6 मार्च 2026, Sensex 1,097 अंक टूटा, NIFTY 24,450 के नीचे बंद: भारतीय शेयर बाजार आज भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से ईरान-इजराइल संघर्ष और अमेरिका की भागीदारी के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिसने निवेशकों का जोखिम भूख कम कर दिया। ब्रेंट क्रूड ऑयल $87-90 प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया, जो कई महीनों का उच्च स्तर है। इससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश में इन्फ्लेशन और करेंट अकाउंट डेफिसिट का डर बढ़ा, जिसके चलते बाजार में भारी बिकवाली देखी गई।
बाजार का समापन स्तर
- बीएसई सेंसेक्स: 1,097 अंक (1.37%) की गिरावट के साथ 78,918.90 पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 1,203 अंकों तक नीचे गया था।
- एनएसई निफ्टी: 315 अंक (1.27%) नीचे 24,450.45 पर बंद हुआ। सप्ताह भर में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 3% की गिरावट दर्ज की गई, जो दिसंबर 2024 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है।
गिरावट के प्रमुख कारण
- भू-राजनीतिक तनाव: ईरान-इजराइल संघर्ष सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों ने तनाव बढ़ाया, जिससे ऑयल सप्लाई चेन में खतरा मंडराया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर जाने वाली 20% वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
- क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल: ब्रेंट क्रूड 5-6% तक बढ़कर $90 के करीब पहुंचा, जो अप्रैल 2024 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। इससे भारत में पेट्रोल-डीजल कीमतें बढ़ने और इन्फ्लेशन का दबाव बढ़ सकता है।
- एफआईआई बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने आज ₹6,000 करोड़ से अधिक की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹7,000 करोड़ के करीब खरीदारी की, लेकिन यह गिरावट रोकने में नाकाफी रही।
- सेक्टोरल दबाव: बैंकिंग, फाइनेंशियल, ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में भारी गिरावट रही। निफ्टी बैंक इंडेक्स में 2% से अधिक की गिरावट देखी गई।
- ग्लोबल संकेत: एशियाई और यूरोपीय बाजारों में भी कमजोरी रही, जबकि अमेरिकी बाजारों में मिश्रित रुख था। भारत VIX (वोलेटिलिटी इंडेक्स) 11% से अधिक बढ़कर 19.88 पर पहुंच गया, जो बाजार में अनिश्चितता दर्शाता है।
टॉप गेनर्स (Nifty/Sensex पैक में प्रमुख)
कुछ स्टॉक्स ने बाजार की गिरावट के बावजूद मजबूती दिखाई, मुख्य रूप से डिफेंस और एनर्जी सेक्टर से:
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL): +1.84% से +2.52% तक ऊपर, डिफेंस ऑर्डर्स और जियोपॉलिटिकल टेंशन से फायदा।
- रिलायंस इंडियंस लिमिटेड (RIL): +1.11% से +1.27%, ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस से सपोर्ट।
- सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज: +0.84%, फार्मा सेक्टर में स्थिरता।
- NTPC: +0.68% से +0.82%, पावर सेक्टर में कुछ मांग।
- ONGC: +0.95% से +1.28%, हाई ऑयल प्राइस से फायदा।
- HCL Tech और Infosys: मामूली बढ़त (+0.20% से +1.39%), IT सेक्टर में कुछ रिकवरी।
टॉप लूजर्स (Nifty/Sensex पैक में प्रमुख)
बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुए:
- ICICI बैंक: -3.13% से -3.26%, बैंकिंग सेक्टर में भारी बिकवाली।
- Eternal (या InterGlobe Aviation – IndiGo): -2.96% से -3.16%, एविएशन सेक्टर में फ्यूल कॉस्ट बढ़ने का डर।
- Axis बैंक: -2.47% से -2.54%।
- HDFC बैंक: -2.36%।
- SBI: -2.27% से -2.54%।
- UltraTech Cement: -2.45%, इंफ्रा सेक्टर में दबाव।
- L&T: -1.97% से -2.21%।
- Shriram Finance: -2.77%।
ब्रॉडर मार्केट और सेक्टोरल परफॉर्मेंस
- निफ्टी मिडकैप 100: -0.69% गिरा।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100: -0.24% नीचे।
- सेक्टोरल इंडेक्स: निफ्टी रियल्टी, प्राइवेट बैंक और PSU बैंक में 2% से अधिक गिरावट। निफ्टी IT एकमात्र प्रमुख सेक्टर हरा रहा।
- कुल मिलाकर, NSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो नकारात्मक रहा, जिसमें गिरने वाले स्टॉक्स की संख्या बढ़ने वालों से कहीं अधिक थी।
आगे
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार की दिशा अब क्रूड ऑयल की कीमतों, वेस्ट एशिया तनाव के समाधान और अमेरिका-रूस तेल व्यापार पर निर्भर करेगी। अमेरिका ने भारत को रूसी क्रूड खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है, जो अल्पकालिक राहत दे सकती है, लेकिन लंबे समय तक उच्च ऑयल प्राइस से इकोनॉमिक ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। निवेशकों को सतर्क रहने और डिफेंस, एनर्जी जैसे सेक्टर्स में ऑपर्चुनिटी तलाशने की सलाह दी जा रही है।
यह सप्ताह भारतीय बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, जहां वैश्विक अनिश्चितताओं ने घरेलू मजबूती को प्रभावित किया। आने वाले दिनों में FII फ्लो, RBI की नीति और ग्लोबल संकेतों पर नजर रहेगी।
Sources: NSE वेबसाइट, BSE वेबसाइट