5 फरवरी 2026, Katihar में सड़क हादसे से खुला शराब तस्करी का बड़ा राज: बिहार के कटिहार जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी, जब एक सड़क दुर्घटना ने बड़े तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। रोशना थाना क्षेत्र के लाभा पुल के पास एनएच-81 पर एक ट्रक ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी। ट्रक चालक भागने की कोशिश में था, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए ट्रक को घेर लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली तो उसमें से 4,844 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि ट्रक जब्त कर लिया गया। यह कार्रवाई 2026 में रोशना और प्राणपुर पुलिस की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है।
दुर्घटना और तस्करी का खुलासा
घटना प्राणपुर-रोशना थाना क्षेत्र के बिहार-पश्चिम बंगाल सीमा पर स्थित लाभा पुल के पास हुई। एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी। घायलों में टूनी देवी (37 वर्ष), पंचमनी देवी और प्रियम यादव शामिल हैं, जो सभी इंग्लिश गांव के निवासी हैं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की मदद से उन्हें तुरंत कटिहार के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है।
ट्रक चालक दुर्घटना के बाद मौके से फरार होने की कोशिश करने लगा, लेकिन स्थानीय लोगों ने संदेह होने पर ट्रक को घेर लिया और रोशना पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची तो ट्रक की तलाशी ली गई। ट्रक में विभिन्न ब्रांड की विदेशी शराब के कार्टन भरे हुए थे। कुल 4,844 लीटर शराब बरामद की गई, जो बंगाल से बेगूसराय की ओर सप्लाई की जा रही थी।
गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने ट्रक चालक प्रवीण दास (30 वर्ष), पिता श्रीपति दास, निवासी मंगली बाड़ी, वार्ड नंबर 9, थाना ओल्ड मालदा, जिला मालदा (पश्चिम बंगाल) को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। ट्रक को भी जब्त कर थाने लाया गया। घटना की सूचना मिलते ही प्राणपुर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार और रोशना थानाध्यक्ष मासूम कुमारी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अवर निरीक्षक पवन कुमार चौधरी और ऋषि राज सहित दर्जनों जवान मौजूद रहे। दिलचस्प बात यह है कि घटना सीमावर्ती क्षेत्र में होने के कारण पश्चिम बंगाल पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शराब अपने साथ ले जाने की कोशिश की, लेकिन चूंकि दुर्घटना और तस्करी बिहार क्षेत्र में हुई थी, इसलिए रोशना थाने में मामला दर्ज किया गया।
कटिहार पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार तस्कर से कड़ी पूछताछ की जा रही है। तकनीकी टीम तस्करी नेटवर्क के आगे-पीछे के लिंक खंगाल रही है। एसपी ने कहा कि जिले में शराब तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह खेप पश्चिम बंगाल के मालदा से लाई जा रही थी, जो बिहार में शराबबंदी होने के बावजूद तस्करों की पसंदीदा रूट है।
बिहार में शराबबंदी और सीमावर्ती तस्करी की चुनौती
बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल और नेपाल से सटे सीमावर्ती जिलों जैसे कटिहार, किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में तस्करी की घटनाएं आम हैं। तस्कर अक्सर ट्रक, पिकअप या छोटे वाहनों में शराब छिपाकर लाते हैं। कटिहार जिला विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि यहां से एनएच-81 और अन्य रूट्स बंगाल से जुड़े हैं। पुलिस ने पिछले सालों में हजारों लीटर शराब जब्त की है, लेकिन तस्कर नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं।
इस घटना में ग्रामीणों की सतर्कता सराहनीय रही। अगर वे ट्रक को नहीं रोकते तो शायद यह बड़ी खेप बेगूसराय तक पहुंच जाती। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस शराब की बाजार कीमत करोड़ों रुपये में हो सकती है। विभिन्न ब्रांड जैसे इंपीरियल ब्लू, रॉयल मैंशन गोल्ड आदि के कार्टन बरामद हुए हैं।
आगे की जांच और प्रभाव
पुलिस अब गिरफ्तार प्रवीण दास से पूछताछ कर तस्करी के सरगना और सप्लायर्स तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मोबाइल और तकनीकी जांच से नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। एसपी शिखर चौधरी ने आम जनता से अपील की है कि ऐसी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें। जिले में चेक पोस्ट्स पर सघन जांच जारी है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि बिहार में शराबबंदी को सफल बनाने के लिए पुलिस और जनता का सहयोग जरूरी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान की जरूरत है। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना के साथ पुलिस ने दुर्घटना के लिए अलग से मामला दर्ज किया है।
यह कार्रवाई न केवल तस्करों में दहशत पैदा करेगी, बल्कि शराबबंदी की दिशा में एक मजबूत संदेश भी देगी। पुलिस की मुस्तैदी से जिले में अवैध कारोबार पर लगाम लगने की उम्मीद बढ़ी है।
Sources: दैनिक भास्कर