25 दिसंबर 2025, Nigeria: Nigeria के उत्तर-पूर्वी राज्य बोर्नो की राजधानी माइदुगुरी में बुधवार रात को एक मस्जिद में हुए विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को सदमे की चपेट में डाल दिया। संदिग्ध सुसाइड बॉम्बिंग में कम से कम 5 लोग मारे गए, जबकि 35 से अधिक घायल हो गए। यह घटना ईसाई बहुल क्रिसमस त्योहार के ठीक एक दिन पहले हुई, जब मुस्लिम समुदाय शाम की नमाज अदा कर रहा था। पुलिस ने इसे आतंकी हमला करार दिया है, लेकिन अभी तक किसी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है। यह बोर्नो राज्य में लंबे समय से चली आ रही जिहादी हिंसा की ताजा कड़ी है, जहां बोको हराम और उसके सहयोगी संगठन सक्रिय हैं।
घटना माइदुगुरी के गंबोरू बाजार इलाके में स्थित एक स्थानीय मस्जिद में घटी। स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे के आसपास, जब सैकड़ों मुसलमान इशा की नमाज पढ़ रहे थे, तभी एक जोरदार धमाका हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद की दीवारें हिल गईं और आसपास के बाजार में अफरा-तफरी मच गई। “हम नमाज में मगरिब पढ़ रहे थे जब अचानक एक तेज आवाज आई। धुंध और धुएं के बीच चीखें गूंजने लगीं। मैंने देखा कि कई लोग जमीन पर गिरे पड़े थे,” एक घायल प्रत्यक्षदर्शी अब्दुल्ला मोहम्मद ने सीबीएस न्यूज को बताया। विस्फोट के बाद स्थानीय लोग घायलों को स्ट्रेचर पर उठाकर नजदीकी अस्पतालों की ओर भागे, जबकि सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया।
बोर्नो राज्य पुलिस कमांड के प्रवक्ता नाहुम दासो ने गुरुवार सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा, “प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि यह एक सुसाइड बॉम्बिंग हो सकती है। घटनास्थल पर संदिग्ध सुसाइड वेस्ट के टुकड़े बरामद हुए हैं। गवाहों के बयानों के आधार पर हम पुष्टि कर रहे हैं।” दासो ने यह भी बताया कि पुलिस ने क्षेत्र में द्वितीयक विस्फोटक उपकरणों की तलाश के लिए सघन सर्च ऑपरेशन चलाया है। घायलों को माइदुगुरी के यूनिवर्सिटी ऑफ माइदुगुरी टीचिंग हॉस्पिटल और अन्य सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों का कहना है कि कुछ की हालत गंभीर है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, इस हमले में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई घायल सिर और छाती में चोटिल हैं।
यह हमला Nigeria के सबसे अशांत क्षेत्रों में से एक में हुआ है, जहां 2009 से जिहादी समूहों की बगावत ने हजारों जिंदगियां लील ली हैं। बोको हराम, जिसका मतलब ‘पश्चिमी शिक्षा हराम है’, 2002 में स्थापित एक इस्लामी कट्टरपंथी संगठन है, जिसने 2009 में सरकारी ताकतों के खिलाफ विद्रोह शुरू किया। ब्रिटानिका के अनुसार, इस विद्रोह में अब तक 35,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि संयुक्त राष्ट्र के अनुमान से 2.2 मिलियन से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। माइदुगुरी, बोर्नो राज्य का केंद्र, बोको हराम का गढ़ रहा है। संगठन ने स्कूलों, बाजारों और धार्मिक स्थलों पर हमले किए हैं, जिनमें 2014 का चिबोक स्कूल अपहरण सबसे कुख्यात है, जहां 276 लड़कियां अगवा की गईं।
बोको हराम का एक हिस्सा 2016 में इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (आईएसडब्ल्यूएपी) के रूप में अलग हो गया, जो आईएसआईएस का सहयोगी है। हडसन इंस्टीट्यूट की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसडब्ल्यूएपी ने इस साल ड्रोन हमलों का सहारा लिया है, जैसे मार्च में Nigeria सेना पर ड्रोन बमबारी। हालांकि, सुसाइड बॉम्बिंग का तरीका बोको हराम का पुराना हथियार रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में सुसाइड हमलों में कमी आई थी, लेकिन जुलाई 2024 में बोर्नो में एक शादी समारोह पर तीन सुसाइड बॉम्बर्स के हमले ने चिंताएं बढ़ा दीं। द इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप की 2024 रिपोर्ट के अनुसार, बोको हराम और ISWAP के बीच आंतरिक संघर्ष ने उनकी ताकत कम की है, लेकिन वे अभी भी नागरिकों के लिए खतरा बने हुए हैं।
इस हमले की जिम्मेदारी अभी किसी ने नहीं ली है, लेकिन विशेषज्ञ बोको हराम या आईएसडब्ल्यूएपी पर शक जता रहे हैं। एंटी-जिहादिस्ट मिलिशिया लीडर बाबाकुरा कोलो ने फेसबुक पर कहा, “यह बोको हराम का काम लगता है। वे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर भय फैलाते हैं।” यूरोन्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मस्जिद के आसपास के बाजार में भीड़भाड़ रहती है, जो हमलावरों के लिए आसान लक्ष्य बन जाता है। क्रिसमस के समय यह हमला और भी चिंताजनक है, क्योंकि बोर्नो में मुस्लिम-ईसाई तनाव पहले से मौजूद है।
बोर्नो राज्य के गवर्नर बाबागाना जुुलुम ने हमले की निंदा करते हुए इसे “बर्बर और अमानवीय” बताया। उन्होंने कहा, “हम सभी समुदायों से सतर्क रहने की अपील करते हैं, खासकर पूजा स्थलों और सार्वजनिक जगहों पर। सरकार सुरक्षा बलों को और मजबूत करने के निर्देश दे चुकी है।” स्थानीय मुस्लिम नेताओं ने शोक व्यक्त किया और एकजुटता की अपील की। “यह हमला पूरे इस्लाम के खिलाफ है। हमें शांति के लिए एकजुट होना होगा,” मस्जिद के इमाम ने कहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने निंदा की है, जबकि अमेरिका ने Nigeria को सहायता का वादा किया है।
इस घटना के व्यापक प्रभाव गंभीर हैं। बोर्नो राज्य पहले से ही आर्थिक संकट और विस्थापन का शिकार है। द न्यू ह्यूमैनिटेरियन की नवंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जिहादी हमलों में वृद्धि हुई है, जिससे आईडीपी (आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्ति) वापसी नीति प्रभावित हो रही है। माइदुगुरी जैसे शहरों में बाजार बंद हो गए, और पर्यटन व व्यापार प्रभावित हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि Nigeria सरकार को सैन्य अभियानों के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक विकास पर जोर देना होगा, ताकि युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने वाली गरीबी और बेरोजगारी कम हो।
निष्कर्षतः माइदुगुरी मस्जिद विस्फोट Nigeria की लंबी जिहादी संघर्ष की याद दिलाता है। 16 वर्षों में लाखों जिंदगियां बर्बाद हो चुकी हैं, लेकिन उम्मीद की किरण बाकी है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग और स्थानीय एकजुटता से ही इस चक्र को तोड़ा जा सकता है। सरकार को न केवल सुरक्षा मजबूत करनी होगी, बल्कि शांति निर्माण के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। यह घटना पूरे विश्व को चेतावनी देती है कि आतंकवाद की जड़ें गहरी हैं, और इन्हें उखाड़ने के लिए बहुआयामी प्रयास जरूरी हैं।
Sources: एबीसी न्यूज़