28 फरवरी 2026, इजराइल और अमेरिका ने Iran पर हमला शुरू किया: आज मध्य पूर्व में एक बड़ा सैन्य एस्केलेशन हुआ जब इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए। इजराइली रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने इसे “पूर्व-निवारक हमला” (pre-emptive strike) घोषित किया, जिसका उद्देश्य “इजराइल राज्य के लिए खतरे को खत्म करना” बताया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social पर एक 8 मिनट के वीडियो में पुष्टि की कि अमेरिका ने “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस” शुरू कर दिए हैं, और हमले “ईरानी शासन से आने वाले तत्काल खतरे को खत्म करने” के लिए हैं। तेहरान और अन्य शहरों में कई विस्फोटों की रिपोर्ट आई, जहां धुआं उठता देखा गया और सायरन बज रहे हैं।
पृष्ठभूमि: लंबे तनाव का चरम बिंदु
यह हमला 2025-2026 के दौरान ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, बैलिस्टिक मिसाइलों और प्रॉक्सी ग्रुप्स (जैसे हिजबुल्लाह) पर चल रही बहस का नतीजा है। जून 2025 में इजराइल और ईरान के बीच 12-दिन का हवाई युद्ध हुआ था, जिसमें अमेरिका ने बाद में शामिल होकर ईरान के तीन प्रमुख न्यूक्लियर साइट्स (नतांज, फोर्डो, इस्फहान) पर हमले किए थे। उस युद्ध के बाद एक नाजुक सीजफायर हुआ, लेकिन ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम पूरी तरह रुका नहीं। ईरान ने 60% तक यूरेनियम संवर्धन जारी रखा, जो हथियार-ग्रेड के करीब है।
फरवरी 2026 में ट्रंप प्रशासन ने जेनेवा और अन्य जगहों पर अप्रत्यक्ष बातचीत शुरू की, जिसमें ईरान से यूरेनियम संवर्धन रोकने, मिसाइल प्रोग्राम सीमित करने और प्रॉक्सी सपोर्ट बंद करने की मांग की गई। ट्रंप ने बार-बार कहा कि वे “खुश नहीं” हैं और अगर डील नहीं हुई तो सैन्य कार्रवाई होगी। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ा मिलिट्री बिल्डअप किया – दो एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप्स (USS Gerald Ford और USS Abraham Lincoln), फाइटर जेट्स, टैंकर और एयर डिफेंस सिस्टम्स तैनात किए। ईरान ने Strait of Hormuz में लाइव-फायर ड्रिल्स किए और “युद्ध के लिए तैयार” होने की चेतावनी दी।
28 फरवरी 2026: हमले का क्रम और लक्ष्य
सुबह के समय इजराइल ने “ऑपरेशन शील्ड ऑफ जूडाह” (Operation Shield of Judah) शुरू किया। इजराइली डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने तेहरान में कई लक्ष्यों पर मिसाइल और एयरस्ट्राइक्स किए। रिपोर्ट्स के अनुसार:
- तेहरान के डाउनटाउन में कई विस्फोट, खासकर सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के ऑफिस के पास और राष्ट्रपति पैलेस/नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल एरिया में।
- दक्षिणी तेहरान में कई मंत्रालयों (Intelligence Ministry सहित) को निशाना बनाया गया।
- अन्य शहरों जैसे इस्फहान और अन्य संभावित न्यूक्लियर/मिलिट्री साइट्स पर भी हमले।
- ईरानी मीडिया (IRINN) ने विस्फोटों की पुष्टि की, और प्रत्यक्षदर्शियों ने धुआं और आग देखी।
अमेरिका ने संयुक्त ऑपरेशन में हिस्सा लिया, जैसा कि एक अमेरिकी अधिकारी ने Al Jazeera को बताया। ट्रंप ने वीडियो में कहा कि हमले “ईरानी शासन के तत्काल खतरे को खत्म करने” के लिए हैं, और उन्होंने ईरानी लोगों से अपील की कि “आपकी आजादी का समय आ गया है” – जो रिजीम चेंज का संकेत देता है। इजराइल ने पूरे देश में स्टेट ऑफ इमरजेंसी घोषित की, एयरस्पेस बंद किया, और लोगों को सेफ रूम्स के पास रहने को कहा। एयर-रेड सायरन पूरे इजराइल में बजे, क्योंकि ईरानी मिसाइल/ड्रोन रिटेलिएशन की आशंका है।
ईरान की प्रतिक्रिया और नुकसान
ईरानी अधिकारी ने “क्रशिंग रिटेलिएशन” (दबाने वाली जवाबी कार्रवाई) की चेतावनी दी। ईरान ने अभी बड़े पैमाने पर जवाब नहीं दिया, लेकिन IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर) अलर्ट पर है। शुरुआती रिपोर्ट्स में नागरिक/सैन्य मौतों का कोई सटीक आंकड़ा नहीं, लेकिन तेहरान में धुआं और तबाही की तस्वीरें वायरल हैं। ईरान का दावा है कि हमले नागरिक क्षेत्रों पर भी हुए।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- रूस और चीन: हमलों की निंदा, क्षेत्रीय अस्थिरता की चेतावनी।
- EU और UN: तत्काल डी-एस्केलेशन और बातचीत की अपील।
- सऊदी अरब, UAE: चुप्पी या सतर्क समर्थन (ईरान विरोधी स्टैंड के कारण)।
- भारत और अन्य: क्षेत्रीय तेल सप्लाई पर प्रभाव की चिंता, क्योंकि Strait of Hormuz प्रभावित हो सकता है।
विश्लेषण: आगे क्या?
यह हमला “वन एंड डन” (एक बार का) हो सकता है ताकि ईरान को डील के लिए मजबूर किया जाए, या बड़ा युद्ध शुरू हो सकता है। ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइल्स, ड्रोन्स और प्रॉक्सी (हिजबुल्लाह, हूती) से रिटेलिएट करने की क्षमता है, जो पूरे मिडिल ईस्ट को जला सकता है। तेल की कीमतें पहले से बढ़ रही हैं। ट्रंप का रिजीम चेंज संकेत खतरनाक है – अगर ईरान रिटेलिएट करता है तो युद्ध लंबा खिंच सकता है।
यह स्थिति बहुत तेज बदल रही है। डिप्लोमैटिक चैनल सक्रिय हैं, लेकिन अगर ईरान बड़े हमले करता है तो स्थिति अनियंत्रित हो सकती है। मध्य पूर्व की स्थिरता दांव पर है।