Purnia murder casePurnia murder case

30 जनवरी 2026, Purnia हत्याकांड, हथियार और बाइक सहित एक आरोपी गिरफ्तार: बिहार के पूर्णिया में युवा व्यवसायी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सूरज बिहारी उर्फ सूरज यादव की दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में पुलिस को आखिरकार बड़ी कामयाबी मिली है। घटना के तीन दिन बाद आज पुलिस ने कुख्यात आरोपी विशाल कुमार को अवैध हथियार और अपराध में इस्तेमाल हुई बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एसटीएफ और चीता टीम की संयुक्त दबिश से हुई, जिसका नेतृत्व डीएसपी मोहम्मद अली साबरी कर रहे थे। हालांकि मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड अभी फरार हैं, लेकिन यह गिरफ्तारी मामले में महत्वपूर्ण breakthrough मानी जा रही है।

घटना की पूरी कहानी

दिनदहाड़े हुई वारदात

27 जनवरी 2026 की सुबह करीब 9 बजे मरंगा थाना क्षेत्र के नेवालाल चौक के पास बसंत विहार फन सिटी पार्क के समीप यह खौफनाक वारदात हुई। सूरज बिहारी समझौते की पंचायत में पहुंचे थे, लेकिन बहस बिगड़ते ही अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि आरोपी ने करीब से कई राउंड गोलियां चलाईं। सूरज मौके पर ही लहूलुहान हो गए और होप हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सूरज गुलाबबाग के बड़े मक्का व्यापारी जवाहर यादव के इकलौते बेटे थे। उनके साथ निजी बॉडीगार्ड प्रेम सिंह और लाइसेंसी पिस्टल थी, लेकिन अपराधी इतने बेखौफ थे कि वे आराम से घटनास्थल से फरार हो गए।

हत्या की वजह: सोशल मीडिया का खतरनाक खेल

इंस्टाग्राम रील बनी मौत का सबब

हत्या की वजह बेहद मामूली लेकिन सोशल मीडिया के खतरे को उजागर करने वाली है। सरस्वती पूजा के दौरान सूरज बिहारी ने एक लड़की का इंटरव्यू लिया और उसे अपने इंस्टाग्राम पेज ‘पूर्णिया’ पर पोस्ट किया। यह पोस्ट नेवालाल चौक निवासी एक युवक को बुरी लगी, जिसने इसे अपनी गर्लफ्रेंड से जोड़ लिया। विवाद बढ़ा, मारपीट हुई और अंत में समझौते के नाम पर सूरज को बुलाकर गोली मार दी गई।

परिवार ने ब्रजेश सिंह, नंदू सिंह सहित 7 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। यह घटना सोशल मीडिया के दुरुपयोग और छोटी बातों पर बढ़ते अपराध की गंभीर तस्वीर पेश करती है।

सूरज बिहारी की लग्जरी लाइफस्टाइल

करोड़ों की संपत्ति और सोशल मीडिया स्टार

28-32 साल की उम्र में सूरज पूर्णिया के सबसे अमीर युवाओं में गिने जाते थे। पिता जवाहर यादव के पास मक्के के 18 गोदाम हैं और सालाना टर्नओवर करीब 15 करोड़ रुपये। सूरज के पास 2.5 करोड़ की डिफेंडर कार, 22 लाख की लाइसेंसी पिस्टल और अन्य लग्जरी गाड़ियां थीं। वे सोशल मीडिया पर सक्रिय ब्लॉगर थे और अपनी हाई-प्रोफाइल लाइफ की तस्वीरें शेयर करते थे। लेकिन यही लग्जरी और सोशल मीडिया उनकी मौत की वजह बन गया।

पुलिस की कार्रवाई: पहली गिरफ्तारी

विशाल कुमार दबोचा गया

आज मिली सफलता से लोगों में राहत की लहर है। गिरफ्तार विशाल कुमार से पूछताछ चल रही है, जिससे मुख्य आरोपी तक पहुंचने की उम्मीद है। एसपी स्वीटी सहरावत ने कहा कि मामला संवेदनशील है और सभी आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा। एसटीएफ की टीम लगी हुई है और सीसीटीवी फुटेज व खोखों के आधार पर जांच तेज है।

जनता में आक्रोश: कैंडल मार्च और बंद की चेतावनी

सड़कों पर उतरा रोष

हत्या के बाद पूर्णिया में भारी गुस्सा है। 72 घंटे तक कोई गिरफ्तारी न होने से लोग सड़कों पर उतर आए। कल रात हजारों लोगों ने फोर्ड कंपनी चौक से आरएन साह चौक तक विशाल कैंडल मार्च निकाला। पूर्व सांसद पप्पू यादव, संतोष कुशवाहा और भाजपा नेताओं ने भी सरकार पर निशाना साधा। व्यापारी संगठनों ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि मुख्य आरोपी नहीं पकड़े गए तो पूर्णिया बंद हो जाएगा। आज की गिरफ्तारी से तनाव कुछ कम हुआ है।

आगे की चुनौतियां और उम्मीद

यह हत्याकांड बिहार में अपराध की स्थिति और जंगलराज के आरोपों को फिर से चर्चा में ला रहा है। पैसा, पावर और प्रोटेक्शन सब होने के बावजूद एक युवा की जान चली गई। परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है। पुलिस की यह गिरफ्तारी शुरुआत है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब मास्टरमाइंड सहित सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। पूर्णिया की जनता की निगाहें अब आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

Sources: अमर उजाला

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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