naxalite killed in begusarainaxalite killed in begusarai

1 जनवरी 2026, Begusarai: बिहार के Begusarai जिले में नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। विशेष कार्य बल (STF) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने तेघड़ा थाना क्षेत्र के नोनपुर गांव में एक साहसिक ऑपरेशन चलाकर 50 हजार रुपये के इनामी नक्सली एरिया कमांडर दयानंद मालाकार उर्फ छोटू को एनकाउंटर में मार गिराया। इस मुठभेड़ में दोनों पक्षों के बीच 20 से अधिक राउंड फायरिंग हुई, जो करीब आधे घंटे तक चली। यह कार्रवाई न केवल नक्सली संगठन को गहरा आघात पहुंचाने वाली है, बल्कि बिहार में नक्सल उन्मूलन अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हो रही है।

घटना की शुरुआत गुरुवार की सुबह हुई, जब STF को गुप्त सूचना मिली कि दयानंद मालाकार नोनपुर गांव के एक सुनसान जंगल इलाके में छिपा हुआ है। वह प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का सक्रिय सदस्य था और तेघड़ा, बखरी तथा समस्तीपुर के कुछ हिस्सों में नक्सल गतिविधियों का संचालन कर रहा था। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए STF की एक टीम, जिसमें इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी और कांस्टेबल शामिल थे, के साथ-साथ बेगूसराय जिला पुलिस की एक टुकड़ी भी रवाना हो गई। जैसे ही टीम ने गांव के बाहरी इलाके को घेरना शुरू किया, नक्सली ने अपनी मौजूदगी का अहसास कराते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस के अनुसार, दयानंद के पास एक इंसास राइफल, एक पिस्टल और भारी मात्रा में गोलियां थीं। वह अपनी दो सहयोगियों के साथ छिपा हुआ था, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान नक्सली ने कम से कम 15 राउंड गोली चलाई, जबकि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में 20 से अधिक राउंड दागे। इस गोलीबारी में दयानंद को सीने और सिर में कई गोलियां लगीं, जिससे वह मौके पर ही ढेर हो गया। उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए Begusarai सदर अस्पताल भेज दिया गया है। मारे गए नक्सली के पास से एक इंसास राइफल, एक देशी पिस्टल, 50 से अधिक जिंदा कारतूस और नक्सली साहित्य बरामद किया गया। इसके अलावा, उसके दो सहयोगी—जिनकी पहचान अभी गुप्त रखी गई है—को हिरासत में ले लिया गया, जो पूछताछ के दायरे में हैं।

दयानंद मालाकार कोई साधारण नक्सली नहीं था। वह भाकपा (माओवादी) का एरिया कमांडर था, जिसके ऊपर लंबे समय से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। 2018 से सक्रिय इस नक्सली पर हत्या, लूट, वसूली और पुलिस पर हमले जैसे दर्जनों मामले दर्ज थे। विशेष रूप से, 2020 में एसटीएफ ने उसके खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन चलाया था, लेकिन वह फरार हो गया था। तेघड़ा और आसपास के इलाकों में वह किसानों और मजदूरों से जबरन वसूली करता था, और नक्सली संगठन की भर्ती अभियान का नेतृत्व कर रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, दयानंद का जन्म Begusarai के ही एक गरीब परिवार में हुआ था, लेकिन आर्थिक तंगी और नक्सली प्रचार के कारण वह 2015 में संगठन से जुड़ गया। उसके नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में कम से कम तीन पुलिसकर्मियों पर हमले हुए थे, जिनमें एक की मौत हो गई थी।

इस एनकाउंटर को बिहार पुलिस के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। Begusarai एसपी मनीष ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “यह कार्रवाई सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनने के बाद बिहार में पहला फुल-फ्लेज्ड एनकाउंटर है। हमारी खुफिया तंत्र की सफलता का यह प्रमाण है। नक्सलियों को अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं मिलेगा।” एसपी ने यह भी बताया कि दयानंद के मारे जाने से भाकपा (माओवादी) के तेघड़ा-बखरी सेक्टर को कमजोर करने में बड़ी मदद मिलेगी। एसटीएफ के डीआईजी ने कहा, “हमारी टीम ने पूर्ण सतर्कता बरती। कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ, जो हमारी प्राथमिकता है।” पुलिस ने इनामी राशि वितरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

बिहार में नक्सलवाद की जड़ें गहरी हैं। राज्य के उत्तरी और मध्य जिलों जैसे औरंगाबाद, गया, जहानाबाद और नालंदा में यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन Begusarai जैसे सीमावर्ती इलाकों में भी यह फैल रही थी। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त ‘ऑपरेशन प्रहार’ जैसी पहलों के बावजूद, नक्सली संगठन भूमि सुधार और गरीबी के नाम पर ग्रामीणों को भड़काते रहे हैं। 2025 में बिहार में नक्सल संबंधी घटनाओं में 15 प्रतिशत की कमी आई थी, लेकिन दयानंद जैसे नेताओं की मौजूदगी से संगठन मजबूत हो रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एनकाउंटर न केवल स्थानीय स्तर पर शांति लाएगा, बल्कि पड़ोसी जिलों जैसे समस्तीपुर और खगड़िया में भी नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाएगा।

स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही। नोनपुर गांव के सरपंच रामेश्वर पासवान ने कहा, “दयानंद के कारण हम रातों को सो नहीं पाते थे। वह वसूली के लिए धमकाता था। अब गांव में शांति का माहौल है।” हालांकि, कुछ ग्रामीणों ने विकास की मांग की, ताकि नक्सलवाद की जड़ें उखड़ सकें। जिला प्रशासन ने घोषणा की है कि प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों को गति दी जाएगी, जिसमें सड़क, बिजली और स्कूलों का निर्माण शामिल है।

यह घटना राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। गृह मंत्रालय ने बिहार पुलिस को बधाई दी है और कहा है कि नक्सल उन्मूलन के लिए और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। विपक्षी दलों ने भी इसकी सराहना की, लेकिन साथ ही मांग की कि एनकाउंटर की जांच हो। कुल मिलाकर, Begusarai का यह ऑपरेशन नक्सलवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में एक चमकदार अध्याय जोड़ता है।

Sources: नव भारत टाइम्स

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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