26 दिसंबर 2025, Oriental Public School: बिहार के किशनगंज जिले के तेघरिया स्थित Oriental Public School में कल 25 दिसंबर को वार्षिकोत्सव ‘ANNUAL DAY 2025’ का भव्य आयोजन किया गया। यह उत्सव न केवल छात्रों की प्रतिभाओं का प्रदर्शन था, बल्कि अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के बीच एकजुटता का प्रतीक भी साबित हुआ। स्कूल परिसर में रंग-बिरंगे सजावट, मधुर संगीत और जोशीली प्रस्तुतियों से पूरा माहौल उत्साहपूर्ण हो गया। सैकड़ों दर्शकों की मौजूदगी में चले इस कार्यक्रम ने Oriental Public School की 23 वर्षों की शैक्षिक यात्रा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. रामेश्वर सिंह ने दीप प्रज्वलन किया, जबकि स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री सरयू मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया।
Oriental Public School की स्थापना 2002 में हुई थी, जब स्थानीय लोगों की मांग पर श्री सरयू मिश्रा और स्वर्गीय श्री सत्य नारायण झा ने ओरिएंटल सोशियो-एजुकेशनल ट्रस्ट के तहत इसे स्थापित किया। सीबीएसई से संबद्ध (AFF NO. 330480) यह स्कूल प्राथमिक (LKG से कक्षा IV) और सीनियर (कक्षा V से XII) दोनों सेक्शन में शिक्षा प्रदान करता है। स्कूल का मिशन है कि उच्च स्तरीय शिक्षा को आम जनता तक पहुंचाना, जहां छात्रों में राष्ट्रीयता, सांप्रदायिक सद्भाव और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास हो। विजन में ईमानदारी, सहनशीलता और करुणा जैसे गुणों को स्थापित करने पर जोर दिया गया है। स्कूल की सुविधाओं में आधुनिक कंप्यूटर लैब, कला एवं शिल्प कक्ष, समृद्ध पुस्तकालय, संगीत-नृत्य कक्षाएं, सुरक्षित परिवहन व्यवस्था और स्मार्ट क्लासरूम शामिल हैं, जो छात्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि डॉ. रामेश्वर सिंह, विशेष अतिथि श्रीमती रीता देवी (जिला परिषद सदस्य) और स्कूल निदेशक श्री अनिल कुमार ने भाग लिया। राष्ट्रगान के बाद स्कूली बच्चों ने ‘वंदे मातरम’ गाकर माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। प्राचार्या श्रीमती सुनीता शर्मा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें बताया गया कि इस सत्र में 1,200 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। उन्होंने कहा, “यह उत्सव केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि छात्रों की रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता को निखारने का माध्यम है।” प्रतिवेदन में शैक्षणिक उपलब्धियों का जिक्र किया गया, जैसे कि कक्षा X और XII की बोर्ड परीक्षाओं में 95 प्रतिशत से अधिक पास प्रतिशत और राष्ट्रीय स्तर पर खेलकूद में पदक जीतना।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां थीं। कक्षा III के बच्चों ने ‘फूलों की कहानी’ पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की, जिसमें रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चे फूलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिए। दर्शक मंडली ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। इसके बाद कक्षा VII के छात्रों ने ‘भारतीय स्वतंत्रता संग्राम’ पर एक नाटक मंचित किया, जिसमें गांधीजी, भगत सिंह और रानी लक्ष्मीबाई के किरदार जीवंत हो उठे। नाटक में डायलॉग डिलीवरी और स्टेज मैनेजमेंट इतना जीवंत था कि दर्शक इतिहास के पन्नों में खो गए। संगीत विभाग के छात्रों ने ‘जय हो’ और ‘रंग बरसे’ जैसे लोकप्रिय गीतों पर समूह गायन किया, जबकि डांस टीम ने बॉलीवुड मिश्रण पर जोरदार डांस परफॉर्मेंस दी। विशेष रूप से, कक्षा X की छात्रा नेहा खातून ने कव्वाली ‘मदर इंडिया’ गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
खेलकूद अनुभाग ने भी कमाल दिखाया। हाल ही में आयोजित वार्षिक खेल दिवस 2025 की झलकियां दिखाते हुए छात्रों ने रिले रेस और योग प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि डॉ. सिंह ने कहा, “ओरिएंटल जैसे स्कूल सीमांचल क्षेत्र में शिक्षा का प्रकाशस्तंभ हैं। यहां के बच्चे न केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करते हैं, बल्कि जीवन कौशल भी सीखते हैं।” उन्होंने स्कूल को शुभकामनाएं देते हुए एक लाख रुपये का चेक भेंट किया। विशेष अतिथि श्रीमती रीता देवी ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अभिभावकों के लिए एक विशेष सत्र रखा गया, जहां ‘परेंटल लव शाइनिंग’ थीम पर चर्चा हुई। अभिभावक नेहा की मां ने कहा, “यह कार्यक्रम परिवार को करीब लाता है। बच्चे यहां अपनी प्रतिभा दिखाते हैं, और हम गर्व महसूस करते हैं।”
पुरस्कार वितरण समारोह उत्सव का चरमोत्कर्ष था। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए कक्षा X की टॉपर रिया कुमारी को गोल्ड मेडल, जबकि खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मोहम्मद नफीस को ट्रॉफी प्रदान की गई। कुल 50 से अधिक छात्र-छात्राओं को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। स्कूल ने ‘जूनून: द पैशन’ थीम को अपनाते हुए छात्रों को जुनून के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। इंस्टाग्राम और फेसबुक लाइव पर प्रसारित इस कार्यक्रम को हजारों लोगों ने देखा, जो #OPSKNEAnnualDay2025 हैशटैग से वायरल हो गया।
यह वार्षिकोत्सव स्कूल की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने वाला साबित हुआ। किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिले में, जहां शिक्षा के अवसर सीमित हैं, Oriental Public School एक मिसाल है। यहां अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक समुदाय के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं, जो सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश देता है। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ मिठाई वितरण हुआ, और दर्शक देर शाम तक उत्सव की चर्चा करते रहे। आने वाले वर्ष में स्कूल 2026 सत्र के लिए प्रवेश खुला रखेगा, जहां नई प्रतिभाओं का स्वागत होगा। यह आयोजन साबित करता है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन का उत्सव है। Oriental Public School के बच्चे कल के नेता बनेंगे, जो समाज को नई दिशा देंगे।