3 जनवरी 2026, Purnia-Delhi– गणतंत्र दिवस की भव्य तैयारी के बीच बिहार के Purnia से Delhi की उड़ानें अब एक सप्ताह के लिए ठप हो चुकी हैं। इंडिगो एयरलाइंस ने 19 से 26 जनवरी तक पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए सभी फ्लाइट्स कैंसल कर दी हैं। यह फैसला दिल्ली हवाई क्षेत्र में लगाए गए प्रतिबंधों के कारण लिया गया है, जो परेड की रिहर्सल और फ्लाईपास्ट के लिए आवश्यक हैं। यात्रियों के लिए यह खबर झटके जैसी है, क्योंकि बुकिंग पोर्टल पर ये फ्लाइट्स गायब हो चुकी हैं, और वैकल्पिक विकल्प सीमित हैं। पूर्णिया जैसे क्षेत्रीय हवाई अड्डे पर निर्भर लाखों लोग अब रेल या सड़क मार्ग पर मजबूर हो रहे हैं, जिससे आर्थिक और समय की बर्बादी बढ़ रही है। इस रिपोर्ट में हम इस कैंसिलेशन के पीछे के कारणों, प्रभावों और समाधानों पर गहराई से नजर डालेंगे, जो हर साल की तरह इस बार भी विमानन क्षेत्र की चुनौतियों को उजागर कर रहा है।
गणतंत्र दिवस प्रतिबंध: एक वार्षिक परंपरा जो यात्रियों को प्रभावित करती है
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की तैयारियां दिल्ली में हमेशा से ही हवाई यातायात पर असर डालती रही हैं। नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) के तहत 19 जनवरी से 26 जनवरी तक दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास हवाई क्षेत्र सीमित कर दिया जाता है। इस दौरान सुबह 10:20 से दोपहर 12:45 बजे तक कोई भी व्यावसायिक उड़ान लैंडिंग या टेकऑफ नहीं कर सकती। यह समय फ्लाईपास्ट रिहर्सल, परेड ड्रिल और सुरक्षा उपायों के लिए आरक्षित होता है। 2025 में इसी तरह के प्रतिबंधों के कारण 1,300 से अधिक फ्लाइट्स प्रभावित हुई थीं, और 700 से ज्यादा कैंसल हो गई थीं। 2024 में भी इंडिगो ने इसी वजह से दर्जनों फ्लाइट्स रद्द की थीं, जिसमें दिल्ली से जुड़े क्षेत्रीय रूट्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
इस साल भी वही कहानी दोहराई जा रही है। इंडिगो ने आधिकारिक बयान में कहा कि Purnia-Delhi रूट (फ्लाइट नंबर 6E 9076) पर 19 से 26 जनवरी तक कोई उड़ान नहीं चलेगी। बुकिंग सिस्टम में ये फ्लाइट्स पहले ही बंद हो चुकी हैं, और मौजूदा बुकिंग्स को स्वतः कैंसल कर रिफंड प्रोसेस कर दिया गया है। पूर्णिया एयरपोर्ट, जो 2022 में शुरू हुआ, अभी विकासशील चरण में है और मुख्य रूप से दिल्ली व मुंबई से जुड़ा है। यहां से रोजाना 4-5 फ्लाइट्स चलती हैं, जिनमें से दिल्ली वाली सबसे व्यस्त है। कैंसिलेशन से न केवल व्यापारी और छात्र प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि आपातकालीन यात्राएं भी रुक रही हैं। एक यात्री ने बताया, “मेरा बेटा दिल्ली में पढ़ता है, परीक्षा के बीच में आना था। अब ट्रेन से 24 घंटे का सफर, क्या करूं?”
