Decline in the share marketDecline in the share market

30 जनवरी 2026, Share Market में गिरावट: अंतरिम बजट पेश होने से एक दिन पहले भारतीय शेयर बाजार में मुनाफावसूली का दबाव हावी रहा। निवेशकों ने अपनी पोजीशंस को हल्का किया, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 296.59 अंक या 0.36% की गिरावट के साथ 82,269.78 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 98.25 अंक या 0.39% टूटकर 25,320.65 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखा गया, लेकिन अंत में बिकवाली का दबाव बढ़ गया। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट से पहले अनिश्चितता और ग्लोबल संकेतों ने निवेशकों को सतर्क बना दिया।

बाजार का समग्र प्रदर्शन

आज का कारोबार शुरुआत में सकारात्मक रहा। सेंसेक्स ने 82,600 के ऊपर ओपनिंग की और दिन के उच्चतम स्तर 82,750 तक पहुंचा। हालांकि, दोपहर के सत्र में मुनाफावसूली शुरू हो गई और इंडेक्स नीचे खिसकता चला गया। निफ्टी ने भी 25,450 के स्तर से शुरुआत की, लेकिन अंत में 25,320 पर बंद हुआ। दिन के निचले स्तर पर सेंसेक्स 82,200 और निफ्टी 25,280 तक फिसला था।

बाजार की चौड़ाई नकारात्मक रही। बीएसई पर करीब 3,900 शेयर्स में कारोबार हुआ, जिसमें से 2,200 से अधिक लाल निशान में बंद हुए, जबकि सिर्फ 1,500 हरे निशान में रहे। एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 0.68 रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई—निफ्टी मिडकैप 100 में 0.25% और स्मॉलकैप 100 में 0.40% की कमी आई। कुल टर्नओवर 4.5 लाख करोड़ रुपये रहा, जो औसत से थोड़ा कम है, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।

वॉल्यूम के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े शेयर्स में सबसे ज्यादा कारोबार हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने जनवरी में अब तक नेट बिकवाली की है, जो आज भी जारी रही। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने कुछ सहारा दिया, लेकिन वह पर्याप्त नहीं था।

गिरावट के प्रमुख कारण

  1. बजट से पहले अनिश्चितता: कल पेश होने वाले अंतरिम बजट में बड़े ऐलानों की उम्मीद कम है। वित्त मंत्री से कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाने और टैक्स राहत के संकेतों की प्रतीक्षा है, लेकिन मध्यम वर्ग को बड़ी राहत न मिलने की आशंका से निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं।
  2. ग्लोबल संकेत मिश्रित: अमेरिकी बाजारों में कल मामूली गिरावट रही। फेड की ब्याज दरें स्थिर रखने के फैसले से डॉलर मजबूत हुआ, जिससे एशियाई बाजारों पर दबाव पड़ा। जापान और हांगकांग के बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई।
  3. सेक्टर स्पेसिफिक दबाव: आईटी और बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली बढ़ी। आईटी कंपनियों के कमजोर ग्लोबल ऑर्डर्स और बैंकिंग में एनपीए चिंता ने असर डाला।
  4. तकनीकी फैक्टर्स: सेंसेक्स अपने 50-दिन के मूविंग एवरेज के करीब है, जिससे शॉर्ट-टर्म करेक्शन की आशंका बनी हुई है।

सेक्टरवार प्रदर्शन

  • सबसे ज्यादा गिरावट: आईटी (-1.2%), बैंकिंग (-0.9%), ऑटो (-0.8%), रियल्टी (-0.7%)
  • स्थिर या मजबूत: एफएमसीजी (+0.5%), फार्मा (+0.3%), मेटल्स (+0.2%) डिफेंसिव सेक्टरों में चुनिंदा खरीदारी देखी गई, जबकि साइक्लिकल सेक्टरों में बिकवाली हावी रही।

टॉप गेनर्स (निफ्टी/सेंसेक्स)

गिरते बाजार में कुछ शेयर्स ने मजबूती दिखाई:

  1. हिंदुस्तान यूनिलीवर (+1.8%): मजबूत कंज्यूमर डिमांड और अच्छे नतीजों से।
  2. नेस्ले इंडिया (+1.5%): एफएमसीजी सेक्टर में सुरक्षित निवेश।
  3. सन फार्मा (+1.2%): निर्यात में बढ़ोतरी और डॉलर मजबूती।
  4. भारती एयरटेल (+1.0%): टैरिफ हाइक की उम्मीद।
  5. आईटीसी (+0.8%): डाइवर्सिफाइड बिजनेस से स्थिरता।

टॉप लूजर्स (निफ्टी/सेंसेक्स)

बिकवाली का सबसे ज्यादा असर बड़े शेयर्स पर पड़ा:

  1. इंफोसिस (-2.1%): ग्लोबल आईटी स्पेंडिंग में कमी की आशंका।
  2. टीसीएस (-1.9%): कमजोर गाइडेंस।
  3. एचडीएnएफसी बैंक (-1.7%): लोन ग्रोथ में सुस्ती।
  4. रिलायंस इंडस्ट्रीज (-1.4%): रिफाइनिंग मार्जिन पर दबाव।
  5. टाटा मोटर्स (-1.5%): ऑटो सेल्स में गिरावट।
  6. बजाज फाइनेंस (-1.3%): हाई इंटरेस्ट रेट का असर।
  7. एक्सिस बैंक (-1.2%): क्वार्टरली नतीजे उम्मीद से कम।
  8. मारुति सुजुकी (-1.0%): डिमांड में कमी।
  9. कोटक बैंक (-0.9%): बैंकिंग सेक्टर दबाव।
  10. एशियन पेंट्स (-0.8%): कच्चे माल की कीमतें।

आगे की दिशा और विशेषज्ञ राय

विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी है और बजट के बाद बाजार में रिकवरी आ सकती है। यदि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर स्पेंडिंग को बूस्ट देने वाले ऐलान हुए, तो सेंसेक्स 83,000 और निफ्टी 25,500 के स्तर को छू सकता है। हालांकि, ग्लोबल अनिश्चितता और आरबीआई की मौद्रिक नीति पर नजर रहेगी। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह डिप खरीदारी का मौका हो सकता है, विशेष रूप से ब्लूचिप शेयर्स में।

कुल मिलाकर, आज का सत्र सतर्कता भरा रहा। निवेशकों को बजट के बाद की प्रतिक्रिया पर नजर रखनी चाहिए। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स वोलेटिलिटी से बचें और क्वालिटी स्टॉक्स पर फोकस करें।

Sources: मनी कंट्रोल

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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