MUNNA SHUKLA RJDMUNNA SHUKLA RJD

3 जनवरी 2026, RJD के बाहुबली नेता मुन्ना शुक्ला की तबीयत बिगड़ी– बिहार की राजनीति के चर्चित चेहरे और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला की तबीयत अचानक बिगड़ने से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। भगलपुर सेंट्रल जेल में बंद इस बाहुबली नेता को रेटिना संबंधी गंभीर समस्या के कारण पटना के इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IGIMS) में भर्ती कराया गया है। जेल प्रशासन की कड़ी सुरक्षा में शुक्रवार सुबह उन्हें नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NMCH) से IGIMS शिफ्ट किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। यह घटना न केवल शुक्ला परिवार की चिंता बढ़ा रही है, बल्कि बिहार की जेल व्यवस्था और राजनीतिक साजिशों के आरोपों को भी हवा दे रही है। इस रिपोर्ट में हम मुन्ना शुक्ला के स्वास्थ्य संकट की गहराई में उतरेंगे, जहां चिकित्सकीय चुनौतियां और राजनीतिक कोण दोनों ही उभरकर सामने आ रहे हैं।

पृष्ठभूमि: जेल से अस्पताल तक की यात्रा

मुन्ना शुक्ला, जिनका असली नाम प्रेम प्रकाश है, बिहार की राजनीति में लंबे समय से बाहुबली के रूप में जाना जाते हैं। वे लालू प्रसाद यादव परिवार के करीबी रहे हैं और 2000-2005 तक लालगंज विधानसभा क्षेत्र से आरजेडी के टिकट पर विधायक रह चुके हैं। 1998 के बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड में उनकी संलिप्तता साबित होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अक्टूबर 2024 में सरेंडर करने के बाद वे भगलपुर जेल में बंद हैं। उनकी बेटी शिवानी शुक्ला ने हाल ही में लालगंज से RJD टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं।

स्वास्थ्य समस्या की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई। जेल में रहते हुए उनकी आंखों में रेटिना की समस्या उभरी, जो तेजी से बिगड़ गई। NMCH के डॉक्टरों ने जांच के बाद IGIMS रेफर किया, जहां विशेषज्ञ उपचार की सलाह दी गई। जेल अधीक्षक ने डीएम की अनुमति से उन्हें शिफ्ट किया। एक वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, “मुन्ना शुक्ला की तबीयत अचानक बिगड़ी, जबकि वे पटना कोर्ट में पेशी के लिए तैयार हो रहे थे। स्वास्थ्य खराब होने से पेशी टल गई और उन्हें तुरंत IGIMS भेजा गया।” यह घटना जेल में चिकित्सा सुविधाओं की कमी को उजागर कर रही है, जहां कैदियों को बुनियादी इलाज भी मुश्किल से मिलता है।

स्वास्थ्य स्थिति: रेटिना समस्या और अन्य जटिलताएं

IGIMS के नेत्र विभाग में चल रहे इलाज के दौरान डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि मुन्ना शुक्ला को रेटिना डिटैचमेंट की समस्या है, जो उम्र और तनाव से जुड़ी हो सकती है। 60 वर्षीय शुक्ला को उच्च रक्तचाप और डायबिटीज की पुरानी बीमारियां भी हैं, जो आंखों की समस्या को और गंभीर बना रही हैं। अस्पताल स्रोतों के मुताबिक, उन्हें लेजर थेरेपी और दवाओं का कोर्स दिया जा रहा है। एक डॉक्टर ने बताया, “रेटिना की समस्या समय पर इलाज न होने से स्थायी दृष्टि हानि का खतरा रहता है। शुक्ला जी की स्थिति स्थिर है, लेकिन निगरानी जरूरी है।”

पत्नी अनु शुक्ला, जो खुद पूर्व विधायक हैं, ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मुन्ना को जेल में उचित इलाज नहीं मिला, जिससे उनकी हालत बिगड़ी। हम राजनीतिक साजिश का शिकार हैं।” अनु शुक्ला ने लालू परिवार से भी समर्थन की अपील की है। परिवार के करीबी स्रोतों के अनुसार, शुक्ला को जेल से बाहर पैरोल की मांग तेज हो गई है, ताकि बेहतर निजी इलाज हो सके। IGIMS प्रशासन ने बताया कि वे 24 घंटे निगरानी में हैं, और अगले 48 घंटों में डिस्चार्ज की संभावना कम है।

राजनीतिक प्रभाव: RJD में चिंता, विरोधियों पर निशाना

मुन्ना शुक्ला की बीमारी बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला रही है। RJD के अंदरूनी सर्कल में उनकी स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि वे पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं के बीच प्रभावशाली हैं। तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की, जबकि लालू प्रसाद ने परिवार से बात की। पार्टी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “यह जेल व्यवस्था की विफलता है। हम सरकार से पैरोल की मांग करेंगे।”

विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना लिया। बीजेपी ने कहा कि शुक्ला जैसे अपराधी नेताओं को विशेष सुविधा नहीं मिलनी चाहिए, जबकि JDU ने तटस्थ रुख अपनाया। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने IGIMS का दौरा कर समर्थन जताया, जो RJD की एकजुटता दिखाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना 2025 विधानसभा चुनावों के बाद आरजेडी की रणनीति पर असर डाल सकती है, जहां बाहुबली छवि अभी भी वोट बैंक का हिस्सा है। सोशल मीडिया पर #GetWellMunnaShukla ट्रेंड कर रहा है, जहां समर्थक साजिश के आरोप लगा रहे हैं।

परिवार और समर्थकों की प्रतिक्रिया: भावुक अपीलें

शुक्ला परिवार इस संकट से जूझ रहा है। अनु शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में आंसू पोछते हुए कहा, “मुन्ना हमारा सहारा हैं। जेल में उनकी हालत देखकर दिल टूट जाता है।” बेटी शिवानी ने वीडियो संदेश जारी कर समर्थकों से दुआओं की अपील की। लालगंज क्षेत्र में उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए, जहां जेल सुधार की मांग हो रही है। एक समर्थक ने बताया, “मुन्ना भैया के बिना हमारा इलाका सूना लगता है। उनकी जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।”

RJD के वरिष्ठ नेता ने गोपनीय बातचीत में कहा कि यह स्वास्थ्य संकट पार्टी के लिए चुनौती है, लेकिन एकजुटता बढ़ाएगा। बिहार जेल सुधार आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने भी हस्तक्षेप की मांग की, जो कैदियों के स्वास्थ्य अधिकारों पर जोर दे रहा है।

वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाएं

IGIMS में शुक्ला की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन पूर्ण ठीक होने में हफ्ते लग सकते हैं। जेल विभाग ने पैरोल आवेदन पर विचार करने का आश्वासन दिया है। चिकित्सकों ने सलाह दी कि रेटिना सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। राजनीतिक रूप से, यह मामला बिहार विधानसभा में उठ सकता है, जहां विपक्ष जेलों की स्थिति पर बहस कराएगा।

कुल मिलाकर, मुन्ना शुक्ला का स्वास्थ्य संकट बिहार की जटिल राजनीति का प्रतिबिंब है – जहां अपराध, सत्ता और मानवीय मूल्य आपस में उलझे हैं। क्या यह घटना जेल सुधारों को गति देगी? या राजनीतिक साजिशों का नया अध्याय बनेगी? स्वास्थ्य अपडेट का इंतजार जारी है। RJD समर्थक दुआ कर रहे हैं, और बिहार की सियासत सांस थामे देख रही है।

Sources: दैनिक भास्कर

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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