8 फरवरी 2026, सलमान खान ने RSS शताब्दी समारोह में शामिल: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने पर मुंबई के नेहरू सेंटर में आयोजित दो दिवसीय व्याख्यानमाला ‘100 Years of Sangh Journey: New Horizons’ में बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की उपस्थिति ने सभी का ध्यान खींचा। संघ प्रमुख मोहन भागवत के भाषण को सलमान ने गंभीरता से सुना। इस कार्यक्रम में फिल्ममेकर सुभाष घई, गीतकार प्रसून जोशी, हेमा मालिनी और पूनम ढिल्लों जैसे सेलेब्रिटी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का विवरण और थीम
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी के उपलक्ष्य में मुंबई के वर्ली स्थित नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम में यह व्याख्यान श्रृंखला आयोजित की गई। कार्यक्रम की थीम ‘नए क्षितिज’ रखी गई, जिसमें संघ की 100 वर्षों की यात्रा, उसकी विचारधारा, समाज में भूमिका और भविष्य की दिशा पर चर्चा हुई। पहले दिन (7 फरवरी) शाम 4 बजे से शुरू हुए सत्र में मोहन भागवत ने मुख्य संबोधन दिया। कार्यक्रम में 900 से अधिक विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रेरणा और संघ के सकारात्मक योगदान पर विशेष जोर दिया गया।
सलमान खान की उपस्थिति ने बढ़ाई रौनक
बॉलीवुड के ‘दबंग’ सलमान खान कड़ी सुरक्षा के बीच कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। वे काले कुर्ते में नजर आए और मंच के सामने वाली पंक्ति में सुभाष घई व प्रसून जोशी के साथ बैठे। भागवत का भाषण सुनते हुए सलमान का गंभीर और एकाग्र चेहरा कैमरों में कैद हुआ, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कार्यक्रम के बाद सलमान बिना किसी बयान दिए चले गए, लेकिन उनकी मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि संघ का प्रभाव अब मनोरंजन जगत तक भी पहुंच रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में रणबीर कपूर का भी जिक्र हुआ, जो इस आयोजन की व्यापक अपील को दर्शाता है।
मोहन भागवत के मुख्य बयान
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में हिंदुत्व, राष्ट्रीय एकता और संघ की भूमिका पर विस्तार से बात की। उनके कुछ प्रमुख बयान इस प्रकार हैं:
- हिंदुत्व की परिभाषा → “भारत में रहने वाले सभी हिंदू हैं। हिंदुत्व किसी विशेष रस्म, प्रार्थना या समुदाय का नाम नहीं है। यह सुरक्षा और साथ रहने का भरोसा है। हिंदुत्व अपनाने से किसी की पूजा-पद्धति, भाषा या रहन-सहन नहीं बदलता।”
- संघ की निष्पक्षता → “RSS किसी के खिलाफ नहीं है और न ही सत्ता की इच्छा रखता है। संघ राजनीति में सीधे शामिल नहीं है, हालांकि उसके स्वयंसेवक विभिन्न दलों जैसे BJP में हैं। BJP संघ का दल नहीं है।”
- राष्ट्रीय एकता → “हिंदू-मुस्लिम एकता की बात गलत है, क्योंकि हम पहले से एक हैं। देश का बंटवारा धर्म के नाम पर और हिंदू भाव को भुलाने की वजह से हुआ। सभी धर्मों का सम्मान हिंदू सोच का हिस्सा है।”
- समाज सुधार → भागवत ने सलमान खान का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज में अच्छे मूल्य फैशन बनने चाहिए। युवा उनके स्टाइल को फॉलो करते हैं, इसी तरह अच्छे संस्कार भी ट्रेंड बन सकते हैं।
- भविष्य की दिशा → उन्होंने परिवार में संवाद, स्वदेशी को मजबूत करने और नई पीढ़ी को ड्रग्स व आत्महत्या से बचाने पर जोर दिया।
भागवत ने संघ के संस्थापक हेडगेवार के जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि संघ समाज को दिशा देने का काम करता है, न कि किसी के खिलाफ पैरामिलिट्री फोर्स की तरह।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
सलमान की उपस्थिति पर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने तंज कसा कि “मुस्लिम प्रेम सिर्फ चुनाव तक होता है”। वहीं, कई लोगों ने इसे सकारात्मक कदम माना, जो संघ की व्यापक स्वीकार्यता को दिखाता है।
संघ की बढ़ती पहुंच
यह कार्यक्रम संघ के शताब्दी वर्ष में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो बॉलीवुड जैसे क्षेत्रों तक उसकी पहुंच को रेखांकित करता है। सलमान खान जैसे स्टार की मौजूदगी से संघ का संदेश आमजन तक और प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। कार्यक्रम का दूसरा दिन भी विभिन्न वक्ताओं के साथ जारी रहेगा।
Sources: दैनिक भास्कर