14 दिसंबर 2025, NEET PG 2025 मेडिकल काउंसलिंग कमिटी (एमसीसी) ने नीट पीजी 2025 की राउंड 2 काउंसलिंग के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। इस राउंड में 135 नई पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटें जोड़ी गई हैं, जिससे कुल उपलब्ध सीटों की संख्या 32,215 तक पहुंच गई है। यह कदम उन हजारों मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए राहत लेकर आया है, जो विशेषज्ञता प्राप्त करने के लिए संघर्षरत हैं। यह दूसरी बार है जब एमसीसी ने इस राउंड के लिए सीट मैट्रिक्स में संशोधन किया है – पहले 8 दिसंबर को 2,620 नई सीटें जोड़ी गई थीं। यह बदलाव न केवल काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

नीट पीजी 2025 परीक्षा 16 अगस्त 2025 को आयोजित हुई थी, जिसमें लगभग 2.3 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया। परीक्षा के परिणाम 23 अगस्त को घोषित हुए, और उसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हुई। राउंड 1 में 28,000 से अधिक सीटें आवंटित की गईं, लेकिन कई सीटें रिक्त रह गईं। राउंड 2 का उद्देश्य इन्हीं रिक्त सीटों को भरना है, जिसमें एआईक्यू (ऑल इंडिया कोटा), डीईक्यू (डीम्ड यूनिवर्सिटी), और अन्य श्रेणियां शामिल हैं। एमसीसी ने इन अतिरिक्त सीटों को विभिन्न राज्यों और संस्थानों में वितरित किया है, जो ग्रामीण और अंडरसर्व्ड क्षेत्रों पर विशेष फोकस दर्शाता है।

अतिरिक्त सीटों का विस्तृत वितरण

एमसीसी द्वारा जारी अपडेटेड सीट मैट्रिक्स के अनुसार, ये 135 सीटें एमडी, एमएस, और डीएनबी कोर्सेज में जोड़ी गई हैं। राज्यवार वितरण में पश्चिम बंगाल सबसे आगे है, जहां 46 सीटें जोड़ी गई हैं। उत्तरी बंगाल मेडिकल कॉलेज में ही 30 से अधिक सीटें उपलब्ध हुई हैं, जिसमें जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, और रेडियो-डायग्नोसिस जैसे लोकप्रिय ब्रांचेज शामिल हैं। उदाहरणस्वरूप, नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज में एमडी (जनरल मेडिसिन) में ओबीसी के लिए 3 सीटें, एससी के लिए 1, और यूआर के लिए 2 सीटें जोड़ी गईं। इसी तरह, एमएस (जनरल सर्जरी) में यूआर के लिए 3 सीटें उपलब्ध हैं।

मध्य प्रदेश में 20 सीटें जोड़ी गईं। नेताजी सुभाष चंद्रा बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में सबसे अधिक 12 सीटें हैं, मुख्य रूप से एमडी (पेडियाट्रिक्स) और एमडी (रेडियो-डायग्नोसिस) में। यहां रेडियो-डायग्नोसिस में ईडब्ल्यूएस के लिए 1, ओबीसी के लिए 1 (पीडब्ल्यूडी), और यूआर के लिए 2 सीटें शामिल हैं। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, शिवपुरी में 6 सीटें, जैसे एमएस (जनरल सर्जरी) में यूआर के लिए 1, और एमएस (ऑर्थोपेडिक्स) में ओबीसी के लिए 1। महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, इंदौर में 2 सीटें एमडी (एनस्थेसियोलॉजी) में जोड़ी गईं।

