Decline in the stock marketDecline in the stock market

2 मार्च 2026, Stock Market में गिरावट: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट देखी गई, जिसमें BSE Sensex 1,048 पॉइंट्स (1.29%) गिरकर 80,238.85 पर बंद हुआ और Nifty 50 313 पॉइंट्स (1.24%) गिरकर 24,865.70 पर पहुंच गया। यह Sensex का छह महीने का निचला स्तर और Nifty का एक महीने का निचला स्तर है। बाजार में करीब 6-8 लाख करोड़ रुपये की निवेशक संपत्ति एक दिन में गायब हो गई। मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध है, जिसने क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल ला दिया और निवेशकों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ा दी।

युद्ध का बाजार पर सीधा असर

अमेरिका और इज़रायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने जवाबी हमले शुरू किए, जिससे संघर्ष तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को प्रभावित किया, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। भारत 85% से ज्यादा तेल आयात करता है, इसलिए यह सीधा असर पड़ रहा है।

  • क्रूड ऑयल में उछाल: ब्रेंट क्रूड की कीमतें 8-10% बढ़कर $79-80 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं। यह 14 महीने का उच्चतम स्तर है। गल्फ में टैंकरों पर हमले और शिपिंग रूट्स बाधित होने से सप्लाई चेन खतरे में है।
  • ग्लोबल मार्केट्स में बिकवाली: अमेरिकी फ्यूचर्स 1% से ज्यादा गिरे, यूरोपीय और एशियाई बाजार भी लाल निशान में। निवेशक सुरक्षित संपत्तियों जैसे गोल्ड, यूएस डॉलर और बॉन्ड्स की ओर भागे।

भारतीय बाजार में यह गिरावट ग्लोबल सेंटिमेंट से जुड़ी है। FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशक) ने भारी बिकवाली की, जबकि DIIs (घरेलू संस्थागत निवेशक) ने कुछ सपोर्ट दिया लेकिन पर्याप्त नहीं था।

सेक्टोरल प्रभाव और प्रमुख गिरावट

  • तेल और गैस सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित: ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs जैसे BPCL, HPCL, IOCL) में 2-3% गिरावट, क्योंकि इनपुट कॉस्ट बढ़ने से मार्जिन दबाव में। हालांकि, upstream कंपनियां जैसे ONGC और Oil India में मामूली तेजी, क्योंकि बेहतर रियलाइजेशन।
  • ऑटो, टायर्स, पेंट्स और केमिकल्स: इनपुट कॉस्ट बढ़ने से ये सेक्टर 1.5-2.5% गिरे।
  • एविएशन और ट्रांसपोर्ट: जेट फ्यूल महंगा होने से एयरलाइंस शेयरों में दबाव।
  • बैंकिंग और फाइनेंशियल: उच्च बॉन्ड यील्ड और महंगाई की चिंता से गिरावट।
  • डिफेंस और कुछ अन्य: HAL, BEL जैसे डिफेंस स्टॉक्स में तेजी, क्योंकि युद्ध से सरकारी ऑर्डर्स बढ़ने की उम्मीद।

India VIX (वोलेटिलिटी इंडेक्स) 7-20% तक उछला, जो निवेशकों में डर का संकेत है। रुपया डॉलर के मुकाबले 0.3% गिरकर 91.2350 के आसपास पहुंचा, जो एक महीने का निचला स्तर है।

विशेषज्ञों की राय और आगे का रिस्क

विश्लेषकों का कहना है कि अगर युद्ध लंबा चला तो महंगाई बढ़ेगी, RBI की ब्याज दर नीति प्रभावित होगी, और आर्थिक विकास पर असर पड़ेगा। Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट VK Vijayakumar ने कहा, “वेस्ट एशिया युद्ध अनिश्चितता ला रहा है। क्रूड $100 तक जा सकता है, जो भारत के लिए बड़ा झटका होगा।”

AllianzGI और अन्य ग्लोबल एनालिस्ट्स का मानना है कि बाजार में शॉर्ट-टर्म सेलऑफ हो सकता है, लेकिन अगर संघर्ष कंटेनड रहा तो रिकवरी जल्दी हो सकती है। हालांकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की धमकी से $100+ क्रूड का खतरा बना हुआ है।

निवेशकों के लिए सलाह

  • शॉर्ट-टर्म में रिस्क-ऑफ मोड में रहें, कैश होल्ड करें।
  • गोल्ड, डिफेंस और upstream ऑयल स्टॉक्स में अवसर।
  • लॉन्ग-टर्म निवेशक डिप में अच्छे फंडामेंटल स्टॉक्स खरीद सकते हैं।
  • युद्ध की स्थिति पर नजर रखें – अगर डी-एस्केलेशन हुआ तो रिकवरी तेज होगी।

यह गिरावट सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि युद्ध की लंबी छाया है। बाजार अगले कुछ दिनों में वोलेटाइल रहेगा। अपडेट्स के लिए NSE/BSE या विश्वसनीय न्यूज़ स्रोत चेक करते रहें।

Sources: BSE वेबसाइट, NSE वेबसाइट

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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