12 फरवरी 2026 Sensex 559 अंक गिरकर 83,675 पर बंद, निफ्टी 25,807 पर: भारतीय शेयर बाजार में आज गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। लगातार चार दिन की तेजी के बाद बेंचमार्क इंडेक्स में बिकवाली का दबाव देखा गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 558.72 अंक या 0.66 प्रतिशत लुढ़ककर 83,674.92 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स 146.65 अंक या 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,807.20 पर बंद हुआ।
बाजार की इस गिरावट से निवेशकों की करीब 3 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 84,061.62 के उच्च स्तर को छुआ, लेकिन बिकवाली के दबाव में यह लगातार नीचे आता गया। इसी तरह निफ्टी ने भी 25,953 के आसपास उच्च स्तर बनाया, लेकिन बंद होने तक 25,800 के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी बचाने में सफल रहा।
गिरावट का मुख्य कारण: IT सेक्टर में भारी बिकवाली
आज की गिरावट का मुख्य कारण आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली रहा। निवेशकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण होने वाले डिसरप्शन और कमजोर ग्लोबल डिमांड को लेकर चिंता बढ़ गई है। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 5 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख आईटी कंपनियों जैसे टेक महिंद्रा (6% गिरावट), एचसीएल टेक (5%), इंफोसिस, टीसीएस और विप्रो में भारी बिकवाली देखी गई।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी बाजारों में कमजोर संकेत और AI के बढ़ते प्रभाव से आईटी कंपनियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। इसके अलावा, ग्लोबल स्तर पर टेक सेक्टर में चल रही अनिश्चितता का असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी पड़ा।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस
- आईटी इंडेक्स: सबसे ज्यादा नुकसान, 4-5% तक गिरावट।
- रियल्टी और मीडिया: इन सेक्टर्स में भी दबाव रहा।
- बैंकिंग और फाइनेंशियल: मध्यम गिरावट, लेकिन कुछ PSU बैंक शेयरों में खरीदारी।
- ऑटो और FMCG: मिश्रित प्रदर्शन, कुछ शेयरों में हल्की तेजी।
निफ्टी में टॉप लूजर्स में टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस रहे। वहीं, कुछ गेनर्स में कोल इंडिया, ONGC और पावर ग्रिड जैसे PSU शेयर रहे, जो ऊर्जा सेक्टर की मजबूती से लाभान्वित हुए।
ग्लोबल संकेत और अन्य फैक्टर्स
ग्लोबल बाजारों में मिश्रित संकेत रहे। अमेरिकी बाजारों में कल की गिरावट का असर भारतीय बाजार पर पड़ा। यूएस में इंफ्लेशन डेटा और फेड रिजर्व की नीतियों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। एशियाई बाजारों में भी ज्यादातर इंडेक्स लाल निशान में रहे। गिफ्ट निफ्टी ने सुबह फ्लैट ओपनिंग का संकेत दिया था, लेकिन आईटी सेक्टर की बिकवाली ने बाजार को नीचे खींच लिया।
इसके अलावा, इंडिया VIX (फियर इंडेक्स) में 1.53% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बाजार में अस्थिरता का संकेत देता है।
मिडकैप और स्मॉलकैप का हाल
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी दबाव में रहे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.5-1% की गिरावट देखी गई। हालांकि, कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी रही। कुल मिलाकर, बाजार ब्रेड्थ नेगेटिव रहा, जहां अधिकांश शेयर लाल निशान में बंद हुए।
आगे की संभावनाएं
विश्लेषकों का मानना है कि अल्पकालिक रूप से बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। आईटी सेक्टर पर दबाव बना रहेगा, लेकिन अन्य सेक्टर्स जैसे बैंकिंग, इंफ्रा और एनर्जी में चुनिंदा अवसर दिख सकते हैं। आने वाले दिनों में Q3 रिजल्ट्स, ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा और बजट के बाद की नीतियों पर नजर रहेगी।
फरवरी महीने में अब तक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 2.5% की तेजी दर्ज की गई है, जो ट्रेड डील और निवेशक सेंटीमेंट में सुधार से आई थी। लेकिन आज की गिरावट ने चार दिन की रैली को ब्रेक लगा दिया।
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह डिप खरीदारी का अवसर हो सकता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में सतर्कता बरतने की सलाह है। विशेषज्ञों का कहना है कि 25,800 निफ्टी का महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल है, जिसके नीचे गिरावट बढ़ सकती है।
आज का कारोबार आईटी सेक्टर की कमजोरी से प्रभावित रहा। निवेशकों को सेक्टर स्पेसिफिक रिस्क पर नजर रखनी चाहिए। आने वाले सत्रों में ग्लोबल क्यूज और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे। कुल मिलाकर, बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, और निवेशकों को सतर्क रहकर निर्णय लेने की जरूरत है।
Sources: NSE वेबसाइट, BSE वेबसाइट