Jokihat Police Station InchargeJokihat Police Station Incharge

19 फरवरी 2026, Jokihat थानेदार ने रमजान का पहला रोजा रखा: अररिया जिले के जोकीहाट थाना क्षेत्र में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जो सामाजिक सद्भाव और भाईचारे की मिसाल बन गया। जोकीहाट थाना प्रभारी (थानेदार) राजीव कुमार झा ने रमजान-उल-मुबारक के पहले रोजे का पालन किया। एक हिंदू अधिकारी द्वारा मुस्लिम पवित्र महीने के रोजे रखना न केवल व्यक्तिगत आस्था का मामला है, बल्कि क्षेत्र में बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी के बीच पुलिस-जनता के बीच विश्वास और एकता का मजबूत संदेश भी देता है। स्थानीय लोग इसे “सच्ची मिसाल” बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जहां लोग इस कदम की तारीफ कर रहे हैं और इसे “सांप्रदायिक सद्भाव का जीता-जागता उदाहरण” कह रहे हैं। इस रिपोर्ट में हम इस घटना की पूरी पृष्ठभूमि, प्रभाव और समाज पर इसके असर की पड़ताल करते हैं।

घटना का विवरण रमजान का पहला रोजा 19 फरवरी 2026 को शुरू हुआ। जोकीहाट थाना प्रभारी राजीव कुमार झा, जो पटना के मूल निवासी हैं और पिछले दो साल से जोकीहाट में तैनात हैं, ने सुबह सेहरी ली और पूरे दिन रोजा रखा। शाम को इफ्तार के समय उन्होंने स्थानीय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों के साथ मिलकर इफ्तार किया।

एक स्थानीय निवासी मोहम्मद अजहर ने बताया, “थानेदार साहब ने खुद सेहरी के लिए तैयार होकर थाने में ही इंतजार किया। शाम को जब अजान हुई, तो उन्होंने इफ्तार किया और कहा कि ‘रमजान सबके लिए है, मैं भी इसमें शामिल हूं।’ यह देखकर हम सब भावुक हो गए।”

वीडियो में राजीव कुमार झा कहते नजर आते हैं: “रमजान शांति, सहनशीलता और भाईचारे का महीना है। मैंने रोजा इसलिए रखा क्योंकि मैं अपने क्षेत्र के लोगों के साथ एक होकर रहना चाहता हूं। पुलिस का काम सिर्फ कानून लागू करना नहीं, बल्कि समाज को जोड़ना भी है।”

यह कदम थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने भी सराहा। कई मुस्लिम युवाओं ने थानेदार को “भाई” कहकर संबोधित किया और उन्हें इफ्तार में शामिल होने का न्योता दिया।

जोकीहाट का सामाजिक परिदृश्य जोकीहाट ब्लॉक अररिया जिले का एक सीमावर्ती इलाका है, जहां 80% से अधिक आबादी मुस्लिम है। यहां नेपाल बॉर्डर के करीब होने से तस्करी, अवैध गतिविधियां और कभी-कभी सांप्रदायिक तनाव की आशंका रहती है। लेकिन पिछले कुछ सालों में पुलिस प्रशासन ने स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर काम किया है।

राजीव कुमार झा की तैनाती के बाद थाने में कई बदलाव आए:

  • महिलाओं के लिए विशेष हेल्पलाइन
  • युवाओं के लिए खेल और शिक्षा कार्यक्रम
  • रमजान और अन्य त्योहारों में पुलिस की सक्रिय भागीदारी

इस पृष्ठभूमि में थानेदार का रोजा रखना एक अप्रत्याशित लेकिन स्वागतयोग्य कदम साबित हुआ। स्थानीय इमाम मौलाना अब्दुल्लाह ने कहा, “यह पहली बार नहीं है कि कोई अधिकारी रमजान में शामिल होता है, लेकिन थानेदार साहब का यह कदम दिल से निकला लगता है। इससे पुलिस और जनता के बीच दूरी कम हुई है।”

सोशल मीडिया और लोकल प्रतिक्रियाएं घटना की तस्वीरें और वीडियो WhatsApp, Facebook और Instagram पर तेजी से वायरल हो गए।

  • एक युवा ने लिखा: “थानेदार साहब ने दिखा दिया कि धर्म अलग-अलग हैं, लेकिन इंसानियत एक है।”
  • एक महिला ने कमेंट किया: “अगर पुलिस ऐसे ही रिश्ते बनाएगी तो अपराध कम होंगे और भरोसा बढ़ेगा।”
  • कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक एंगल से देखा, लेकिन ज्यादातर ने इसे शुद्ध सद्भाव का प्रतीक बताया।

अररिया जिले के SP और DM ने भी इस कदम की सराहना की और कहा कि पुलिस का काम समाज की सेवा है, और ऐसे प्रयासों से विश्वास मजबूत होता है।

सांप्रदायिक सद्भाव का बड़ा संदेश यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की आस्था नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर संदेश देती है:

  • पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाना
  • त्योहारों में एक-दूसरे की भागीदारी
  • सीमावर्ती इलाकों में शांति बनाए रखना

बिहार जैसे राज्य में जहां सांप्रदायिक तनाव कभी-कभी सिर उठाते हैं, ऐसे छोटे-छोटे कदम बड़े बदलाव ला सकते हैं। जोकीहाट में यह घटना अगले कुछ दिनों तक चर्चा में रहेगी। स्थानीय लोग कहते हैं कि थानेदार साहब ने जो किया, वह “कहने से ज्यादा करके दिखाया”।

राजीव कुमार झा का रमजान का पहला रोजा रखना अररिया के जोकीहाट में सांप्रदायिक सद्भाव की एक जीती-जागती मिसाल बन गया है। यह कदम न केवल पुलिस-समुदाय के रिश्ते को मजबूत करता है, बल्कि पूरे क्षेत्र में भाईचारे और शांति का संदेश फैलाता है। जब अधिकारी और आम नागरिक एक-दूसरे की परंपराओं का सम्मान करते हैं, तो समाज मजबूत होता है। जोकीहाट की यह छोटी-सी घटना बड़े पैमाने पर प्रेरणा दे सकती है – कि इंसानियत धर्म से ऊपर है।

Sources: दैनिक भास्कर

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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