Lok Sabha Speaker Om Birla launched the e-Vidhan app.Lok Sabha Speaker Om Birla launched the e-Vidhan app.

7 फरवरी 2026, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लॉन्च किया e-Vidhan ऐप, सीएम नीतीश कुमार रहे अनुपस्थित: बिहार विधानसभा के 106वें स्थापना दिवस पर शुक्रवार को भव्य समारोह आयोजित किया गया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने राष्ट्रीय e-विधान एप्लीकेशन (NeVA) आधारित e-Vidhan ऐप को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। इस मौके पर डिजिटल विधानसभा की शुरुआत हुई, जो बिहार को पेपरलेस विधायी प्रक्रिया की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना दिया।

कार्यक्रम का पूरा घटनाक्रम

बिहार विधान मंडल के सेंट्रल हॉल में आयोजित इस समारोह में विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, विधान पार्षद अध्यक्ष देवेश चंद्र ठाकुर, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित कई मंत्री, विधायक और पूर्व विधायक मौजूद रहे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मंच से e-Vidhan ऐप लॉन्च करने के साथ ही विधानसभा की गौरवशाली परंपराओं की सराहना की। उन्होंने कहा, “डिजिटल इंडिया की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। e-Vidhan से विधायी प्रक्रिया पारदर्शी, तेज और पर्यावरण-अनुकूल बनेगी।”

समारोह में राज्यपाल के अभिभाषण की परंपरा भी निभाई गई। गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और विधान मंडल के बाहर भव्य सजावट की गई। कार्यक्रम में उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के संदेश का भी उल्लेख किया गया।

e-Vidhan ऐप क्या है और इसका महत्व

e-Vidhan राष्ट्रीय e-विधान एप्लीकेशन (NeVA) का हिस्सा है, जिसे केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने विकसित किया है। यह ‘वन नेशन, वन एप्लीकेशन’ की अवधारणा पर आधारित है। इस ऐप के जरिए विधायक डिजिटल तरीके से प्रश्न, प्रस्ताव, बिल और अन्य दस्तावेज जमा कर सकेंगे। सदन की कार्यवाही लाइव वेबकास्ट होगी, और जनता भी आसानी से विधायी प्रक्रियाओं को ट्रैक कर सकेगी।

इससे कागज की बचत होगी, पर्यावरण संरक्षण होगा और कार्यक्षमता बढ़ेगी। हिमाचल प्रदेश, नागालैंड जैसे कई राज्यों में यह पहले से लागू है। बिहार में इसकी शुरुआत से विधानसभा पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विधायकों को मोबाइल पर ही सभी सूचनाएं उपलब्ध होंगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

सीएम नीतीश कुमार की अनुपस्थिति पर सवाल

कार्यक्रम की सबसे बड़ी चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गैरमौजूदगी रही। सूत्रों के अनुसार, वे व्यस्तता या स्वास्थ्य कारणों से नहीं आए। हालांकि, विपक्ष ने इसे राजनीतिक संकेत बताया। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, “मुख्यमंत्री को विधानसभा के स्थापना दिवस पर होना चाहिए था। उनकी अनुपस्थिति अफसोसजनक है।” भाजपा और जदयू के नेताओं ने इसे सामान्य बताया, लेकिन सियासी गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या यह एनडीए गठबंधन में किसी तनाव का संकेत है।

ऐतिहासिक महत्व और विधानसभा की यात्रा

बिहार विधानसभा की स्थापना 1920 में हुई थी और यह देश की सबसे पुरानी विधानसभाओं में से एक है। 106 वर्षों में इसने स्वतंत्रता संग्राम, बिहार अलग राज्य की मांग और आधुनिक विकास की कई गाथाएं देखी हैं। विधानसभा भवन अपनी स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है और इसे राष्ट्रीय महत्व का स्मारक माना जाता है।

इस अवसर पर पूर्व विधायकों को सम्मानित किया गया और विधानसभा की उपलब्धियों पर चर्चा हुई। ओम बिरला ने बिहार के विधायकों से लोकतंत्र को मजबूत करने की अपील की।

यह कार्यक्रम बिहार विधानसभा के डिजिटलीकरण और लोकतांत्रिक परंपराओं के सम्मान का प्रतीक बना। e-Vidhan की शुरुआत से राज्य में विधायी कार्यों में नई क्रांति आने की उम्मीद है। हालांकि, मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। आने वाले दिनों में बजट सत्र में इसका असर दिख सकता है।

Sources: दैनिक जागरण

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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