Pappu YadavPappu Yadav

13 फरवरी 2026, पूर्णिया सांसद Pappu Yadav को तीन मामलों में जमानत: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना की एमपी-एमएलए कोर्ट ने तीन अलग-अलग आपराधिक मामलों में जमानत दे दी है। इसके साथ ही 6 फरवरी को गिरफ्तारी के बाद बेऊर जेल में बंद पप्पू यादव की रिहाई का रास्ता साफ हो गया। शाम तक वे जेल से बाहर आ गए और समर्थकों के भारी हुजूम के बीच रिहा हुए। रिहाई के बाद पप्पू यादव ने सनसनीखेज बयान देते हुए पटना पुलिस और बड़े नेताओं पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया।

गिरफ्तारी का बैकग्राउंड

पप्पू यादव की गिरफ्तारी 6 फरवरी 2026 की रात को पटना स्थित उनके आवास से हुई थी। पटना पुलिस ने उन्हें 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया, जिसमें दबंगई और फर्जीवाड़े के आरोप थे। यह मामा मामला 1995 का बताया जा रहा है। कोर्ट में सुनवाई के लिए हाजिर न होने पर जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर यह कार्रवाई हुई।

हालांकि, पप्पू यादव और उनके समर्थकों ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। उनका दावा था कि पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में लगातार आवाज उठाने की वजह से उन्हें फंसाया गया। जनवरी 2026 में हुई इस छात्रा की मौत पर पप्पू यादव ने गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ और इसमें कोचिंग संचालक से लेकर पुलिस तक की मिलीभगत है। इस मुद्दे पर उन्होंने पटना से दिल्ली तक प्रदर्शन किया और सीबीआई जांच की मांग की। विपक्षी दलों ने भी उनकी गिरफ्तारी को बदले की कार्रवाई बताया था।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दो और मामले जोड़ दिए, जिससे जमानत प्रक्रिया लंबी खिंच गई। ये मामले पटना के कोतवाली और बुद्धा कॉलोनी थाने के अलावा पूर्णिया में दर्ज थे। कुल तीन मामलों में जमानत न मिलने तक पप्पू यादव बेऊर जेल में बंद रहे।

कोर्ट का फैसला और रिहाई

13 फरवरी को पटना की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने सभी तीन मामलों में पप्पू यादव को जमानत दे दी। कोर्ट ने पुराने रिकॉर्ड और दलीलों को देखते हुए बेल दी। जमानत मिलते ही उनके कार्यालय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया – “सत्यमेव जयते! सभी मुकदमों में जमानत हो गई है। सांसद पप्पू यादव शीघ्र आजाद होंगे। वह न्याय और इंसाफ के लिए सदैव लड़ेंगे।”

शाम होते-होते रिहाई की औपचारिकताएं पूरी हुईं और पप्पू यादव बेऊर जेल से बाहर निकले। जेल गेट पर सैकड़ों समर्थक जुटे थे। फूलमालाओं और नारों के बीच उनका स्वागत हुआ। रिहाई के तुरंत बाद मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “यह सत्यमेव जयते की जीत है। मुझे फंसाने की साजिश की गई थी, लेकिन सच की हमेशा जीत होती है।”

रिहाई के बाद सनसनीखेज बयान

रिहाई के बाद पप्पू यादव ने पटना के एसएसपी और कुछ बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि जेल के अंदर उनकी हत्या की साजिश रची गई थी। “मुझे जान से मारने की प्लानिंग थी। कुछ लोग नहीं चाहते कि मैं बाहर आऊं और आवाज उठाऊं,” उन्होंने कहा। हालांकि, उन्होंने किसी नेता का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया, लेकिन इशारों में सत्ता पक्ष पर निशाना साधा।

नीट छात्रा मौत मामले पर उन्होंने फिर दोहराया कि जांच में मिलीभगत है और वे इस लड़ाई को जारी रखेंगे। “महिलाएं बिहार में सुरक्षित नहीं हैं। अपराध चरम पर है। मैं चुप नहीं बैठूंगा,” उन्होंने कहा। पप्पू यादव ने यह भी ऐलान किया कि वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे और अन्याय के खिलाफ कभी समझौता नहीं करेंगे।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

पप्पू यादव की रिहाई पर बिहार की सियासत में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। विपक्षी दल इसे अपनी जीत बता रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे कानूनी प्रक्रिया बताया। कांग्रेस और राजद ने पहले उनकी गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला कहा था। अब रिहाई पर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ओर से बधाई संदेश आने की उम्मीद है।

पप्पू यादव का राजनीतिक सफर हमेशा विवादों से भरा रहा है। बहुजन समाज पार्टी, राजद और अपनी पार्टी जन अधिकार पार्टी से जुड़े रहे। 2024 लोकसभा चुनाव में पूर्णिया से निर्दलीय जीते। पुराने कई आपराधिक मामलों में बरी हो चुके हैं, लेकिन कुछ मामले अभी भी लंबित हैं। उनके समर्थक उन्हें गरीबों-वंचितों का मसीहा मानते हैं, जबकि आलोचक दबंग नेता कहते हैं।

यह रिहाई बिहार में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक बदले की बहस को फिर गरमा सकती है। पप्पू यादव की आगे की योजनाएं क्या होंगी, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, 7 दिन की जेल यात्रा के बाद वे फिर मैदान में हैं।

Sources: हिंदुस्तान

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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