पर आधारित हैं, और चुनिंदा भागीदारी इनकी भावना और पवित्रता को कमजोर करती है। संगठन ने पाकिस्तान पर दबाव बनाते हुए कहा कि यह फैसला वैश्विक क्रिकेट के हित में नहीं है और पाकिस्तान में लाखों प्रशंसकों सहित दुनिया भर के फैंस के लिए नुकसानदेह है। ICC ने PCB से अपील की कि वह अपने देश में क्रिकेट के लिए दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करे, क्योंकि यह वैश्विक क्रिकेट पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करेगा, जिसका पाकिस्तान खुद सदस्य और लाभार्थी है।
संभावित परिणाम और प्रभाव
यदि पाकिस्तान अपने फैसले पर कायम रहता है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ICC नियमों के अनुसार, मैच न खेलने पर पाकिस्तान को दो अंक कटौती और नेट रन रेट पर नकारात्मक प्रभाव झेलना पड़ेगा। भारत को वॉकओवर मिलेगा, लेकिन दोनों टीमों को टॉस के लिए मैदान पर मौजूद होना अनिवार्य है।
इससे भी बड़ा नुकसान आर्थिक होगा। भारत-पाकिस्तान मैच पिछले एक दशक में सबसे ज्यादा दर्शक संख्या और राजस्व उत्पन्न करने वाला मुकाबला रहा है। ब्रॉडकास्टर और स्पॉन्सर भारी नुकसान की भरपाई के लिए ICC से मुआवजा मांग सकते हैं। PCB की वार्षिक ICC राजस्व हिस्सेदारी (वर्तमान में 34.5 मिलियन डॉलर) में 70-80% तक कटौती हो सकती है। लंबे समय में पाकिस्तान को भविष्य के ICC टूर्नामेंटों से प्रतिबंध, PSL खिलाड़ियों के लिए NOCs की कमी और इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े बोर्डों के साथ द्विपक्षीय सीरीज रद्द होने का खतरा है।
ग्रुप A में भारत, पाकिस्तान के अलावा USA, नामीबिया और नीदरलैंड्स हैं। पाकिस्तान के सभी मैच श्रीलंका में हैं, जबकि भारत के कुछ मैच भारत में हैं। यदि पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर होता है तो पूरा ग्रुप स्टेज प्रभावित होगा।
फैंस और क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया
क्रिकेट प्रशंसक इस फैसले से निराश हैं। भारत-पाकिस्तान मुकाबला टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा आकर्षण होता है, जो रिकॉर्ड दर्शक संख्या तोड़ता है। सोशल मीडिया पर #IndVsPak और #T20WorldCup ट्रेंड कर रहे हैं, जहां ज्यादातर फैंस खेल को राजनीति से अलग रखने की मांग कर रहे हैं।
पूर्व क्रिकेटरों ने भी चिंता जताई है। कुछ का मानना है कि यह क्रिकेट की भावना के खिलाफ है, जबकि अन्य ने राजनीतिक दखल की आलोचना की।
आगे क्या?
ICC अब PCB से आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, आपातकालीन बैठक बुलाई जा सकती है। पाकिस्तान यदि अपना फैसला बदलता है तो टूर्नामेंट सामान्य रूप से चलेगा, अन्यथा क्रिकेट इतिहास में एक नया विवाद जुड़ जाएगा।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि दक्षिण एशियाई क्रिकेट में खेल और राजनीति का गहरा संबंध है। उम्मीद है कि सभी पक्ष मिलकर ऐसा समाधान निकालेंगे जो क्रिकेट के हित में हो।
Sources: एनडीटीवी