22 जनवरी 2026 भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी, Sensex 397 अंक चढ़ा, निफ्टी 25,289 पर बंद: लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को शानदार रिकवरी दिखाई। ग्लोबल मार्केट में राहत के संकेत, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ट्रेड टैरिफ पर नरम रुख और चुनिंदा कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों ने निवेशकों का कॉन्फिडेंस लौटाया। बीएसई सेंसेक्स 397.74 अंक चढ़कर 82,307.37 पर और एनएसई निफ्टी 132.40 अंक उछलकर 25,289.90 पर बंद हुआ। ज्यादातर सेक्टर्स हरे निशान में रहे, जबकि मेटल, फार्मा और एनर्जी सेक्टर ने बाजार को सबसे ज्यादा सपोर्ट दिया।
बाजार का समग्र प्रदर्शन
सेंसेक्स और निफ्टी की क्लोजिंग
- बीएसई सेंसेक्स: 82,307.37 अंक (+397.74 अंक, +0.49%)
- एनएसई निफ्टी 50: 25,289.90 अंक (+132.40 अंक, +0.53%)
दिन की शुरुआत सपाट स्तर पर हुई, लेकिन दोपहर के सत्र में खरीदारी तेज हुई। सेंसेक्स ने दिन में 600 अंकों तक की छलांग लगाई, जबकि निफ्टी 25,300 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। कुल मिलाकर बाजार में ब्रॉड-बेस्ड रैली देखी गई, जिसमें मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1% से ज्यादा चढ़े।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस
मेटल सेक्टर सबसे आगे रहा, जिसमें Tata Steel, JSW Steel जैसे स्टॉक्स ने जोरदार तेजी दिखाई। फार्मा सेक्टर में Dr Reddy’s Laboratories ने 5% की छलांग लगाई। रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट में Waaree Energies ने 9% से ज्यादा का उछाल दर्ज किया। बैंकिंग सेक्टर मिक्स्ड रहा—प्राइवेट बैंक मजबूत, जबकि कुछ PSU बैंक दबाव में रहे।
टॉप गेनर्स
आज के सत्र में कई स्टॉक्स ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। प्रमुख गेनर्स इस प्रकार रहे:
- Waaree Energies (+9.21%): मजबूत Q3 नतीजों और सोलर सेक्टर में बढ़ते ऑर्डर्स के चलते शेयर में भारी खरीदारी।
- Dr Reddy’s Laboratories (+5% के करीब): तिमाही नतीजों में उम्मीद से बेहतर परफॉर्मेंस, खासकर जेनेरिक दवाओं की सेल्स में ग्रोथ।
- Bharat Electronics Ltd (BEL) (+4%): डिफेंस सेक्टर में नए ऑर्डर्स और गवर्नमेंट पुश के कारण।
- Tata Steel (+3%): ग्लोबल स्टील प्राइस में सुधार और घरेलू डिमांड बढ़ने की उम्मीद।
- अडानी ग्रुप स्टॉक्स: Adani Total Gas, Adani Ports में भी 3-5% की तेजी।
इसके अलावा Schneider Electric Infrastructure, Minda Corporation और कुछ अन्य मिडकैप स्टॉक्स ने भी लिमिट तक की तेजी दिखाई।
टॉप लूजर्स
कुछ स्टॉक्स पर दबाव बना रहा, खासकर इंश्योरेंस और कंज्यूमर गुड्स सेगमेंट में:
- Eternal Ltd: सबसे ज्यादा गिरावट, कंपनी स्पेसिफिक वजहों से।
- SBI Life Insurance: प्रीमियम ग्रोथ में चिंता और सेक्टरल प्रेशर।
- HDFC Bank: मामूली गिरावट, लेकिन वॉल्यूम में दबाव।
- Titan Company: ज्वेलरी डिमांड में स्लोडाउन की आशंका।
- अन्य: कुछ IT और FMCG स्टॉक्स में भी हल्की बिकवाली।
कुल मिलाकर लूजर्स की संख्या सीमित रही, जिससे बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना रहा।
बाजार को सपोर्ट देने वाले प्रमुख कारण
ग्लोबल क्यूज पॉजिटिव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड टैरिफ पर नरम बयान ने ग्लोबल मार्केट में राहत की लहर दौड़ाई। एशियाई और यूरोपीय मार्केट्स हरे निशान में बंद हुए, जिसका पॉजिटिव असर भारतीय बाजार पर पड़ा। अमेरिकी फ्यूचर्स भी मजबूत रहे।
Q3 रिजल्ट्स का असर
कई कंपनियों के तिमाही नतीजों ने बाजार को बूस्ट दिया:
- Infosys: रेवेन्यू में 9% ग्रोथ, हालांकि प्रॉफिट में हल्की गिरावट।
- Adani Total Gas: 5 तिमाही बाद पहली बार प्रॉफिट बढ़ा, CNG सेल्स में मजबूत ग्रोथ।
- DLF: प्रॉफिट में इजाफा और डेब्ट जीरो होने की घोषणा।
- Waaree Energies: रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और एक्सपोर्ट ग्रोथ।
इन नतीजों ने संबंधित सेक्टर्स को सपोर्ट दिया।
अन्य महत्वपूर्ण खबरें
- भारत अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा ओवरसीज टूरिस्ट सोर्स बना (+40% ग्रोथ)।
- Apple ने CCI की पेनल्टी को दिल्ली HC में चैलेंज किया।
- दावोस समिट में भारत के IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने AI में $100 बिलियन इन्वेस्टमेंट की उम्मीद जताई।
आगे की दृष्टि और निवेशकों के लिए सलाह
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह रिकवरी सस्टेनेबल हो सकती है, बशर्ते ग्लोबल ट्रेड टेंशन कम रहें और कॉर्पोरेट अर्निंग्स मजबूत बने रहें। कल के सत्र में कुछ और बड़े Q3 रिजल्ट्स आने हैं, जिन पर नजर रहेगी। मेटल, फार्मा और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में चुनिंदा स्टॉक्स पर लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए अच्छा मौका दिख रहा है।
हालांकि, शॉर्ट टर्म में वोलेटिलिटी बनी रह सकती है। निवेशकों को सपोर्ट लेवल्स (सेंसेक्स 81,500 और निफ्टी 25,000) पर नजर रखनी चाहिए। कुल मिलाकर, आज की क्लोजिंग ने निवेशकों में कॉन्फिडेंस लौटाया है और आने वाले सत्रों में 83,000 (सेंसेक्स) और 25,500 (निफ्टी) के लेवल टेस्ट होने की संभावना है।
यह रिकवरी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है, जहां घरेलू डिमांड और गवर्नमेंट इनिशिएटिव्स बाजार को सपोर्ट दे रहे हैं। निवेशक रिस्क मैनेजमेंट के साथ पोजीशंस बनाएं।
Sources: NSE वेबसाइट, BSE वेबसाइट