Kishanganj tea shop becomes a bribery hubKishanganj tea shop becomes a bribery hub

19 फरवरी 2026, Kishanganj में चाय दुकान बना रिश्वत का अड्डा: किशनगंज जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई हुई। बिहार निगरानी विभाग (Vigilance Bureau) ने जिला खनन कार्यालय के प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी और परिचारी (चपरासी) सरोज कुमार को कुल 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। घटना खनन कार्यालय के पास एक चाय दुकान पर हुई, जहां दोनों कर्मचारी शिकायतकर्ता से पैसे ले रहे थे। यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि किशनगंज में बढ़ती रिश्वतखोरी और सरकारी दफ्तरों से बाहर ‘सुरक्षित’ स्थानों पर लेन-देन की नई प्रवृत्ति को उजागर करता है। शहर में इस घटना पर चर्चा का बाजार गर्म है, लोग पूछ रहे हैं – लगातार निगरानी के बावजूद भ्रष्टाचार क्यों नहीं थम रहा?

घटना का विवरण मंगलवार (17 फरवरी 2026) को निगरानी विभाग की 15 सदस्यीय टीम ने विशेष अभियान चलाया। शिकायतकर्ता मोहम्मद हबीब आलम ने आरोप लगाया कि जब्त ट्रैक्टर के विमुक्त आदेश (release order) के लिए प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी ने 8 हजार रुपये और परिचारी सरोज कुमार ने 7 हजार रुपये की मांग की।

  • प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी: बतिया (पश्चिम चंपारण) निवासी, पांच महीने पहले ही किशनगंज खनन कार्यालय में ट्रांसफर हुए थे। उन्हें खनन कार्यालय के ठीक पास वाली चाय दुकान से रिश्वत लेते पकड़ा गया।
  • परिचारी सरोज कुमार: डुमरिया गर्ल्स हाई स्कूल के पास से गिरफ्तार।

निगरानी टीम ने पहले वीडियो सत्यापन किया, फिर ट्रैप लगाया। जैसे ही रिश्वत की रकम हाथ में आई, दोनों को दबोच लिया गया। निगरानी थाना कांड संख्या 20/26 के तहत 16 फरवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

रिश्वतखोरी की नई जगह: चाय दुकानें यह पहली घटना नहीं है। हाल के महीनों में किशनगंज में कम से कम तीन सरकारी कर्मचारी चाय दुकानों से रंगे हाथ पकड़े गए हैं।

  • 2 दिसंबर 2025 को अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी राजदीप को अंचल कार्यालय के बाहर चाय दुकान के समीप ढाई लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था।
  • अब यह तीसरी घटना है, जहां चाय दुकानें ‘सुरक्षित’ लेन-देन का स्थान बन गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, सरकारी दफ्तरों में CCTV, सतर्कता और शिकायतों के डर से कर्मचारी अब बाहर चाय की दुकानों या अन्य सार्वजनिक जगहों को चुन रहे हैं। लेकिन निगरानी विभाग की टीम इन जगहों पर भी नजर रख रही है, जिससे ट्रैप आसान हो गया। शहरवासी कहते हैं कि “दफ्तर में घूस नहीं ले सकते, तो चाय पर लेते हैं – लेकिन अब चाय भी महंगी पड़ रही है।”

भ्रष्टाचार का प्रभाव और लोकल प्रतिक्रिया खनन विभाग में रिश्वतखोरी आम समस्या है। ट्रैक्टर जब्ती, माइनिंग परमिट, रेत-बजरी परिवहन जैसे मामलों में छोटे-मोटे कर्मचारी भी घूस मांगते हैं। इससे आम नागरिक, ट्रैक्टर मालिक और छोटे व्यापारी परेशान रहते हैं।

शहर में इस गिरफ्तारी पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं:

  • कई लोग निगरानी विभाग की तारीफ कर रहे हैं – “अच्छा काम हो रहा है, ऐसे और गिरफ्तारियां हों।”
  • कुछ कहते हैं कि “यह सिर्फ छोटे कर्मचारी हैं, बड़े अधिकारी क्यों नहीं पकड़े जाते?”
  • सोशल मीडिया पर मीम्स और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां लोग “चाय की कीमत बढ़ गई” जैसी टिप्पणियां कर रहे हैं।

Instagram और Facebook पर लोकल पेज जैसे “किशनगंज हलचल” पर वीडियो शेयर हो रहे हैं, जहां लोग संपत्ति जांच और बड़े भ्रष्टाचार पर सवाल उठा रहे हैं।

निगरानी विभाग की भूमिका और भविष्य बिहार निगरानी विभाग पिछले कुछ सालों में सक्रिय है। CM नीतीश कुमार की सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को प्राथमिकता दी है। किशनगंज जैसे सीमांचल जिले में, जहां रेत माफिया और अवैध खनन की समस्या है, ऐसे ट्रैप महत्वपूर्ण हैं।

विभाग ने कहा कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई होती है। हेल्पलाइन और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल के जरिए लोग बिना डर के रिपोर्ट कर सकते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ गिरफ्तारियां काफी नहीं – सिस्टम में सुधार, पारदर्शिता और डिजिटल प्रोसेस (जैसे ऑनलाइन परमिट) जरूरी हैं। यह गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के खिलाफ सकारात्मक कदम है, लेकिन समस्या की जड़ गहरी है। चाय दुकानें अब रिश्वत का नया ‘अड्डा’ बन गई हैं, जो सरकारी तंत्र में विश्वास की कमी दिखाती है। किशनगंज जैसे छोटे शहरों में ऐसी घटनाएं आम आदमी को प्रभावित करती हैं। यदि निगरानी जारी रही और बड़े स्तर पर कार्रवाई हुई, तो भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकती है। फिलहाल, शहर में चर्चा जारी है – “अगली चाय दुकान कौन सी होगी?”

Sources: दैनिक जागरण

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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