11 जनवरी 2026, Rourkela में छोटे विमान की क्रैश लैंडिंग: ओडिशा के Rourkela के पास 10 जनवरी 2026 को एक नौ-सीटर छोटा विमान इंडिया वन एयर का आपातकालीन क्रैश लैंडिंग हुई, जिसमें छह लोग घायल हो गए। यह विमान रनवे से लगभग 10-20 किलोमीटर दूर जलदा इलाके में उतरा, जहां यह दुर्घटना हुई। विमान में दो पायलट और चार यात्री सवार थे, और सभी घायल हो गए, लेकिन किसी की मौत नहीं हुई। यह घटना दोपहर के समय हुई, जब विमान ने मेडे (MAYDAY) घोषित किया था, जो विमानन में आपात स्थिति का संकेत होता है।
इंडिया वन एयर एक निजी एयरलाइन है, जो मुख्य रूप से क्षेत्रीय उड़ानें संचालित करती है। विमान एक Cessna 208B ग्रैंड कैरावन था, जो छोटे हवाई अड्डों के लिए उपयुक्त है। राउरकेला हवाई अड्डा स्टील सिटी के रूप में जाना जाता है, और यहां से झारसुगुड़ा, भुवनेश्वर जैसी जगहों के लिए उड़ानें चलती हैं। घटना के समय विमान राउरकेला से उड़ान भर रहा था या लैंडिंग कर रहा था, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट्स में कहा गया है कि तकनीकी खराबी के कारण क्रैश लैंडिंग करनी पड़ी। यह घटना ओडिशा में विमानन सुरक्षा पर सवाल उठाती है, खासकर छोटे विमानों की मेंटेनेंस और मौसम की स्थिति को लेकर।
विमानन इतिहास में ऐसी घटनाएं
भारत में छोटे विमानों की दुर्घटनाएं असामान्य नहीं हैं। 2020 से अब तक कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जहां इंजन फेलियर या मौसम के कारण क्रैश लैंडिंग हुई। AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) ऐसी घटनाओं की जांच करता है, जो DGCA (Directorate General of Civil Aviation) के अधीन है। राउरकेला इलाके में घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र होने से लैंडिंग चुनौतीपूर्ण होती है, जो इस दुर्घटना का एक कारण हो सकता है।
दुर्घटना के विवरण
विमान ने Rourkela हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही मिनटों में तकनीकी समस्या आ गई। पायलट ने कंट्रोल टावर को मेडे अलर्ट दिया, और आपात लैंडिंग की कोशिश की। विमान जलदा के पास एक खुले मैदान में उतरा, जहां नाक के बल गिरने से फ्यूजलेज को मामूली नुकसान पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान नीचे आते समय लड़खड़ा रहा था, और लैंडिंग के बाद धुआं निकल रहा था। पायलट और को-पायलट जीवित हैं, लेकिन एक पायलट को गंभीर चोटें आई हैं। विमान में कोई आग नहीं लगी, जो एक राहत की बात है।
दुर्घटना स्थल Rourkela से करीब 15 किमी दूर है, जहां स्थानीय लोग पहले पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने तुरंत पहुंचकर घायलों को निकाला। विमान के अंदर से यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन सभी को चोटें आईं, जैसे फ्रैक्चर, सिर की चोट और शॉक।
तकनीकी कारणों की संभावना
प्रारंभिक जांच में इंजन फेलियर या ईंधन समस्या का संदेह है। मौसम साफ था, इसलिए मौसम को कारण नहीं माना जा रहा। DGCA ने कहा कि विमान की मेंटेनेंस रिकॉर्ड जांचे जाएंगे। इंडिया वन एयर ने बयान जारी कर कहा कि वे जांच में सहयोग करेंगे और यात्रियों की मदद करेंगे।
घायलों की स्थिति और बचाव कार्य
छह घायलों में दो पायलट और चार यात्री शामिल हैं। दो यात्रियों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें मुंबई एयरलिफ्ट किया गया। एक यात्री वेंटिलेटर पर है, जबकि अन्य स्थिर हैं। घायलों को पहले Rourkela के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में, दो को बेहतर इलाज के लिए मुंबई भेजा गया। बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और मेडिकल टीमों ने तेजी दिखाई, जिससे जान बचाई जा सकी।
यात्रियों में एक परिवार शामिल था, जो छुट्टी से लौट रहा था। उनके नाम अभी गोपनीय रखे गए हैं, लेकिन परिवारों को सूचित कर दिया गया है। इंडिया वन एयर ने घायलों के इलाज का खर्च उठाने का वादा किया है।
मेडिकल रिस्पॉन्स
Rourkela जनरल अस्पताल में इमरजेंसी टीम ने घायलों का इलाज किया। डॉक्टरों ने कहा कि चोटें गंभीर हैं लेकिन जानलेवा नहीं। एयरलिफ्ट के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया, जो DGCA के सहयोग से हुआ।
जांच और सरकारी प्रतिक्रिया
AAIB ने जांच शुरू कर दी है, जो घटना की विस्तृत जांच करेगी। DGCA ने कहा कि AAIB टीम दुर्घटना स्थल पर पहुंच गई है और ब्लैक बॉक्स की जांच करेगी। जांच में पायलटों के बयान, विमान के रिकॉर्ड और मौसम डेटा शामिल होंगे। रिपोर्ट कुछ हफ्तों में आने की उम्मीद है।
ओडिशा सरकार ने घटना पर चिंता जताई और जांच में सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। विमानन मंत्री ने संसद में बयान दिया कि छोटे विमानों की सुरक्षा पर नए दिशानिर्देश लाए जाएंगे।
जांच की प्रक्रिया
AAIB की टीम ने साइट का निरीक्षण किया, जहां विमान के पार्ट्स एकत्र किए गए। पायलटों से पूछताछ जारी है। यदि लापरवाही पाई गई, तो एयरलाइन पर कार्रवाई हो सकती है।
प्रभाव और भविष्य की सावधानियां
यह घटना क्षेत्रीय विमानन पर असर डाल सकती है, जहां यात्री अब सुरक्षा को लेकर चिंतित होंगे। इंडिया वन एयर की उड़ानें अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे विमानों में नियमित मेंटेनेंस जरूरी है।
विमानन उद्योग में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की जरूरत है, खासकर ग्रामीण इलाकों में। यह घटना सबक है कि आपात स्थिति में पायलटों की ट्रेनिंग महत्वपूर्ण है।
सामाजिक प्रभाव
स्थानीय समुदाय ने मदद की, जो मानवीयता का उदाहरण है। सोशल मीडिया पर घटना वायरल हो गई, जहां लोग सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
निष्कर्ष
Rourkela क्रैश लैंडिंग में 6 घायल हुए, और AAIB जांच कर रहा है। यह घटना विमानन सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करती है। घायलों का इलाज जारी है, और जांच से सच्चाई सामने आएगी।
Sources: आज तक, दैनिक जागरण