Important meeting of Rahul-Tharoor in CongressImportant meeting of Rahul-Tharoor in Congress

29 जनवरी 2026, Congress में राहुल-थरूर की अहम मुलाकात: कांग्रेस पार्टी में चल रही आंतरिक कलह और मतभेदों की अटकलों को विराम देते हुए, वरिष्ठ नेता एवं सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से संसद भवन में महत्वपूर्ण मुलाकात की। करीब आधे घंटे चली इस बंद कमरे की बैठक में पार्टी की आंतरिक एकता, हालिया विवादों और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के बाद थरूर ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट करके स्पष्ट किया कि बातचीत “अच्छी, रचनात्मक और सकारात्मक” रही, और सभी नेता “एक ही पेज पर” हैं।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब पार्टी के अंदर थरूर की नाराजगी और राहुल गांधी से दूरी की खबरें जोरों पर थीं। पिछले कुछ हफ्तों में थरूर ने कई महत्वपूर्ण पार्टी मीटिंग्स से दूरी बनाई थी, जिससे अटकलें लगाई जा रही थीं कि क्या कांग्रेस के यह दिग्गज नेता पार्टी से अलग हो रहे हैं या कोई बड़ा बदलाव आने वाला है। विशेष रूप से केरल में राहुल गांधी के एक कार्यक्रम में थरूर को कथित तौर पर नजरअंदाज किए जाने की घटना ने इन अटकलों को हवा दी थी।

बैकग्राउंड: क्यों थीं कलह की अटकलें?

कांग्रेस में थरूर और शीर्ष नेतृत्व के बीच तनाव की खबरें नई नहीं हैं। जनवरी के शुरू में कोच्चि में आयोजित एक महापंचायत कार्यक्रम में राहुल गांधी मौजूद थे, लेकिन मंच से थरूर का नाम नहीं लिया गया और प्रोटोकॉल का पालन नहीं होने से थरूर नाराज हो गए थे। इसके बाद थरूर ने केरल विधानसभा चुनावों की रणनीति पर दिल्ली में बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा नहीं लिया। सूत्रों के अनुसार, थरूर ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों का हवाला देते हुए अनुपस्थिति की जानकारी दी थी, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं और मीडिया में इसे राहुल से नाराजगी से जोड़ा गया।

इसके अलावा, थरूर की कुछ बयानबाजी ने भी विवाद खड़ा किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुछ नीतियों की तारीफ की थी, जिसे पार्टी लाइन से अलग माना गया। सोशल मीडिया पर थरूर के पोस्ट्स और इंटरव्यूज में पार्टी की आलोचना के संकेत दिखे, हालांकि उन्होंने हमेशा कहा कि वे पार्टी के साथ हैं। केरल कांग्रेस में भी थरूर को लेकर दो गुटों की बातें सामने आईं – एक गुट उन्हें भावी मुख्यमंत्री उम्मीदवार मानता है, जबकि दूसरा राहुल-खड़गे लाइन का समर्थक है।

पिछले साल दिसंबर में भी थरूर ने राहुल गांधी की अध्यक्षता वाली लोकसभा सांसदों की मीटिंग और सोनिया गांधी के आवास पर हुई रणनीतिक बैठक से दूरी बनाई थी। इन घटनाओं से पार्टी में “डिस्टेंस पॉलिटिक्स” की चर्चा तेज हो गई थी। कुछ विश्लेषकों ने तो थरूर के भाजपा में जाने या स्वतंत्र राजनीति की अटकलें तक लगा दीं।

मीटिंग में क्या हुई चर्चा?

सूत्रों के अनुसार, आज की मीटिंग में थरूर ने अपनी चिंताओं और विचारों को खुलकर रखा। मुख्य मुद्दे थे:

  • पार्टी की आंतरिक कलह और गुटबाजी को खत्म करना।
  • केरल सहित आगामी विधानसभा चुनावों में एकजुट होकर लड़ना।
  • संसद सत्र में पार्टी की रणनीति, विशेष रूप से विपक्षी एकता और सरकार पर हमले।
  • थरूर की भूमिका को मजबूत करना, क्योंकि वे पार्टी के अंतरराष्ट्रीय चेहरों में से एक हैं।
  • भविष्य की रणनीति, जिसमें 2029 लोकसभा चुनावों की तैयारी और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देना शामिल था।

राहुल गांधी और खड़गे ने थरूर की बातों को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि पार्टी में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है। बैठक सकारात्मक माहौल में खत्म हुई।

बैठक के तुरंत बाद थरूर ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया: “मेरी पार्टी के दो नेताओं, LoP और कांग्रेस अध्यक्ष से बहुत अच्छी, रचनात्मक, सकारात्मक बातचीत हुई। सब ठीक है, हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मैं और क्या कह सकता हूं? मैंने हमेशा पार्टी के लिए प्रचार किया है।” इस पोस्ट से पार्टी समर्थकों ने राहत की सांस ली।

प्रतिक्रियाएं और प्रभाव

कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा, “पार्टी में चर्चा और मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन अंत में हम एकजुट रहते हैं। थरूर जी का योगदान अमूल्य है।” केरल कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इसे “एकता का संदेश” बताया। वहीं, विपक्षी दलों ने इसे कांग्रेस की “आंतरिक कमजोरी” करार दिया।

विश्लेषकों का मानना है कि यह मीटिंग पार्टी के लिए जरूरी थी, क्योंकि लोकसभा में कांग्रेस की संख्या बढ़ी है और विपक्षी गठबंधन INDIA को मजबूत करने की जिम्मेदारी राहुल गांधी पर है। थरूर जैसे बुद्धिजीवी नेता की नाराजगी पार्टी इमेज को नुकसान पहुंचा सकती थी। अब उम्मीद है कि पार्टी अधिक एकजुट होकर आगे बढ़ेगी।

हालांकि, कुछ सवाल बाकी हैं – क्या थरूर को बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी? केरल में मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में उनका नाम आगे आएगा? आने वाले दिनों में पार्टी की मीटिंग्स में थरूर की उपस्थिति इन सवालों के जवाब देगी।

यह मुलाकात कांग्रेस के लिए सकारात्मक संकेत है कि आंतरिक कलह को बातचीत से सुलझाया जा सकता है। पार्टी अब बजट सत्र और आगामी चुनावों पर फोकस करेगी।

Sources: एनडीटीवी

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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