Harda red light area of ​​PurniaHarda red light area of ​​Purnia

19 फरवरी 2026, Purnia के हरदा रेड लाइट एरिया में पुलिस-एनजीओ का बड़ा छापा: आज पूर्णिया जिले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई हुई, जिसने मानव तस्करी और जबरन वेश्यावृत्ति के खिलाफ राज्य की प्रतिबद्धता को फिर से उजागर किया। मरंगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हरदा रेड लाइट एरिया में पुलिस प्रशासन और सामाजिक संस्था ‘नया सवेरा’ (एनजीओ) की संयुक्त टीम ने गुरुवार शाम को छापेमारी की। इस ऑपरेशन में कुल 9 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल थे। ये लोग संदिग्ध दलाल, संचालक और जबरन वेश्यावृत्ति में शामिल पाए गए। अमर उजाला, दैनिक भास्कर और अन्य लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह छापा मानव तस्करी रोकने, नाबालिगों की सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के अभियान का हिस्सा था। पूर्णिया जैसे सीमांचल जिले में ऐसे रैकेट्स अक्सर पड़ोसी राज्यों और नेपाल से लड़कियों को लुभाकर या जबरन लाकर फंसाते हैं।

छापेमारी की डिटेल्स गुरुवार शाम लगभग 6-7 बजे पुलिस और एनजीओ टीम हरदा बाजार के रेड लाइट एरिया में पहुंची। टीम में मरंगा थाना पुलिस, महिला पुलिसकर्मी और ‘नया सवेरा’ के सदस्य शामिल थे। सूचना के आधार पर टीम ने कई घरों और कमरों पर एक साथ छापा मारा। मौके पर मौजूद 9 लोगों को तुरंत हिरासत में लिया गया। इनमें:

  • संदिग्ध दलाल और ब्रोकर (पुरुष)
  • वेश्यावृत्ति में शामिल महिलाएं (कुछ स्वैच्छिक, कुछ जबरन फंसी हुई)

पुलिस ने कहा कि जांच में पता चला कि यहां से कुछ लड़कियां पड़ोसी जिलों और राज्यों से लाई गई थीं। हालांकि इस छापे में कोई नाबालिग नहीं मिली, लेकिन टीम ने संभावित तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू कर दी। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी है, और उनके खिलाफ IPC की धाराओं के साथ मानव तस्करी (ITPA 1956), जबरन वेश्यावृत्ति और UAPA जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

हरदा रेड लाइट एरिया का बैकग्राउंड हरदा बाजार पूर्णिया शहर के कटिहार मोड़ के पास स्थित एक पुराना इलाका है, जो दशकों से रेड लाइट एरिया के रूप में जाना जाता है। यहां छोटे-छोटे घरों और कमरों में वेश्यावृत्ति का धंधा चलता है। पुलिस रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • कई बार यहां नाबालिग लड़कियां प्रेम जाल या झूठे वादों में फंसाकर लाई जाती हैं।
  • 2025 में ही इसी इलाके में पुलिस ने 3 नाबालिगों को बचाया था और 14 लोगों को गिरफ्तार किया था (अगस्त 2025 छापा)।
  • जनवरी-फरवरी 2025 में कटिहार मोड़ क्षेत्र में 11 नाबालिगों को रेस्क्यू किया गया, जहां दलालों ने हिंदू नामों का इस्तेमाल कर लड़कियों को फंसाया था।

यह इलाका नेपाल बॉर्डर के करीब होने से तस्करी का हॉटस्पॉट बना हुआ है। दलाल अक्सर गरीब परिवारों की लड़कियों को नौकरी या शादी के बहाने लुभाते हैं, फिर यहां फंसा देते हैं।

एनजीओ ‘नया सवेरा’ की भूमिका ‘नया सवेरा’ एक लोकल एनजीओ है जो महिला सशक्तिकरण, मानव तस्करी रोकथाम और रेस्क्यू में सक्रिय है। इस छापे में एनजीओ ने सूचना दी और टीम में शामिल होकर महिलाओं से बातचीत की। एनजीओ के सदस्यों ने कहा कि कई महिलाएं जबरन फंसी हैं और बाहर निकलना चाहती हैं, लेकिन डर और आर्थिक मजबूरी के कारण नहीं निकल पातीं। रेस्क्यू के बाद ऐसी महिलाओं को शेल्टर होम, काउंसलिंग और रिहैबिलिटेशन में मदद दी जाती है।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया पूर्णिया पुलिस ने इस छापे को ‘मेजर क्रैकडाउन’ बताया। एसपी और अन्य अधिकारियों ने कहा कि ऐसे अभियान नियमित होंगे। बिहार में मानव तस्करी रोकने के लिए राज्य स्तर पर विशेष यूनिट काम कर रही है। हाल के वर्षों में:

  • मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पूर्णिया जैसे जिलों में NCPCR और पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन से दर्जनों नाबालिग रेस्क्यू हुए।
  • 2025-26 में सीमांचल क्षेत्र में तस्करी के कई बड़े रैकेट पकड़े गए।

समाज और विशेषज्ञों की राय यह छापा सकारात्मक कदम है, लेकिन समस्या की जड़ गहरी है। सामाजिक कार्यकर्ता कहते हैं:

  • गरीबी, शिक्षा की कमी और बॉर्डर एरिया होने से तस्करी आसान।
  • रेस्क्यू के बाद महिलाओं को स्थायी पुनर्वास और रोजगार जरूरी।
  • दलालों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन चाहिए।

स्थानीय लोग इस छापे से राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन कई कहते हैं कि “धंधा बंद नहीं होता, बस जगह बदल जाती है।”

पूर्णिया के हरदा रेड लाइट एरिया में 19 फरवरी 2026 का छापा मानव तस्करी और जबरन वेश्यावृत्ति के खिलाफ निर्णायक कदम है। 9 लोगों की हिरासत से नेटवर्क का हिस्सा उजागर हुआ। पुलिस-एनजीओ की यह संयुक्त कार्रवाई महिलाओं की सुरक्षा और समाज सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण है। यदि ऐसे अभियान जारी रहे और रेस्क्यू महिलाओं को मुख्यधारा में लाया गया, तो सीमांचल जैसे क्षेत्रों में यह समस्या काफी हद तक नियंत्रित हो सकती है। लेकिन इसके लिए जागरूकता, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण जरूरी है।

Sources: दैनिक भास्कर

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *