28 जनवरी 2026, Sensex 487 अंक उछला, NIFTY 25,300 के पार बंद: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन शानदार प्रदर्शन किया। सेंसेक्स 487.20 अंकों (0.60%) की बढ़त के साथ 82,344.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 167.35 अंकों (0.66%) की तेजी के साथ 25,342.75 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में यह उत्साह मुख्य रूप से भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की प्रगति और आगामी बजट से पहले सकारात्मक माहौल के कारण देखा गया। निवेशकों का मानना है कि यह समझौता भारतीय निर्यात, विशेषकर डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और मेटल सेक्टर को बड़ा बूस्ट देगा।
बाजार की इस तेजी में घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs और DIIs) की मजबूत खरीदारी का भी बड़ा योगदान रहा। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 82,500 के स्तर को छुआ, जबकि निफ्टी ने 25,400 के करीब पहुंचकर नया मनोवैज्ञानिक स्तर हासिल करने की कोशिश की। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने भी बाजार को सपोर्ट किया, जहां मिडकैप इंडेक्स 1.2% और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.5% तक चढ़ा।
भारत-ईयू FTA: बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर
दिन की सबसे बड़ी खबर भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में हो रही तेज प्रगति रही। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद समझौते के प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बन रही है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को यूरोप के 27 देशों में शुल्क-मुक्त या कम शुल्क वाली पहुंच मिलेगी, जिससे ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फार्मा और आईटी सेक्टर को फायदा होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था को सालाना 20-30 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त निर्यात बढ़ावा दे सकता है।
इस खबर से डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े स्टॉक्स में जबरदस्त तेजी देखी गई। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) 9% तक चढ़ा, जबकि ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) में 8% की बढ़त दर्ज की गई। मेटल सेक्टर भी चमका, जहां हिंदुस्तान कॉपर 13% तक उछला। ऑयल एंड गैस इंडेक्स ने 3% और मेटल इंडेक्स ने 2% की छलांग लगाई। निवेशकों का मानना है कि ईयू के साथ मजबूत व्यापारिक रिश्ते भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति देंगे।
सेक्टरवार प्रदर्शन और टॉप गेनर्स-लूजर्स
सेक्टरवार देखें तो ऊर्जा, मेटल और रियल्टी सेक्टर लीडर रहे। रियल्टी इंडेक्स 2.5% चढ़ा, क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में विदेशी निवेश की उम्मीद बढ़ी है। आईटी और फार्मा सेक्टर में भी हल्की खरीदारी देखी गई, हालांकि ये सेक्टर फ्लैट रहे। दूसरी ओर, कुछ कंज्यूमर गुड्स और पेंट सेक्टर में दबाव रहा। एशियन पेंट्स 4% से ज्यादा टूटा, क्योंकि कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और कमजोर डिमांड की चिंता बनी रही। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स भी लूजर लिस्ट में रहा।
टॉप गेनर्स में BEL, ONGC, हिंदुस्तान कॉपर के अलावा कोल इंडिया, पावर ग्रिड और अदाणी पोर्ट्स शामिल रहे। लूजर्स में एशियन पेंट्स के साथ नेस्ले इंडिया और ब्रिटानिया भी रहे। कुल मिलाकर, BSE पर 2,200 से ज्यादा स्टॉक्स हरे निशान में बंद हुए, जबकि 1,300 लाल निशान में रहे।
ग्लोबल संकेत और बजट से पहले का माहौल
ग्लोबल मार्केट से भी सकारात्मक संकेत मिले। अमेरिकी बाजारों में टेक स्टॉक्स की रिकवरी और यूरोपीय बाजारों में स्थिरता ने भारतीय निवेशकों का कॉन्फिडेंस बढ़ाया। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग भी हरे निशान में बंद हुए। क्रूड ऑयल की कीमतों में स्थिरता और डॉलर इंडेक्स में नरमी ने भी भारतीय बाजार को सपोर्ट किया।
आगामी 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले निवेशक सतर्क लेकिन आशावादी हैं। बाजार को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को बढ़ावा देने वाले उपायों की घोषणा करेंगी। टैक्स स्लैब में राहत, कैपिटल एक्सपेंडिचर में बढ़ोतरी और MSME सेक्टर के लिए पैकेज की उम्मीदें बाजार को ऊपर रख रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बजट ग्रोथ-ओरिएंटेड रहा तो निफ्टी जल्द ही 26,000 के स्तर को छू सकता है।
आगे की राह और विशेषज्ञ राय
विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल बाजार में तेजी का ट्रेंड बरकरार रहेगा। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसार, “भारत-ईयू FTA और बजट से पहले का पॉजिटिव सेंटिमेंट बाजार को 82,000-83,000 के दायरे में रखेगा।” वहीं, कुछ सतर्कता भी जरूरी है, क्योंकि ग्लोबल स्तर पर अमेरिकी फेड की ब्याज दर नीति और भू-राजनीतिक तनाव अनिश्चितता पैदा कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, आज का कारोबार निवेशकों के लिए राहत भरा रहा। FIIs की लगातार खरीदारी और DIIs का सपोर्ट बाजार को मजबूती दे रहा है। यदि कल बजट सत्र शुरू होने पर सकारात्मक खबरें आईं, तो बाजार नई ऊंचाई छू सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे डिफेंस, इंफ्रा और मेटल सेक्टर पर फोकस रखें, लेकिन रिस्क मैनेजमेंट का ध्यान रखें।
यह तेजी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती साख को दर्शाती है। उम्मीद है कि आने वाले दिन और बेहतर प्रदर्शन लेकर आएंगे।
Sources: मनी कंट्रोल