6 फरवरी 2026, Loksabha में विपक्ष का जोरदार हंगामा, सदन 9 फरवरी तक स्थगित: संसद के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को लोकसभा में उस समय हंगामा मच गया जब विपक्षी दलों ने कई मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर सदन में नारे लगाने शुरू कर दिए। कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, सपा सहित इंडिया गठबंधन के सांसदों ने वेल में आकर प्लेकार्ड दिखाए और नारेबाजी की। स्पीकर की बार-बार अपील के बावजूद हंगामा नहीं थमा, जिसके कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर 2 बजे तक और अंत में 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस घटना ने बजट सत्र पर गहरा असर डाला है और कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा अटक गई है।
घटना का विवरण
सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में सांसद वेल में उतर आए और “हमारी मांगें पूरी करो”, “मनिपुर पर चर्चा करो”, “कानून-व्यवस्था पर जवाब दो” जैसे नारे लगाने लगे। प्लेकार्ड्स पर लिखा था – “पंजाब में AAP नेता की हत्या पर चुप क्यों?”, “गाजियाबाद बहनों की आत्महत्या: सोशल मीडिया नीति कब?”, “बेरोजगारी और किसान संकट पर बहस करो”। स्पीकर ओम बिरला ने कई बार सदन को शांत करने की कोशिश की और कहा कि सभी मुद्दों पर उचित समय पर चर्चा होगी, लेकिन विपक्ष नहीं माना।
सदन में प्रश्नकाल भी नहीं हो सका। स्पीकर ने पहले सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित किया, लेकिन दोबारा शुरू होने पर फिर हंगामा शुरू हो गया। अंत में स्पीकर ने निराशा जताते हुए कहा, “यह सदन की गरिमा के खिलाफ है। मैं कार्यवाही 9 फरवरी तक स्थगित करता हूं।” इस दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों ने भी जवाबी नारे लगाए, जिससे माहौल और गरमा गया।
हंगामे के प्रमुख कारण
विपक्ष के हंगामे के पीछे कई मुद्दे थे:
- पंजाब में कानून-व्यवस्था: जालंधर में AAP नेता लकी ओबेरॉय की दिनदहाड़े हत्या पर विपक्ष ने केंद्र और पंजाब सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस ने कहा कि सत्ताधारी दल का नेता भी असुरक्षित है तो आम जनता की क्या स्थिति होगी?
- गाजियाबाद तीन बहनों की आत्महत्या: इस मामले को संसद में उठाते हुए विपक्ष ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर सख्त नीति बनाने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं में बढ़ती निराशा पर सरकार चुप है।
- मनिपुर हिंसा: नए डिप्टी सीएम की नियुक्ति पर जारी विरोध और हिंसा को लेकर विपक्ष ने प्रधानमंत्री से सदन में बयान की मांग की।
- आर्थिक मुद्दे: बेरोजगारी, महंगाई और किसान संकट पर तत्काल चर्चा की मांग।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार इन मुद्दों से भाग रही है और सदन नहीं चलने दे रही।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सदन के बाहर कहा, “सरकार जनता के मुद्दों से भाग रही है। हम लोकतंत्र की आवाज हैं, दबाने की कोशिश नाकाम रहेगी।” मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्वीट कर लिखा, “सदन चलने नहीं देना लोकतंत्र की हत्या है।”
सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “विपक्ष सिर्फ व्यवधान पैदा करना चाहता है। बजट सत्र में महत्वपूर्ण विधेयक पास करने हैं, लेकिन वे सहयोग नहीं कर रहे।” भाजपा प्रवक्ता ने इसे “अराजकता” करार दिया।
बजट सत्र पर असर
यह स्थगिती बजट सत्र के लिए बड़ा झटका है। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए जाने वाले पूर्ण बजट पर चर्चा लंबित है। इसके अलावा डिजिटल इंडिया बिल, डेटा प्रोटेक्शन संशोधन और कई आर्थिक सुधार संबंधी विधेयक अटक गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हंगामा जारी रहा तो सत्र की उत्पादकता प्रभावित होगी और कई बिल बिना चर्चा के पास करने पड़ सकते हैं।
यह घटना भारतीय संसदीय इतिहास में एक और उदाहरण है जहां विपक्षी एकजुटता ने सदन की कार्यवाही को ठप कर दिया। आने वाले दिनों में सर्वदलीय बैठक से हल निकलने की उम्मीद है, लेकिन राजनीतिक तनाव बढ़ता दिख रहा है।
Sources: लाइव मिंट