2 मार्च 2026, Middle East संकट: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने अब समुद्री मार्गों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। ओमान के गल्फ ऑफ ओमान में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई है, जो इस युद्ध में पहला भारतीय हताहत है। हमले का शिकार हुआ तेल टैंकर MKD VYOM (मार्शल आइलैंड्स फ्लैग वाला) था, जो मुस्कट तट से लगभग 52 नॉटिकल माइल (96.3 किमी) दूर था। ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर (MSC) ने इसकी पुष्टि की है।
हमले का विवरण और घटनाक्रम
ओमान मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर के अनुसार, टैंकर पर एक रिमोटली ऑपरेटेड (अनमैन्ड) ड्रोन बोट ने हमला किया, जिसमें विस्फोटक लगे थे। हमला सोमवार सुबह हुआ, जिससे जहाज के मुख्य इंजन रूम में आग और विस्फोट हो गया। इस घटना में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई। जहाज पर कुल 21 क्रू मेंबर्स थे – 16 भारतीय, 4 बांग्लादेशी और 1 यूक्रेनियन। बाकी 20 क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया और पनामा फ्लैग वाले मर्चेंट वेसल MV SAND द्वारा इवैक्यूएट किया गया। ओमान की रॉयल नेवी अब टैंकर की निगरानी कर रही है और क्षेत्र में जहाजों को चेतावनी जारी की गई है।
टैंकर MKD VYOM लगभग 59,463 मीट्रिक टन कार्गो (तेल या पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स) लेकर जा रहा था। हमले के बाद जहाज में आग लग गई, लेकिन आग पर काबू पा लिया गया। ओमान MSC ने कहा कि हमला “रिमोटली ऑपरेटेड बोट” से हुआ, लेकिन अभी तक हमले के पीछे किसी की जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं की गई है। हालांकि, क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास जहाजों पर हमलों की धमकियां पहले से चल रही हैं। ईरान ने कई बार कहा है कि अमेरिका-इज़रायल हमलों के जवाब में वह क्षेत्रीय जहाजों को निशाना बना सकता है।
यह हमला पिछले 24 घंटों में दूसरा बड़ा हमला है। रविवार को भी पालाउ फ्लैग वाले टैंकर Skylight पर हमला हुआ था (मुसंदम प्रायद्वीप के पास), जिसमें 4 क्रू सदस्य घायल हुए थे – उनमें से 15 भारतीय थे। इन हमलों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (पर्शियन गल्फ का संकरा मुंह) से जहाजों का ट्रैफिक लगभग रुक गया है। पहले दिन 60-70 जहाज गुजरते थे, लेकिन अब शिपिंग रूट्स पर खतरा बढ़ गया है।
भारत पर प्रभाव और प्रतिक्रिया
यह घटना भारत के लिए गंभीर है क्योंकि भारतीय सीफेयर (समुद्री कर्मी) दुनिया में सबसे ज्यादा संख्या में हैं, और कई भारतीय जहाज गल्फ रूट पर चलते हैं। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि “हम घटना की गहन जांच कर रहे हैं और ओमान सरकार के साथ संपर्क में हैं”। पीड़ित क्रू सदस्य के परिवार को सूचित किया जा रहा है, और मुआवजा/सहायता का प्रावधान किया जाएगा।
मिडिल ईस्ट संकट के कारण भारत में तेल कीमतों पर असर पड़ रहा है। ब्रेंट क्रूड कीमतें पहले से ही 13% उछल चुकी हैं, और भारत (जो 85% से ज्यादा तेल आयात करता है) को महंगाई का खतरा है। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइंस ने UAE, कतर, सऊदी और इज़रायल रूट्स पर 150+ फ्लाइट्स कैंसल की हैं। हजारों भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं, और सरकार ने एडवाइजरी जारी की है कि “गैर-जरूरी यात्रा टालें”।
क्षेत्रीय संदर्भ और आगे का खतरा
यह हमला ईरान के जवाबी हमलों का हिस्सा माना जा रहा है, जो अमेरिका-इज़रायल के हमलों (जिसमें सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हुई) के बाद शुरू हुए। ईरान ने गल्फ देशों में अमेरिकी बेस पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए हैं, और अब कमर्शियल शिपिंग भी निशाने पर है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, और अगर हमले जारी रहे तो ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस हो सकती है।
ओमान ने हमले की निंदा की है और क्षेत्र में शांति की अपील की है। अमेरिका ने कहा कि “ईरान की धमकियां अस्वीकार्य हैं”। भारत सरकार ने कहा कि “हम सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हैं”।
यह घटना भारतीय सीफेयरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर युद्ध लंबा चला तो हजारों भारतीय क्रू सदस्यों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। सरकार को अब “ऑपरेशन गंगा” जैसे बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी करनी पड़ सकती है।
Sources: हिंदुस्तान टाइम्स