1 मार्च 2026, Middle East संकट, एयर इंडिया और इंडिगो ने 1 मार्च को सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं: आज भारतीय विमानन क्षेत्र में एक बड़ा संकट आ गया है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए बड़े हमलों के बाद मिडिल ईस्ट के बड़े हिस्से में एयरस्पेस बंद हो गया है। ईरान, इराक, जॉर्डन, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, कतर और यूएई जैसे देशों के ऊपर का आकाश पूरी तरह या आंशिक रूप से प्रतिबंधित हो गया है। इस वजह से दुबई, अबू धाबी, दोहा जैसे विश्व के सबसे व्यस्त हब एयरपोर्ट बंद या सीमित हो गए हैं।
भारत में सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने अनुमान लगाया है कि आज (1 मार्च 2026) भारतीय एयरलाइंस की लगभग 444 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो सकती हैं। कल (28 फरवरी) भी 410 उड़ानें कैंसल हो चुकी थीं। यह वैश्विक विमानन के लिए कोविड के बाद का सबसे बड़ा संकट है, जहां हजारों उड़ानें प्रभावित हुई हैं और लाखों यात्री फंस गए हैं।
एयर इंडिया की रद्द उड़ानें – 50+ अंतरराष्ट्रीय सेवाएं प्रभावित
टाटा ग्रुप की एयर इंडिया ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आज के लिए 50 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयरलाइन ने कहा, “मिडिल ईस्ट की बदलती स्थिति की लगातार निगरानी के बाद, यात्रियों और क्रू की सुरक्षा के हित में ये फैसला लिया गया है।”
एयर इंडिया ने मुख्य रूप से यूरोप, ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा के रूट्स पर उड़ानें रद्द की हैं, क्योंकि ये रूट्स मिडिल ईस्ट एयरस्पेस से होकर गुजरते हैं। कुछ प्रमुख रद्द उड़ानें:
- दिल्ली-लंदन हीथ्रो (AI161/AI162, AI111/AI112)
- मुंबई-लंदन हीथ्रो (AI129/AI128)
- अमृतसर-लंदन गैटविक (AI169/AI170)
- दिल्ली-न्यूयॉर्क JFK (AI101/AI102)
- मुंबई-न्यूयॉर्क JFK और न्यूर्क
- दिल्ली-शिकागो (वियना के रास्ते)
- दिल्ली-टोरंटो (वियना के रास्ते)
- दिल्ली-फ्रैंकफर्ट, मुंबई-फ्रैंकफर्ट
- दिल्ली-पेरिस
एयर इंडिया ने सभी गल्फ डेस्टिनेशन (दुबई, अबू धाबी, दोहा, रियाद, जेद्दा, मस्कट आदि) की उड़ानें भी अनिश्चितकाल के लिए सस्पेंड कर दी हैं। एयरलाइन यात्रियों को अल्टरनेटिव रूट्स, रिफंड या फ्री री-बुकिंग की सुविधा दे रही है। 24×7 हेल्पलाइन (+91 1169329333) पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
इंडिगो का फैसला – 160+ उड़ानें प्रभावित, सस्पेंशन 2 मार्च तक बढ़ाया
भारत की सबसे बड़ी लो-कॉस्ट एयरलाइन इंडिगो ने भी मिडिल ईस्ट एयरस्पेस के इस्तेमाल वाली सभी चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सस्पेंड कर दी हैं। आज (1 मार्च) सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हुईं, और एयरलाइन ने सस्पेंशन को 2 मार्च 2026 रात 11:59 बजे तक बढ़ा दिया है।
इंडिगो ने गल्फ रूट्स (दुबई, अबू धाबी, शारजाह आदि) के अलावा कुछ यूरोपीय और अन्य लंबी दूरी की उड़ानें भी प्रभावित की हैं। एयरलाइन ने कहा, “हम स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं।” प्रभावित यात्रियों को फुल रिफंड या फ्री री-शेड्यूलिंग की पेशकश की गई है।
यात्रियों पर असर – हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अमृतसर जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्री फंस गए हैं। कई लोग घंटों इंतजार कर रहे हैं, होटल बुकिंग और खाने-पीने की समस्या झेल रहे हैं। गल्फ में काम करने वाले लाखों भारतीय मजदूर और छात्र भी प्रभावित हैं। दुबई और अबू धाबी एयरपोर्ट पर भारतीय यात्री “मिसाइलों के ऊपर से गुजरने” की बात कह रहे हैं और सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
केरल CM पिनाराई विजयन ने PM मोदी को पत्र लिखकर गल्फ में फंसे केरलवासियों की सुरक्षा के लिए हस्तक्षेप की मांग की है। कई सेलिब्रिटी जैसे PV सिंधु भी फंसे हुए हैं।
सरकार और एयरलाइंस की प्रतिक्रिया
सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने सभी एयरलाइंस को सलाह दी है कि वे स्थिति की समीक्षा करते रहें। विदेश मंत्रालय ने फंसे भारतीयों को दूतावासों से संपर्क करने की अपील की है। कुछ देशों में वीजा एक्सटेंशन की सुविधा भी दी जा रही है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और स्पाइसजेट जैसी अन्य एयरलाइंस ने भी गल्फ और वेस्टबाउंड उड़ानें सस्पेंड की हैं। कुल मिलाकर भारतीय एयरलाइंस पर भारी वित्तीय और ऑपरेशनल बोझ पड़ रहा है।
आगे
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संघर्ष जारी रहा तो एयरस्पेस बंदी कई दिनों तक चल सकती है। एयरलाइंस को वैकल्पिक रूट्स (जैसे अफ्रीका या रूस के ऊपर) का इस्तेमाल करना पड़ सकता है, जो ईंधन और समय बढ़ाएगा। यात्रियों को सलाह है कि वे फ्लाइट स्टेटस चेक करें और एयरलाइंस से अपडेट लें।
यह संकट न केवल यात्रियों के लिए बल्कि पूरी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती है, क्योंकि गल्फ क्षेत्र भारत के लिए महत्वपूर्ण ट्रेड और रेमिटेंस का स्रोत है।
Sources: इकनोमिक टाइम्स