14 फरवरी 2026, Nitish Kumar के बेटे निशांत पर गंभीर आरोप लगाने वाले पूर्व IPS अमिताभ दास पर कार्रवाई: बिहार की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। पटना पुलिस ने पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ कुमार दास को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर पटना में एक NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पर गंभीर आरोप लगाने और अफवाह फैलाने का मामला दर्ज हुआ है। पुलिस ने उनके घर पर छापेमारी की और गिरफ्तारी के बाद पूछताछ जारी है। यह कार्रवाई सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस का कारण बन गई है।
घटना का विवरण और पुलिस कार्रवाई
पटना के एक हॉस्टल में NEET तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत के मामले में पूर्व IPS अमिताभ दास ने सोशल मीडिया और मीडिया में बयान देकर निशांत कुमार का नाम जोड़ा। दास ने दावा किया कि इस मौत के पीछे गहरे राज़ हैं और निशांत इसमें शामिल हो सकते हैं। ये बयान वायरल होने के बाद JD(U) ने इसे आधारहीन और मानहानिकारक बताया।
पार्टी की शिकायत पर सचिवालय थाने में FIR दर्ज की गई। FIR में मानहानि, अफवाह फैलाने और नाबालिग की निजता भंग करने जैसी धाराएं लगाई गईं। 13 फरवरी को पुलिस ने अमिताभ दास के घर छापा मारा, उनके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए और गिरफ्तारी कर ली। पटना पुलिस ने बताया कि दास ने भ्रामक और उत्तेजक पोस्ट साझा किए थे।
अमिताभ दास की पृष्ठभूमि और पुराने विवाद
अमिताभ कुमार दास बिहार कैडर के 1994 बैच के सेवानिवृत्त IPS अधिकारी हैं। उनकी छवि हमेशा विवादों से घिरी रही है। पहले भी उन्होंने कई बड़े नेताओं पर आरोप लगाए हैं। 2024-25 में निशांत कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाया था, जिस पर भी मानहानि का केस हुआ था।
दास ने तेज प्रताप यादव और अन्य नेताओं से भी विवाद किए हैं। JD(U) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा, “अमिताभ दास मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं लगते। निशांत कुमार पर कभी किसी ने उंगली नहीं उठाई। ये आरोप राजनीतिक साजिश हैं।” तिवारी ने दास के बयानों को प्रलाप बताया
निशांत कुमार कौन हैं?
निशांत कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते बेटे हैं। वे इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं और दिल्ली में रहते हैं। राजनीति से दूर रहने वाले निशांत पर पहले भी कुछ आरोप लगे हैं, लेकिन वे कभी साबित नहीं हुए। नीतीश कुमार हमेशा कहते हैं कि उनका बेटा राजनीति में नहीं आएगा।
इस मामले में निशांत का नाम आने से परिवारवाद और पारदर्शिता के मुद्दे फिर गरमाए हैं। JD(U) ने इसे व्यक्तिगत हमला बताया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विपक्ष का रुख
विपक्षी दल RJD और कांग्रेस ने गिरफ्तारी को सत्ता का दुरुपयोग बताया। उनके नेताओं ने कहा कि NEET छात्रा की मौत में कई सवाल अनुत्तरित हैं और पूर्व IPS के सवालों को दबाया जा रहा है। RJD प्रवक्ता ने लोकतंत्र पर हमला बताया।
दूसरी तरफ सत्ता पक्ष ने इसे कानूनी कार्रवाई कहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभी कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन पार्टी इसे आधारहीन आरोपों से छवि खराब करने की साजिश बता रही है।
आगे की संभावनाएं
अमिताभ दास पुलिस हिरासत में हैं और जांच जारी है। कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल हो सकती है। यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, खासकर अगर CBI जांच की मांग उठी। बिहार की जनता इस पूरे प्रकरण पर नजर रखे हुई है।
यह घटना एक बार फिर सत्ता और पूर्व अधिकारियों के बीच टकराव को उजागर करती है। आधारहीन आरोपों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाना चुनौती बना हुआ है।
Sources: नव भारत टाइम्स