3 मार्च 2026, पूर्णिया सांसद Pappu Yadav की अचानक बिगड़ी तबीयत: पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की तबीयत 3 मार्च 2026 (मंगलवार) की शाम अचानक बिगड़ गई। वे अपने पैतृक गांव मधेपुरा जिले के खुर्दा में मौजूद थे, जहां उनकी हालत खराब होने के बाद तुरंत डॉक्टरों की टीम ने निगरानी शुरू कर दी। सांसद के निजी सचिव ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की, जिसमें बताया गया कि पप्पू यादव अस्वस्थ महसूस करने लगे थे, जिसके बाद चिकित्सकों की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण शुरू किया। फिलहाल उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और आवश्यक जांचें जारी हैं। सांसद के प्रवक्ता और करीबी सहयोगियों ने अपडेट देते हुए कहा कि उनकी हालत अब पहले से बेहतर है और वे स्थिर हैं।
घटना का क्रम और विवरण
पप्पू यादव पिछले कुछ दिनों से पूर्णिया और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय थे। वे हाल ही में ईरान-इज़राइल-अमेरिका युद्ध पर अपनी टिप्पणियों के लिए सुर्खियों में रहे थे, जहां उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को “पागल” कहकर विवाद खड़ा किया था। 2 मार्च को वे मधेपुरा जिले के पैतृक गांव खुर्दा पहुंचे थे, जहां परिवार के साथ समय बिताने की योजना थी। शाम के समय अचानक उन्हें अस्वस्थ महसूस हुआ—शुरुआत में सांस लेने में तकलीफ, कमजोरी और अन्य लक्षण बताए जा रहे हैं। परिवार ने तुरंत स्थानीय डॉक्टरों को बुलाया, और जल्द ही पटना तथा अन्य जगहों से विशेषज्ञों की टीम पहुंच गई।
वर्तमान में गांव के घर को अस्थायी मेडिकल सेंटर में तब्दील कर दिया गया है। यहां ऑक्सीजन, मॉनिटरिंग उपकरण और दवाएं उपलब्ध हैं। सांसद के निजी सचिव ने फेसबुक पोस्ट में लिखा: “पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद पप्पू यादव जी की तबीयत अचानक अस्वस्थ हो जाने के कारण उन्हें चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। आवश्यक जांचें की जा रही हैं। डॉक्टर उनके स्वास्थ्य पर पूरी सतर्कता के साथ नजर बनाए हुए हैं।” पोस्ट में पप्पू यादव की तस्वीर भी साझा की गई।
सांसद के प्रवक्ता राजेश यादव और आदिल आरजू ने दैनिक भास्कर से बातचीत में पुष्टि की कि “हालत पहले से बेहतर है। डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं और स्थिति नियंत्रण में है।” अभी तक बीमारी का कोई स्पष्ट डायग्नोसिस जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं या तनाव से जुड़ा हो सकता है। पप्पू यादव की उम्र करीब 55 वर्ष है और वे लंबे समय से राजनीतिक जीवन में सक्रिय हैं, जिसमें कई बार जेल जाना भी शामिल है। उनकी तबीयत पहले भी कई बार प्रभावित हुई है, लेकिन इस बार अचानक बिगड़ने से चिंता बढ़ गई।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
पप्पू यादव बिहार की राजनीति में एक प्रमुख और विवादास्पद चेहरा हैं। जन अधिकार पार्टी (JAP) के संस्थापक होने के साथ 2024 लोकसभा चुनाव में पूर्णिया से निर्दलीय जीतकर उन्होंने “पप्पू लहर” पैदा की थी। मुस्लिम और पिछड़े वर्गों में उनकी मजबूत पकड़ है। तबीयत बिगड़ने की खबर से पूर्णिया, मधेपुरा, किशनगंज, अररिया जैसे सीमांचल जिलों में चिंता फैल गई।
राजनीतिक दलों से शुभकामनाएं आई हैं। RJD नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस के कुछ नेता और स्थानीय JDU-BJP नेताओं ने भी संवेदना जताई। कुछ विरोधी इसे “ड्रामा” बताने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अधिकांश ने संवेदनशीलता दिखाई। परिवार ने मीडिया से अपील की है कि अफवाहें न फैलाएं और गोपनीयता का सम्मान करें।
इलाज और आगे की स्थिति
डॉक्टरों की टीम में स्थानीय चिकित्सक, पटना AIIMS के विशेषज्ञ और अन्य शामिल हैं। अगर स्थिति गंभीर हुई तो उन्हें पटना AIIMS या दिल्ली के बड़े अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल गांव में ही रखा गया है। प्रवक्ता ने कहा कि “हालत स्थिर और सुधार की ओर है।” समर्थक प्रार्थना कर रहे हैं कि वे जल्द स्वस्थ होकर सक्रिय हों।
यह घटना बिहार की राजनीति को प्रभावित कर सकती है, खासकर राज्यसभा चुनाव और अन्य मुद्दों पर। स्थिति तेजी से बदल रही है—अगले घंटों में और अपडेट्स आ सकते हैं। हम पप्पू यादव के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं!
Sources: दैनिक भास्कर