4 मार्च 2026, Nitish Kumar राज्यसभा जा सकते हैं: बिहार की राजनीति इन दिनों सबसे गर्म मुद्दे पर केंद्रित है – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्या राज्यसभा चुनाव लड़कर CM पद छोड़ देंगे? राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च (कल) है, और जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) के अंदरूनी सूत्रों से लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं कि नीतीश कुमार खुद राज्यसभा के उम्मीदवार बन सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो बिहार में 10वीं बार CM बने नीतीश की सत्ता से सीधे दिल्ली की ओर रुख होगा, और राज्य में NDA गठबंधन के अंदर नया मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यह खबर होली के उत्सव के बीच आई है, जिसने पटना के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। JDU और BJP दोनों स्तर पर बैठकें हो रही हैं, और कई नेताओं को सदमा लगा है।
अटकलों की शुरुआत और सूत्रों के दावे यह सस्पेंस पिछले कुछ दिनों से बढ़ रहा था, लेकिन 4 मार्च को शाम को CM आवास पर JDU के बड़े नेताओं – संजय झा, विजय चौधरी समेत – की बैठक के बाद अटकलें चरम पर पहुंच गईं। सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने का फैसला NDA के उच्च स्तर पर हुआ है, जहां उनकी राष्ट्रीय भूमिका को मजबूत करने की योजना है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में कल सुबह 11:30 बजे नीतीश नामांकन दाखिल कर सकते हैं। JDU की दो सीटों में से एक पर रामनाथ ठाकुर (केंद्रीय मंत्री और कर्पूरी ठाकुर के बेटे) का नाम लगभग तय है, जबकि दूसरी सीट पर नीतीश खुद जा सकते हैं। पहले इस सीट पर उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, मनीष वर्मा या नीतीश के बेटे निशांत कुमार के नाम चर्चा में थे, लेकिन अब नीतीश का नाम सबसे आगे आ गया है।
CM पद छोड़ने के बाद क्या होगा? अगर नीतीश कुमार CM पद से इस्तीफा देते हैं, तो बिहार में पहली बार BJP का मुख्यमंत्री बनने की संभावना मजबूत हो जाती है। NDA में सीटों का गणित देखें तो JDU के पास विधानसभा में मजबूत स्थिति है, लेकिन गठबंधन समझौते के तहत CM पद BJP को मिल सकता है। दावेदारों में BJP के सम्राट चौधरी (वर्तमान डिप्टी CM और विधायक दल नेता) की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। विजय कुमार सिन्हा और अन्य BJP नेता भी रेस में हैं। नीतीश के बेटे निशांत कुमार को डिप्टी CM बनाए जाने की मजबूत अटकलें हैं, जिससे JDU का प्रभाव बरकरार रहेगा। निशांत कुमार हाल ही में होली-मिलन और जन्मदिन कार्यक्रमों में सक्रिय दिखे, और कई JDU नेताओं ने उन्हें राजनीति में लाने की मांग की थी। यह कदम नीतीश की राजनीतिक विरासत को सुरक्षित करने का प्रयास माना जा रहा है।
NDA और JDU की रणनीति बिहार में राज्यसभा की 5 सीटें खाली हो रही हैं, और NDA सभी 5 पर कब्जा करने का लक्ष्य रख रहा है। BJP ने पहले ही नितिन नवीन और शिवेश कुमार को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। JDU की दो सीटें हैं, जहां रामनाथ ठाकुर के अलावा नीतीश या निशांत का नाम फाइनल हो सकता है। LJP (रामविलास), HAM (मनझी) और RLM (उपेंद्र कुशवाहा) भी दावेदार हैं, लेकिन NDA में समायोजन हो रहा है। महागठबंधन (RJD) की तरफ से तेजस्वी यादव जैसे नाम चर्चा में हैं, लेकिन NDA का गणित मजबूत है। NDA नेता कहते हैं कि विपक्ष को पांचवीं सीट तभी मिल सकती है अगर BSP, AIMIM समेत सभी छोटे दल एकजुट हों।
राजनीतिक प्रभाव और प्रतिक्रियाएं नीतीश के राज्यसभा जाने की खबर से JDU में कई नेताओं को सदमा लगा है, क्योंकि वे सत्ता छोड़ने को लेकर चिंतित हैं। गिरिराज सिंह जैसे BJP नेता ने इसे “होली का मजाक” कहा, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह रणनीतिक कदम है। नीतीश की उम्र (75 वर्ष) और लगातार 10वीं बार CM बनने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका की इच्छा को वजह बताया जा रहा है। अगर यह होता है तो बिहार में NDA की स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन JDU के अंदर असंतोष बढ़ सकता है। विपक्षी RJD इसे NDA में दरार के रूप में देख रहा है।
भविष्य की संभावनाएं कल (5 मार्च) नामांकन की अंतिम तिथि है, और शाम तक JDU की लिस्ट आ सकती है। अगर नीतीश नामांकन करते हैं, तो इस्तीफा जल्द हो सकता है, और नया CM चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। यह बिहार की राजनीति में नया अध्याय होगा, जहां “सुशासन बाबू” दिल्ली की ओर रुख करेंगे और बेटे निशांत राज्य में JDU की कमान संभाल सकते हैं। स्थिति तेजी से बदल रही है
Sources: अमर उजाला