महाराष्ट्र में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, नंदुरबार में 10 सीटें उपलब्ध हुई हैं, जिसमें एमडी/एमएस (एनाटॉमी) में ओबीसी और यूआर के लिए 1-1, एमडी (फॉरेंसिक मेडिसिन) में ओबीसी और यूआर के लिए 1-1, और एमएस (ऑर्थोपेडिक्स) में ओबीसी और यूआर के लिए 1-1 सीटें शामिल हैं। कर्नाटक के हावेरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में 10 सीटें जोड़ी गईं, जैसे एमडी (जनरल मेडिसिन) में ओबीसी के लिए 1 और एससी के लिए 1।

अन्य राज्यों में भी वितरण है: आंध्र प्रदेश में लगभग 48 एमडी/एमएस सीटें और 40 डीएनबी सीटें, जैसे आंध्रा मेडिकल कॉलेज में एमडी (पेडियाट्रिक्स) में ईडब्ल्यूएस और एसटी के लिए 1-1। असम, छत्तीसगढ़, दादरा और नगर हवेली, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, और जम्मू-कश्मीर में भी 5-10 सीटें प्रति राज्य जोड़ी गईं। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, फतेहपुर में एमडी (बायोकेमिस्ट्री) में ईडब्ल्यूएस और यूआर के लिए 1-1। कुल मिलाकर, ये सीटें ओबीसी (लगभग 35%), यूआर (30%), एससी (15%), एसटी (10%), और ईडब्ल्यूएस (10%) श्रेणियों में वितरित हैं।

काउंसलिंग प्रक्रिया में बदलाव

इस अपडेट के साथ एमसीसी ने चॉइस फीलिंग और लॉकिंग की अंतिम तिथि 13 दिसंबर 2025 दोपहर 1 बजे तक बढ़ा दी है। उम्मीदवार mcc.nic.in पर लॉगिन करके नई सीटों को ध्यान में रखते हुए अपनी प्राथमिकताएं अपडेट कर सकते हैं। जो कैंडिडेट्स ने पहले चॉइस लॉक की हैं, वे अनलॉकिंग सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। सीट एलॉटमेंट रिजल्ट 16 दिसंबर को घोषित होगा, और रिपोर्टिंग 17 से 25 दिसंबर तक होगी। यह एक्सटेंशन उम्मीदवारों को बेहतर निर्णय लेने का अवसर प्रदान करता है, खासकर उन ब्रांचेज में जहां रिक्तियां अधिक हैं।

उम्मीदवारों पर प्रभाव और अन्य अपडेट

ये अतिरिक्त सीटें उन उम्मीदवारों के लिए वरदान साबित होंगी जो राउंड 1 में अपनी पसंदीदा ब्रांच या संस्थान नहीं पा सके। विशेष रूप से, ग्रामीण क्षेत्रों के संस्थानों में जोड़ी गई सीटें स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देंगी। इसके अलावा, 218 कैंडिडेट्स को दस्तावेज सत्यापन के बाद इंडियन कोटे से एनआरआई कोटे में प्रोविजनली कन्वर्ट किया गया है, जिससे इंडियन कोटे में और सीटें उपलब्ध हुईं। यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करता है और काउंसलिंग की निष्पक्षता को मजबूत बनाता है।

हालांकि, उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित अपडेट चेक करें, क्योंकि राउंड 3 के लिए और सीटें जोड़ी जा सकती हैं। राउंड 2 के बाद मॉप-अप राउंड भी आयोजित होगा, जहां स्ट्रे वेकेंसीज भरी जाएंगी।

निष्कर्ष

नीट पीजी 2025 राउंड 2 में 135 अतिरिक्त सीटों का जोड़ एक सकारात्मक कदम है, जो मेडिकल शिक्षा की पहुंच को विस्तार देता है। यह न केवल उम्मीदवारों के सपनों को साकार करने में मदद करेगा, बल्कि देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाएगा। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों पर फोकस से समावेशी विकास सुनिश्चित होता है। उम्मीदवारों को शुभकामनाएं – सही चॉइस से सही करियर की शुरुआत करें। अधिक जानकारी के लिए mcc.nic.in विजिट करें।

By SHAHID

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