2 फरवरी 2026, Kishanganj टेढ़ागाछ आधार केंद्र फिर खुला: सीमांचल के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड में लंबे समय से बंद पड़े आधार Enrollment एवं अपडेट केंद्र को जिला प्रशासन के सक्रिय हस्तक्षेप से फिर से शुरू कर दिया गया है। 30 दिसंबर 2025 से बंद इस केंद्र के पुनः संचालन से प्रखंड के दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है। आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं के लिए अब उन्हें किशनगंज शहर या ठाकुरगंज जैसे दूरस्थ केंद्रों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। केंद्र के खुलते ही पहले दिन से लोगों की भारी भीड़ देखी गई।
केंद्र बंद होने की पृष्ठभूमि
टेढ़ागाछ आधार केंद्र दिसंबर 2025 के अंत में अचानक बंद हो गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, केंद्र संचालक (ऑपरेटर) और UIDAI के नियमों से जुड़ी कुछ तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्याओं के कारण इसे बंद करना पड़ा। कुछ का कहना था कि मशीनों में खराबी और ऑपरेटर की अनुपस्थिति मुख्य कारण थे। बंदी के बाद क्षेत्र के लोग काफी परेशान थे। टेढ़ागाछ एक ग्रामीण प्रखंड है, जहां अधिकांश आबादी गांवों में रहती है। आधार अपडेट या नया Enrollment कराने के लिए लोगों को 40-60 किलोमीटर दूर किशनगंज सदर या अन्य केंद्रों जाना पड़ रहा था।
महिलाएं, बुजुर्ग और गरीब परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित थे। कई लोगों की सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और राशन कार्ड से लिंकिंग रुक गई। बच्चों का नया आधार बनवाने में भी दिक्कत हो रही थी। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को जिला प्रशासन तक पहुंचाया। जन सुनवाई और सोशल मीडिया पर भी शिकायतें दर्ज की गईं।
डीएम के हस्तक्षेप से समाधान
जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लिया। जनवरी के अंत में डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। UIDAI के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए नया ऑपरेटर नियुक्त किया गया और मशीनों की मरम्मत कराई गई। डीएम के स्पष्ट आदेश पर 1 फरवरी 2026 से केंद्र फिर से चालू हो गया।
स्थानीय बीडीओ और सीओ ने केंद्र का निरीक्षण किया और सुचारु संचालन सुनिश्चित किया। केंद्र में बायोमेट्रिक मशीनें, कंप्यूटर और अन्य उपकरण पूरी तरह कार्यशील हैं। अब यहां नया Enrollment, बायोमेट्रिक अपडेट, मोबाइल लिंकिंग और अन्य आधार सेवाएं उपलब्ध हैं।
लोगों में खुशी की लहर
केंद्र खुलते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। पहले दिन सैकड़ों लोग पहुंचे। एक स्थानीय महिला रुकसाना खातून ने कहा, “पहले शहर जाना पड़ता था, बस का खर्च और पूरा दिन लग जाता था। अब गांव के पास ही काम हो जाएगा। डीएम साहब का बहुत शुक्रिया।” बुजुर्ग मोहम्मद इकबाल ने बताया कि उनकी पेंशन आधार से लिंक नहीं हो पा रही थी, अब समस्या हल हो गई।
युवा भी खुश हैं क्योंकि बैंक खाता, सिम कार्ड और नौकरी आवेदनों के लिए आधार जरूरी है। प्रखंड के कई गांवों जैसे टेढ़ागाछ, पटपेड़िया, सिघिया आदि के लोग लाभान्वित हो रहे हैं। केंद्र सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए हैं।
आधार की महत्वता और प्रशासन की भूमिका
आधार कार्ड आज हर नागरिक के लिए आवश्यक दस्तावेज बन गया है। सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, मोबाइल और पहचान से जुड़े अधिकांश कार्यों में इसकी जरूरत पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे केंद्रों की कमी से लोग अक्सर परेशान होते हैं। किशनगंज जैसे सीमांचल जिले में जहां साक्षरता दर कम है और परिवहन सुविधाएं सीमित हैं, स्थानीय केंद्रों का महत्व और बढ़ जाता है।
जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने सराहना की है। कांग्रेस सांसद ने भी इसे जनता की जीत बताया। प्रशासन का कहना है कि सभी प्रखंडों में आधार सेवाएं सुचारु रहें, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
टेढ़ागाछ आधार केंद्र का पुनः संचालन जिला प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। यह कदम न केवल लोगों की सुविधा बढ़ाएगा बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद करेगा। उम्मीद है कि केंद्र लंबे समय तक सुचारु रूप से चलेगा और अन्य प्रखंडों में भी ऐसी समस्याओं का त्वरित समाधान होगा। क्षेत्रवासियों ने डीएम और प्रशासन को धन्यवाद दिया है।
Sources: दैनिक भास्कर