31 जनवरी 2026, Iran के बंदर अब्बास में जोरदार विस्फोट: ईरान के दक्षिणी तटीय शहर बंदर अब्बास में आज सुबह एक के बाद एक तीन जोरदार विस्फोट हुए, जिससे पूरे शहर में दहशत फैल गई। होर्मुजगान प्रांत का यह प्रमुख बंदरगाह शहर होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब स्थित है और सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। विस्फोट सुबह करीब 7:45 बजे शुरू हुए, जब शहर के औद्योगिक इलाके में एक बड़ा धमाका हुआ, उसके बाद दो और धमाके सुनाई दिए। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर तक महसूस की गई और खिड़कियों के शीशे तक हिल गए। अभी तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन अधिकारियों ने इसे “संदिग्ध” करार दिया है।
विस्फोट का घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहला विस्फोट शहर के पूर्वी औद्योगिक जोन में एक तेल रिफाइनरी के पास हुआ। उसके बाद आग का गोला उठता दिखा और काला धुआं पूरे आसमान में फैल गया। दूसरा और तीसरा धमाका बंदरगाह के करीब एक गोदाम क्षेत्र में हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि विस्फोट के बाद कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, गाड़ियां जल रही हैं और लोग भागते नजर आ रहे हैं। बंदर अब्बास के निवासी अहमद रेजाई ने बताया, “मैं घर में था, अचानक जोरदार धमाका हुआ। लगा जैसे भूकंप आ गया। बाहर निकला तो धुआं और चीख-पुकार ही दिख रही थी।”
ईरानी सरकारी मीडिया IRINN ने शुरुआत में खबर को “गैस लीक से हुआ हादसा” बताया, लेकिन बाद में होर्मुजगान प्रांत के गवर्नर मेहदी दोस्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रारंभिक जांच में विस्फोट के कारण स्पष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हम सभी संभावनाओं की जांच कर रहे हैं— तकनीकी खराबी, दुर्घटना या बाहरी साजिश।” बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। रेड क्रिसेंट सोसाइटी और दमकल की दर्जनों गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 40 से अधिक घायल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सामरिक महत्व और क्षेत्रीय तनाव
बंदर अब्बास ईरान का सबसे बड़ा बंदरगाह है, जहां से देश का 80% से अधिक तेल निर्यात होता है। यहां ईरानी नौसेना का प्रमुख बेस भी है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से रोजाना लाखों बैरल तेल गुजरता है। हाल के महीनों में इस क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के संबंध पहले से तनावपूर्ण हैं, जबकि हूती विद्रोहियों के लाल सागर हमलों के बाद क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर विस्फोट में कोई बाहरी हाथ निकलता है, तो यह क्षेत्रीय युद्ध को और भड़का सकता है। इजरायली मीडिया ने बिना सबूत के “संभावित साइबर या ड्रोन हमला” की अटकलें लगानी शुरू कर दी हैं, जबकि ईरानी अधिकारी इसे “विपक्षी प्रोपेगैंडा” बता रहे हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान जारी कर कहा कि वे स्थिति पर नजर रख रहे हैं और किसी भी हिंसा की निंदा करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरेश ने विस्फोट पर दुख व्यक्त किया और शांतिपूर्ण जांच की अपील की। रूस और चीन— ईरान के करीबी सहयोगी— ने तुरंत समर्थन व्यक्त किया। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम ईरान के साथ खड़े हैं और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की निंदा करते हैं।” पाकिस्तान और ओमान ने भी चिंता जताई, क्योंकि दोनों देश बंदर अब्बास के करीब हैं। भारत ने भी सतर्क बयान जारी किया। विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम घटना पर नजर रख रहे हैं और क्षेत्र में शांति की उम्मीद करते हैं।” भारत का बंदर अब्बास के साथ चाबहार प्रोजेक्ट के जरिए अप्रत्यक्ष संबंध है।
तेल बाजार पर भी असर पड़ा। विस्फोट की खबर आते ही ब्रेंट क्रूड की कीमत में 3% की उछाल आई। अगर बंदरगाह लंबे समय तक प्रभावित रहा, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
जांच और सुरक्षा उपाय
ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जांच अपने हाथ में ले ली है। शहर में कर्फ्यू जैसे हालात हैं— मुख्य सड़कें बंद कर दी गई हैं, ड्रोन सर्विलांस बढ़ा दिया गया है। बंदरगाह पर सभी गतिविधियां अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। स्थानीय अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह तकनीकी हादसा है, तो रिफाइनरी की पुरानी मशीनरी और रखरखाव की कमी इसका कारण हो सकती है। लेकिन अगर साजिश साबित हुई, तो यह ईरान के लिए बड़ा झटका होगा। पिछले साल भी ईरान में नतांज न्यूक्लियर प्लांट और अन्य स्थानों पर संदिग्ध विस्फोट हुए थे, जिन्हें इजरायल से जोड़ा गया था।
बंदर अब्बास के लोग दहशत में हैं। कई परिवारों ने शहर छोड़ना शुरू कर दिया है। सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया है और जांच रिपोर्ट जल्द जारी करने का वादा किया है। लेकिन क्षेत्रीय तनाव के बीच यह घटना नई आशंकाएं पैदा कर रही है। दुनिया की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या निकलता है और क्या यह घटना बड़े संघर्ष की शुरुआत तो नहीं।
फिलहाल शहर में शांति है, लेकिन तनाव बरकरार है। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संयम बरतने की अपील की है। उम्मीद है कि सच जल्द सामने आएगा और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
Sources: अल अरबिया