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5 जनवरी 2026, Purnia में कड़ाके की ठंड का कहर: बिहार के सीमांचल क्षेत्र में सर्दी का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि जनजीवन पूरी तरह ठहर सा गया है। Purnia जिले में कड़ाके की ठंड और पछुआ हवाओं ने लोगों को घर की चौखट से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया है। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास लहरा रहा है, जबकि अधिकतम तापमान 17.6 डिग्री तक गिर चुका है। घने कोहरे की चादर ने विजिबिलिटी को न्यूनतम स्तर पर ला दिया है, जिससे सड़क हादसे और यातायात जाम आम हो गए हैं। इस बीच, जिलाधिकारी ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 8वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 7 जनवरी तक बंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यह फैसला न केवल शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर भी गहरा असर डाल रहा है।

मौसम का क्रूर चेहरा: बर्फीली हवाओं और कोहरे का डबल अटैक

Purnia में शीतलहर का दौर तीसरे दिन भी जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण पछुआ हवाओं की रफ्तार 20-25 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई है, जो कनकनी को और तीव्र बना रही है। रविवार सुबह 8 बजे तक घना कोहरा छाया रहा, जिससे सूर्य देवता के दर्शन भी दुर्लभ हो गए। स्थानीय मौसम केंद्र के डेटा के मुताबिक, न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5-6 डिग्री कम है। अधिकतम तापमान भी 17.6 डिग्री पर अटक गया, जिससे ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बनी हुई है।

सीमांचल के अन्य जिलों जैसे किशनगंज, अररिया और कटिहार में भी यही हाल है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का असर यहां पहुंच रहा है। ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों में ठंड और कोहरा और तेज होगा। बिहार के 19 जिलों में शीत दिवस की स्थिति बनी हुई है, जिसमें Purnia प्रमुख है। विशेषज्ञों के अनुसार, ला नीना प्रभाव के कारण इस साल की सर्दी सामान्य से अधिक कठोर साबित हो रही है।

स्कूल बंद: जिलाधिकारी के सख्त निर्देश, अभिभावकों की राहत

ठंड के इस प्रकोप को देखते हुए Purnia के जिलाधिकारी (dm) ने तत्काल प्रभाव से 8वीं कक्षा तक के सभी शैक्षणिक संस्थानों को 7 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया है। यह फैसला 4 जनवरी को जारी किया गया, जिसमें प्राइमरी, मिडिल स्कूलों के अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों और प्री-स्कूलों को भी शामिल किया गया है। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 9वीं से ऊपर के कक्षाओं के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही कक्षाएं संचालित होंगी। उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

यह निर्णय अभिभावकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। स्थानीय निवासी रीना देवी ने बताया, “बच्चों को सुबह ठंड में स्कूल भेजना जानलेवा हो गया था। कोहरा इतना घना है कि रास्ता देखना मुश्किल।” बिहार के अन्य जिलों में भी समान कदम उठाए गए हैं। गोपालगंज में 7 जनवरी तक पूर्ण बंदी है, जबकि भोजपुर में 5-6 जनवरी को प्राथमिक कक्षाएं निलंबित हैं। राज्य सरकार ने पहले ही 8 जनवरी तक कई जिलों में छुट्टियां बढ़ा दी हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन कक्षाओं और होमवर्क के माध्यम से पढ़ाई जारी रखी जाएगी, ताकि शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।

दैनिक जीवन पर पड़ा असर: यातायात ठप, बाजार सूने

कड़ाके की ठंड ने Purnia के दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सुबह 9 बजे तक बाजार पूरी तरह वीरान रहते हैं। लोग अलाव जलाकर गर्माहट तलाशते नजर आते हैं। कोहरे के कारण एनएच-31 और अन्य प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है। रविवार को ही दो छोटे हादसे हो गए, जिसमें चार लोग घायल हुए। रेल और बस सेवाएं भी प्रभावित हैं; कई ट्रेनें लेट रहीं।

किसानों की चिंता बढ़ गई है। रबी की फसलें, खासकर गेहूं और सरसों, ठंड की चपेट में हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार कोल्ड डे से फसलों को क्षति पहुंच रही है, हालांकि गेहूं की उपज में कभी-कभी वृद्धि भी होती है। लेकिन सब्जियों जैसे टमाटर और पत्तेदार हरी सब्जियों को भारी नुकसान हो रहा है। Purnia के एक किसान मोहम्मद इकबाल ने कहा, “फसलें जमीन पर पड़ी सिकुड़ रही हैं। अगर ठंड न रुकी तो लाखों का नुकसान होगा।” कृषि विभाग ने सलाह जारी की है कि फसलों को प्लास्टिक शीट से ढकें और सिंचाई से बचें।

स्वास्थ्य पर खतरा: सांस की बीमारियां बढ़ीं, विशेषज्ञों की चेतावनी

ठंड ने स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बोझ बढ़ा दिया है। अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, ब्रोंकाइटिस और न्यूमोनिया के मरीजों की संख्या 30% बढ़ गई है। बुजुर्गों और बच्चों पर सबसे अधिक असर पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि पछुआ हवाओं से सांस संबंधी समस्याएं तेज हो रही हैं। NDMA की रिपोर्ट के मुताबिक, कोल्ड वेव से भारत में प्रतिवर्ष हजारों मौतें होती हैं, जिनमें बिहार का बड़ा हिस्सा है।

स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है: गर्म कपड़े पहनें, सुबह-शाम बाहर न निकलें, गर्म भोजन लें और अलाव से दूरी बनाएं। गर्भवती महिलाओं और नवजातों के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जहां लोग सहायता मांग सकते हैं।

पूर्वानुमान और सावधानियां: राहत कब?

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में ठंड और कोहरा बरकरार रहेगा, लेकिन 8 जनवरी से हल्की राहत मिल सकती है। तापमान में 2-3 डिग्री की वृद्धि संभव है। हालांकि, पछुआ हवाओं का प्रभाव 10 जनवरी तक रहेगा।

नागरिकों से अपील है कि मास्क पहनें, वाहनों में फॉग लाइट का उपयोग करें और आपातकाल में 108 एंबुलेंस सेवा का सहारा लें। सरकार ने रैन बसेरों की व्यवस्था की है, जहां बेघर लोग रुक सकते हैं।

निष्कर्ष: प्रकृति के प्रकोप से सबक

Purnia में इस शीतलहर ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन की चेतावनी दी है। ला नीना जैसे वैश्विक कारकों से प्रभावित हो रही सर्दियां न केवल जीवन को कठिन बना रही हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी झकझोर रही हैं। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन दीर्घकालिक उपाय जैसे हरित ऊर्जा और जलवायु अनुकूलन पर ध्यान देना जरूरी है। उम्मीद है कि जल्द ही सूरज की किरणें इस ठंड को मिटा देंगी।

Sources: दैनिक भास्कर, प्रभात खबर

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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