Purnia पर खास असर: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की कमजोरी उजागर
Purnia बिहार का एक महत्वपूर्ण जिला है, जहां से दिल्ली की दूरी हवाई मार्ग से मात्र 2 घंटे है, लेकिन रेल या सड़क से 18-24 घंटे लग जाते हैं। इस कैंसिलेशन से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि दिल्ली के बाजारों से माल लाने-ले जाने में देरी से नुकसान हो रहा है। पूर्णिया चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ने कहा, “हर साल यह समस्या, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं। वैकल्पिक एयरपोर्ट जैसे पटना या भागलपुर से फ्लाइट्स लेनी पड़ रही हैं, जो महंगी और समय लेने वाली हैं।” इसके अलावा, पर्यटन और प्रवासी मजदूर भी प्रभावित हैं। जनवरी में शादी-ब्याह का सीजन होता है, और कई परिवार दिल्ली से रिश्तेदारों को बुलाने वाले थे।
सोशल मीडिया पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा है। X (पूर्व ट्विटर) पर #PurniaDelhiCancel ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग इंडिगो और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को टैग कर शिकायतें कर रहे हैं। एक पोस्ट में लिखा गया, “गणतंत्र दिवस की खुशी में हमारी परेशानी? कृपया वैकल्पिक रूट दें!” डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयरलाइंस को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित यात्रियों को पूर्ण रिफंड और वैकल्पिक व्यवस्था दें, लेकिन ग्राउंड लेवल पर अमल धीमा है।
एयरलाइन और सरकार की प्रतिक्रिया: माफी से आगे क्या?
इंडिगो ने अपनी वेबसाइट पर एडवाइजरी जारी कर कहा, “राष्ट्रीय उत्सव की तैयारियों के कारण यह कदम उठाना पड़ा। हम यात्रियों से धैर्य की अपील करते हैं और रिफंड 7 दिनों में प्रोसेस करेंगे।” कंपनी के CEO पीयूष अग्रवाल ने पिछले साल इसी मुद्दे पर माफी मांगी थी, लेकिन आलोचकों का कहना है कि पूर्वानुमानित प्रतिबंधों के बावजूद बेहतर प्लानिंग की कमी है। अन्य एयरलाइंस जैसे एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने भी कुछ रूट्स पर समायोजन किया है, लेकिन पूर्णिया जैसे छोटे एयरपोर्ट पर विकल्प कम हैं।
सरकार की ओर से नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि यह सुरक्षा के लिए अनिवार्य है, और यात्रियों को रेलवे या अन्य मोड का उपयोग करने की सलाह दी है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय हवाई अड्डों के लिए अलग से कॉरिडोर या शेड्यूल एडजस्टमेंट की जरूरत है। एविएशन कंसल्टेंट राजीव मेहता ने कहा, “भारत का विमानन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन ऐसे मौके पर लचीलापन नहीं। पूर्णिया जैसे स्थानों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।”
यात्रियों के लिए सलाह: वैकल्पिक विकल्प और अधिकार
यात्रियों को सलाह है कि इंडिगो ऐप या वेबसाइट पर रीयल-टाइम अपडेट चेक करें। रिफंड के लिए टिकट नंबर से संपर्क करें। वैकल्पिक रूप से, पटना से दिल्ली की फ्लाइट्स (जो कम प्रभावित हैं) या पूर्वान्ह ट्रेनें जैसे पूर्णिया-दिल्ली स्पेशल एक्सप्रेस लें। DGCA के नियमों के तहत कैंसिलेशन पर पूर्ण रिफंड मिलना चाहिए, और अगर देरी हो तो कंज्यूमर फोरम में शिकायत करें। लंबे सफर के लिए IRCTC ऐप पर बुकिंग करें, जहां जनवरी में अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
निष्कर्ष: राष्ट्रीय गौरव और यात्री सुविधा का संतुलन
यह कैंसिलेशन गणतंत्र दिवस की भव्यता का हिस्सा है, जो देश की एकता का प्रतीक है। लेकिन यात्रियों की परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पूर्णिया जैसे उभरते हवाई केंद्रों को मजबूत करने के लिए नीतिगत बदलाव जरूरी हैं। क्या अगले साल तक कोई समाधान निकलेगा? उम्मीद है कि हां। तब तक, धैर्य रखें और योजना बनाएं। गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं!
Sources: इकनोमिक टाइम्स, टाइम्स ऑफ़ इंडिया