4 जनवरी 2026, Purnia में न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री की गिरावट: बिहार के Purnia जिले में शीतलहर ने पूरे जोर पकड़ लिया है। न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ यह अब 8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है, जिससे शहर की जिंदगी ठहर सी गई है। अधिकांश दुकानें और बाजार दोपहर तक बंद पड़े हैं, जबकि लोग सड़कों पर अलाव जलाकर ठंड की ठिठुरन से बचने का सहारा ले रहे हैं। घने कोहरे ने दृश्यता को शून्य कर दिया है, जिससे यातायात ठप हो गया और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने Purnia सहित 27 जिलों के लिए सात दिनों तक ठंड और कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इस रिपोर्ट में हम इस शीतलहर की पृष्ठभूमि, प्रभाव, प्रशासनिक प्रतिक्रिया और समाधान के उपायों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
शीतलहर की पृष्ठभूमि: पश्चिमी विक्षोभ का असर
Purnia में यह ठंड का दौर पश्चिमी विक्षोभ के कारण तेज हुआ है, जो हिमालय से ठंडी हवाओं को ला रहा है। IMD की जनवरी 2026 की मासिक प्रेस रिलीज के अनुसार, बिहार में कोहरे और शीत दिवस की स्थिति 8 जनवरी तक बनी रहेगी। पिछले हफ्ते से ही तापमान में गिरावट शुरू हो गई थी, लेकिन आज न्यूनतम तापमान 11 डिग्री से घटकर 8 डिग्री पर पहुंच गया। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2025 के अंत से ही बिहार में ठंड ने दस्तक दी थी, जहां कई जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया था। Purnia, जो सीमांचल क्षेत्र में स्थित है, इसकी चपेट में सबसे ज्यादा आया है। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, राज्यव्यापी घना कोहरा और शीतलहर ने नारंगी अलर्ट जारी कराया है।
यह समस्या नई नहीं है। हर साल जनवरी में Purnia में ठंड का प्रकोप बढ़ जाता है, लेकिन इस बार जलवायु परिवर्तन के कारण यह और तीव्र हो गया है। डाउन टू अर्थ की पुरानी रिपोर्ट्स याद दिलाती हैं कि बिहार के पूर्वी जिलों में कोहरा यातायात को बुरी तरह प्रभावित करता है। आज सुबह 5 बजे तापमान 8 डिग्री पर स्थिर रहा, जबकि दोपहर में भी सूरज की किरणें बादलों के पीछे छिपी रहीं। वेस्ट बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों में भी यही स्थिति है, जिससे पूरे पूर्वी भारत में शीतलहर का जाल बिछ गया है।
दैनिक जीवन पर प्रभाव: ठप्प बाजार और अलाव की गर्माहट
शहर की मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। भट्टाबाड़ी, खरीकिया और रोड नंबर-1 जैसे व्यस्त बाजारों में 70 प्रतिशत से अधिक दुकानें बंद हैं। दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार, दुकानदार ठंड से बचने के लिए सुबह 10 बजे के बाद ही खोल रहे हैं, लेकिन ग्राहक भी घरों से बाहर नहीं निकल रहे। चाय की दुकानों पर अलाव जल रहे हैं, जहां लोग ठिठुरते हुए चाय की चुस्कियां ले रहे हैं। एक स्थानीय व्यापारी रामेश्वर सिंह ने बताया, “पिछले तीन दिनों से ठंड इतनी तेज है कि हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं। दुकान खोलने का मन ही नहीं करता।”
ग्रामीण इलाकों में स्थिति और खराब है। कृष्णा नगर और अमौर ब्लॉक में किसान खेतों में नहीं जा पा रहे, क्योंकि कोहरा दृश्यता को मात्र 50 मीटर तक सीमित कर रहा है। स्कूलों में भी हलचल कम है। पटना में कक्षा 5 तक के स्कूल 5 जनवरी तक बंद हैं, और पूर्णिया में भी समय संशोधित कर दिया गया है। इंडिया टीवी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों की उपस्थिति 50 प्रतिशत घटी है। महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जो अलाव के इर्द-गिर्द जमा होकर गपशप कर रही हैं। सड़कों पर वाहन कम हैं, और जो हैं, वे हेडलाइट जलाकर धीरे-धीरे चल रहे हैं।
आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां
इस ठंड ने आर्थिक गतिविधियों को बुरी तरह प्रभावित किया है। Purnia, जो व्यापारिक केंद्र है, यहां के बाजारों से रोजाना करोड़ों का कारोबार होता है, लेकिन ठंड ने इसे आधा कर दिया। एमएसएन की रिपोर्ट के अनुसार, तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट से अगले दो दिनों तक और नुकसान होगा। मजदूर वर्ग, जैसे रिक्शा चालक और ठेला वाले, सबसे ज्यादा परेशान हैं। एक रिक्शा चालक ने कहा, “सुबह उठते ही ठंड लग जाती है, पैसेंजर भी कम हैं।”
स्वास्थ्य के लिहाज से भी खतरा है। ठंड से सांस की बीमारियां, जोड़ों का दर्द और निमोनिया के मामले बढ़ गए हैं। डीडी न्यूज के अनुसार, Purnia में शीतलहर अलर्ट के बीच अस्पतालों में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनने और गर्म पानी पीने की सलाह दी जा रही है। मैथुरुभूमि इंग्लिश की खबर में कहा गया है कि 27 जिलों में अलर्ट के कारण स्वास्थ्य विभाग सतर्क है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया: अलर्ट और राहत उपाय
जिला प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। डीएम सिद्धार्थ शर्मा ने बैठक बुलाकर राहत कार्यों की समीक्षा की। IMD के सात दिवसीय अलर्ट के तहत Purnia में कोहरे की चेतावनी जारी है। नेशनल हेराल्ड इंडिया के अनुसार, ठंड के प्रकोप से निपटने के लिए अलाव वितरण और कंबल बांटने का अभियान चलाया जा रहा है। ट्रेन और बस सेवाओं में देरी हो रही है, जिसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई रिपोर्ट के मुताबिक, 2 जनवरी तक कोहरा बरकरार रहेगा।
सरकार ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है, और स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं का स्टॉक बढ़ाया गया है। किसानों को फसल सुरक्षा के लिए सलाह दी जा रही है, क्योंकि ठंड से सब्जी उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
निष्कर्ष: शीतलहर से जूझते पूर्णिया का संघर्ष
Purnia की यह शीतलहर प्रकृति की मार का प्रतीक है, जो दैनिक जीवन को ठप कर रही है। तापमान में 3 डिग्री की गिरावट ने न केवल बाजार बंद कराए, बल्कि लोगों को अलाव की गर्माहट में ढूंढ लिया। हालांकि, प्रशासन के प्रयासों से कुछ राहत मिल रही है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान की जरूरत है—जैसे बेहतर मौसम पूर्वानुमान और जलवायु अनुकूलन। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में धूप लौटेगी, और शहर फिर से जीवंत हो उठेगा। फिलहाल, पूर्णियावासी ठंड की ठिठुरन में गर्मजोशी की तलाश कर रहे हैं।