10 दिसंबर 2025 – बिहार के सीमांचल क्षेत्र में रिलायंस जियो के नेटवर्क की खराब क्वालिटी ने हजारों उपयोगकर्ताओं को परेशान कर दिया है। पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज और सहरसा जैसे जिलों के ग्रामीण इलाकों में सिग्नल की कमी, धीमी स्पीड और बार-बार कनेक्शन ब्रेकडाउन की शिकायतें बढ़ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट्स और स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, कई गांवों में Jio का नेटवर्क 2G स्तर पर सिमट गया है, जबकि कंपनी 5G रोलआउट का दावा कर रही है। यह समस्या शिक्षा, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित कर रही है, जिससे उपयोगकर्ता पोर्टिंग (नेटवर्क बदलने) की धमकी दे रहे हैं। दूरसंचार विभाग (DoT) से हस्तक्षेप की मांग तेज हो गई है।

शिकायतों का दौर: ग्रामीण गांवों में हाहाकार

सीमांचल के सबसे प्रभावित क्षेत्रों में किशनगंज का दिघलबैंक प्रखंड प्रमुख है। यहां आठगाछिया गांव (पिन कोड 855108) के निवासी हसन अनवर जैसे उपयोगकर्ता शिकायत कर रहे हैं कि Jio नेटवर्क 2G स्पीड से भी धीमा चल रहा है। “छत पर चढ़कर भी सिग्नल नहीं मिलता, वीडियो कॉल या ऑनलाइन क्लास असंभव हो गई है,” अनवर ने X पर पोस्ट करते हुए @JioCare और @officecmbihar को टैग किया। इसी तरह, अररिया के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ प्रभावित गांवों में नेटवर्क की समस्या ने राहत कार्यों को बाधित किया है। कटिहार जिले के मनिहारी ब्लॉक में किसान UPI पेमेंट्स के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जहां इंटरनेट स्पीड 1 Mbps से नीचे है।

ट्राई (TRAI) के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, बिहार-झारखंड सर्कल में Jio के 4.9 करोड़ ग्राहक हैं, लेकिन शिकायत दर 15% ऊपर चढ़ गई है। दिसंबर 2025 में दर्ज शिकायतों में 68% नेटवर्क सिग्नल की कमी से जुड़ी हैं, जबकि 16% मोबाइल डेटा ब्रेकडाउन की। खगड़िया के चौथम ब्लॉक में 24 घंटे की आउटेज ने छात्रों को ऑनलाइन परीक्षाओं से वंचित कर दिया। निकटवर्ती उत्तर प्रदेश के निचलौल जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में भी समान समस्या देखी गई, जहां टावर के पास रहने पर भी कॉल कनेक्ट नहीं हो रही। विशेषज्ञों का कहना है कि भौगोलिक चुनौतियां – जैसे नदी-नालों की घाटियां और कम घनत्व वाली आबादी – Jio की कवरेज को प्रभावित कर रही हैं।

प्रभाव और उपयोगकर्ता की मांगें: पोर्टिंग की लहर

यह संकट दैनिक जीवन को ठप कर रहा है। ग्रामीण महिलाएं टेलीमेडिसिन ऐप्स का उपयोग नहीं कर पा रही, जबकि युवा UPI ट्रांजेक्शन और जॉब पोर्टल्स से वंचित हैं। एक स्थानीय व्यापारी ने बताया, “ऑर्डर बुकिंग रुक गई, नुकसान हजारों में है।” उपयोगकर्ता अब Airtel या BSNL की ओर रुख कर रहे हैं, पोर्टिंग रिक्वेस्ट 20% बढ़ गई हैं। DoT को पत्र लिखे जा रहे हैं, जिसमें तत्काल टावर इंस्टॉलेशन और स्पीड टेस्ट की मांग है। Jio की ओर से कहा गया है कि तकनीकी टीम समस्या का समाधान कर रही है, और ग्राहक 7000770007 पर व्हाट्सएप के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कंपनी का टेलीकॉम कंज्यूमर चार्टर 2025 अपील प्रक्रिया का प्रावधान करता है।

समाधान की राह: कंपनी और सरकार की जिम्मेदारी

Jio ने बिहार के 28 जिलों में 5G विस्तार का वादा किया है, लेकिन ग्रामीण कवरेज में देरी हो रही। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फोन रीसेट, एयरप्लेन मोड टॉगल और सिग्नल चेक जैसे सरल उपाय आजमाएं। हालांकि, दीर्घकालिक समाधान के लिए Jio को इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाना होगा। यदि समस्या बनी रही, तो TRAI की सख्ती अपरिहार्य है। सीमांचल के लाखों ग्राहक अब बेहतर सेवा की प्रतीक्षा कर रहे हैं – क्या Jio सुन रही है?

By SHAHID

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