25 फरवरी 2026, Sensex और Nifty मामूली बढ़त के साथ बंद, IT सेक्टर में रिबाउंड: आज भारतीय शेयर बाजार में एक अत्यंत वोलेटाइल सेशन देखने को मिला। सुबह मजबूत शुरुआत के बाद प्रॉफिट बुकिंग और कुछ हेवीवेट स्टॉक्स में गिरावट से इंडेक्स दिन के हाई से काफी नीचे आए, लेकिन अंत में मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। BSE सेंसेक्स 50.15 अंक (0.06%) बढ़कर 82,276.07 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 57.85 अंक (0.23%) चढ़कर 25,482.50 पर समाप्त हुआ। दिन के दौरान सेंसेक्स 82,957.91 के हाई से करीब 682 अंक गिरा, और निफ्टी 25,652.60 के पीक से 170 अंक नीचे आया। बाजार में कुल 1,966 शेयर बढ़े, 2,064 गिरे और 161 स्थिर रहे।
बाजार की शुरुआत और वोलेटिलिटी के कारण
मंगलवार को IT सेक्टर में AI डिसरप्शन की चिंता से भारी बिकवाली के बाद (निफ्टी IT इंडेक्स 4.7% गिरा था), बुधवार को वैश्विक टेक शेयरों में रिकवरी और वैल्यू बाइंग से IT में रिबाउंड आया। सुबह GIFT निफ्टी के मजबूत संकेतों से बाजार 800+ अंक ऊपर खुला। लेकिन हेवीवेट Reliance Industries (RIL) में 2% गिरावट, SBI, ITC, Bharti Airtel जैसे स्टॉक्स में दबाव से मिड-सेशन में प्रॉफिट बुकिंग शुरू हुई।
IT सेक्टर में रिबाउंड: 5 दिन की गिरावट टूटी
फरवरी में IT इंडेक्स 21% तक गिर चुका था – यह 2008 क्राइसिस के बाद सबसे खराब मंथली परफॉर्मेंस थी। AI टूल्स (जैसे Anthropic की $380 बिलियन वैल्यूएशन) से IT सर्विसेज में डिसरप्शन की आशंका से FIIs ने भारी बिकवाली की थी। लेकिन आज निफ्टी IT इंडेक्स 1.57-1.6% बढ़ा, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में शुरुआती ट्रेड में 2.5-3% तक उछाल आया। प्रमुख गेनर्स: HCL Tech, TCS, Infosys, Tech Mahindra, LTIMindtree में 2-3.5% तेजी। एक्सपर्ट्स ने इसे वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग बताया – IT स्टॉक्स अब ओवरसोल्ड थे, और TCS जैसे स्टॉक्स P/E 19.5x पर ट्रेड कर रहे थे (सेक्टर एवरेज 27.7x से कम)।
ट्रंप टैरिफ से सोलर स्टॉक्स में भारी गिरावट
ट्रंप प्रशासन के तहत US Commerce Department ने भारतीय सोलर पैनल इंपोर्ट्स पर 126% प्रीलिमिनरी काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगाई (अनफेयर सब्सिडीज का आरोप)। यह इंडोनेशिया और लाओस पर भी लागू हुई। इससे भारतीय सोलर एक्सपोर्टर्स को बड़ा झटका लगा। प्रमुख स्टॉक्स में भारी गिरावट:
- Waaree Energies: 10-15% गिरावट
- Premier Energies: 4.7-15% तक टूटा
- Vikram Solar: 4.3-8% गिरा
- अन्य: IndoSolar, Adani Green आदि प्रभावित
यह ड्यूटी भारतीय सोलर इंडस्ट्री के लिए बड़ा खतरा है, क्योंकि US बाजार में एक्सपोर्ट मुश्किल हो जाएगा। प्रॉफिट मार्जिन सिकुड़ेंगे, ऑर्डर कैंसलेशन का रिस्क। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रभाव सीमित रहेगा क्योंकि ड्यूटी पहले से अपेक्षित से ज्यादा है, लेकिन इंडस्ट्री पहले से ग्लूट (ओवर सप्लाई) से जूझ रही है।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस और प्रमुख मूवर्स
- गेनर्स: निफ्टी मेटल इंडेक्स 2.7% बढ़ा (Tata Steel, IndiGo 2% तक ऊपर)। ऑटो और फार्मा इंडेक्स 1.85% मजबूत।
- लूजर्स: FMCG, PSU बैंक, रियल्टी, ऑयल एंड गैस रेड में। RIL, SBI, ITC टॉप लूजर्स।
- अन्य: Voltas ने AC प्राइस हाइक अनाउंस किया। Schaeffler India का Q4 नेट प्रॉफिट ₹322 करोड़ (YoY बढ़ोतरी)। IPO: Omnitech Engineering ने ₹174 करोड़ रेज किया।
आगे क्या? मार्केट आउटलुक
Reuters पोल के अनुसार, 2026 में भारतीय इक्विटी मार्केट में लैकस्टर परफॉर्मेंस की उम्मीद – निफ्टी मिड-2026 तक 26,500 और ईयर-एंड तक 27,750 तक जा सकता है। लेकिन जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता (US-Iran तनाव, ट्रंप टैरिफ) से वोलेटिलिटी बनी रहेगी। IT में रिबाउंड सस्टेनेबल हो सकता है अगर AI डिसरप्शन की चिंता कम हुई, लेकिन सोलर सेक्टर में दबाव जारी रहेगा। निवेशकों को सेक्टोरल रोटेशन पर फोकस करना चाहिए – मेटल, ऑटो और फार्मा में ऑपर्चुनिटी।
Sources: NSE वेबसाइट, BSE वेबसाइट