Kursela market fireKursela market fire

19 फरवरी 2026, Kursela बाजार अग्निकांड: 15 फरवरी 2026 की रात कटिहार जिले के कुर्सेला प्रखंड में स्थित नया हाट (कुर्सेला बाजार) में लगी भीषण आग ने स्थानीय व्यापारियों और परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। गैस सिलेंडर विस्फोट से शुरू हुई यह आग तेजी से फैली और महज कुछ घंटों में 400 से 500 से अधिक दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। प्रारंभिक अनुमान में नुकसान 10 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा 50 करोड़ तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। होली से पहले कर्ज लेकर स्टॉक किया गया सामान भी जल गया, जिससे छोटे-मध्यम व्यापारियों की आजीविका पर गहरा संकट आ गया। हादसे में कोई मौत नहीं हुई, लेकिन कई लोग झुलसे और भावनात्मक रूप से टूट गए। अब राहत कार्य तेज हैं, जबकि पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने पीड़ितों से मुलाकात कर व्यक्तिगत रूप से 10 लाख रुपये नगद राहत बांटी। भाकपा माले ने जांच टीम भेजी और लोन माफी, स्थायी राहत पैकेज की मांग की है। प्रशासन ने सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। यह रिपोर्ट हादसे की पूरी तस्वीर, कारणों, प्रभाव और राहत प्रयासों की विस्तृत पड़ताल करती है।

हादसे की शुरुआत और फैलाव 15 फरवरी की शाम करीब 7:30-7:35 बजे कुर्सेला हाट बाजार (एनएच-31 के किनारे, दुर्गा मंदिर के पास) में एक दुकान से गैस सिलेंडर लीक हुआ और विस्फोट हो गया। बाजार में कपड़े, मसाले, किराना, प्लास्टिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वेलरी की दुकानें सटी हुई थीं, जिससे आग तेजी से फैली। संकरी गलियां, फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी और दमकल गाड़ियों की देरी ने स्थिति को और विकराल बना दिया।

फायर ब्रिगेड की 8-10 गाड़ियां (कटिहार, नौगछिया और भागलपुर से) मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग पर काबू पाने में 16-24 घंटे लग गए। सुबह तक बाजार का बड़ा हिस्सा खाक हो चुका था। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई – लोग सामान बचाने की कोशिश में झुलस गए, लेकिन धुआं और लपटें इतनी तेज थीं कि बहुत कुछ बच नहीं पाया।

नुकसान का आकलन

  • दुकानें प्रभावित: 400-500+ (कुछ रिपोर्ट्स में 550 तक)
  • प्रभावित परिवार: 300-1000 (छोटे व्यापारी, दिहाड़ी मजदूर और परिवार सहित)
  • आर्थिक नुकसान: 10-50 करोड़ रुपये (कपड़े, मोबाइल, ज्वेलरी, किराना सबसे ज्यादा प्रभावित)
  • घायल: 15-20 लोग झुलसे, कुछ गंभीर
  • मौत: कोई नहीं, लेकिन आर्थिक तबाही से कई परिवार सड़कों पर आ गए

बाजार में अधिकांश दुकानें अनौपचारिक क्षेत्र की थीं। कई दुकानदारों ने बैंक लोन, साहूकार से उधार और परिवार की जमा-पूंजी लगाई थी। होली के लिए स्टॉक किया सामान जलने से दोहरी मार लगी। एक दुकानदार ने कहा, “सारा जीवन इसी बाजार में लगा था, अब कुछ नहीं बचा। हम कहां जाएंगे?”

पप्पू यादव की मुलाकात और राहत हादसे के कुछ दिनों बाद पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव 17-18 फरवरी को मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित दुकानदारों से मुलाकात की, जनता दरबार लगाया और व्यक्तिगत रूप से लगभग 10 लाख रुपये नगद राहत बांटी। कई पीड़ितों को 5-10 हजार रुपये के चेक और नकद दिए। सांसद ने बैंक मैनेजर को निर्देश दिए कि लोन पर राहत दी जाए। उन्होंने कहा, “यह बाजार सीमांचल का दिल है। मैं केंद्र और राज्य सरकार से मांग करता हूं कि पीड़ितों को तत्काल मुआवजा, लोन माफी और पुनर्वास पैकेज मिले।”

पप्पू यादव ने राहत सामग्री (खाना, कपड़े, दवाइयां) भी बांटी। उनकी यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जहां लोग इसे “जनता के सांसद” कह रहे हैं।

भाकपा माले की जांच टीम और मांगें भाकपा माले ने हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम भेजी। टीम ने मौके का दौरा किया, दुकानदारों से बात की और आरोप लगाया कि बाजार में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी हुई और प्रशासन-नगर पंचायत की मिलीभगत है।

मुख्य मांगें:

  • सभी प्रभावित दुकानदारों का लोन माफ किया जाए
  • स्थायी राहत पैकेज (मुआवजा + पुनर्वास)
  • बाजार का सरकारी खर्च पर पुनर्निर्माण
  • फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन

पार्टी ने राज्य सरकार से 24 घंटे में राहत घोषणा की मांग की।

प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया कटिहार DM और SP ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जिला प्रशासन ने:

  • तत्काल राहत शिविर लगाए
  • मुफ्त भोजन, दवाइयां और पानी उपलब्ध कराया
  • सर्वेक्षण टीम भेजी (प्रारंभिक रिपोर्ट 2-3 दिन में)

बिहार सरकार ने प्रति परिवार 5 लाख रुपये राहत का ऐलान किया है, लेकिन पीड़ित इसे अपर्याप्त बता रहे हैं। केंद्र से विशेष पैकेज की मांग उठ रही है। पीड़ितों का कहना है कि राहत मिल रही है, लेकिन स्थायी समाधान चाहिए।

समाज और विशेषज्ञों की राय यह हादसा बाजारों में सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि संकरी गलियां, गैस सिलेंडरों का अनियमित इस्तेमाल, दमकल की कमी और फायर सेफ्टी इंस्पेक्शन न होना ऐसी घटनाओं का कारण है। कई दुकानदारों ने कहा कि “सरकार राहत दे रही है, लेकिन बाजार को री-डिजाइन करें, फायर सेफ्टी सुनिश्चित करें।”

कुर्सेला बाजार अग्निकांड ने हजारों परिवारों का भविष्य छीन लिया है। पप्पू यादव की 10 लाख रुपये राहत और भाकपा माले की जांच टीम ने राजनीतिक दबाव बढ़ाया है। अब जरूरत है कि सरकार त्वरित और स्थायी राहत पैकेज दे, बाजार को पुनर्जीवित करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए। सीमांचल का यह बाजार सिर्फ व्यापार का केंद्र नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका है। राहत कार्य जारी हैं, लेकिन सच्ची राहत तब होगी जब पीड़ित फिर से खड़े हो सकें।

Sources: abp न्यूज़

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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