18 फरवरी 2026, Iran-US परमाणु वार्ता में प्रगति, लेकिन तनाव जारी: ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर जेनेवा में अप्रत्यक्ष वार्ता का दूसरा दौर मंगलवार को समाप्त हुआ। दोनों पक्षों ने “प्रगति” की बात कही, लेकिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की कड़ी धमकियों और होर्मुज जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों की अस्थायी बंदी ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया। वार्ता ओमान की मध्यस्थता में ओमानी राजदूत के निवास में हुई, जिसमें ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ तथा जेरेड कुशर शामिल थे।
वार्ता की मुख्य उपलब्धियां और बयान
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वार्ता के बाद राज्य टेलीविजन को बताया कि दोनों पक्षों ने मुख्य “गाइडिंग प्रिंसिपल्स” (मार्गदर्शक सिद्धांतों) पर समझौता किया है। उन्होंने कहा, “हमने एक सामान्य समझौता किया है, जिसके आधार पर हम आगे बढ़ेंगे और संभावित समझौते का टेक्स्ट तैयार करेंगे।” अराघची ने वार्ता को “अधिक गंभीर, रचनात्मक और constructive” बताया तथा कहा कि “एक नया खिड़की खुली है” लेकिन समझौता जल्द नहीं होगा। उन्होंने अगले दो हफ्तों में विस्तृत प्रस्ताव पेश करने की बात कही।
अमेरिकी पक्ष ने भी प्रगति की पुष्टि की। एक अनाम अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान ने दो हफ्तों में विस्तृत प्रस्ताव लाने का वादा किया है, जिससे गैप्स को कम किया जा सके। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल्बुसैदी ने वार्ता को “सकारात्मक” बताया और कहा कि दोनों पक्षों ने “साझा लक्ष्यों और तकनीकी मुद्दों” पर सहमति जताई। वार्ता करीब 3-3.5 घंटे चली, जो फरवरी की शुरुआत में मस्कट में पहले दौर से अधिक उत्पादक रही।
खामेनेई की धमकी और सैन्य प्रदर्शन
वार्ता के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिका पर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि “दुनिया की सबसे मजबूत सेना को कभी-कभी ऐसा थप्पड़ मिल सकता है कि वह उठ नहीं पाएगी” और अमेरिकी युद्धपोतों को डुबोने की धमकी दी। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “रिजीम चेंज” और सैन्य कार्रवाई के संकेतों के जवाब में आया। ट्रंप ने कहा था कि ईरान को तुरंत समझौता करना चाहिए, वरना “मिलिट्री ऑप्शन” खुले हैं।
इसके साथ ही ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में “स्मार्ट कंट्रोल ऑफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज” नामक लाइव-फायर ड्रिल शुरू की। राज्य मीडिया ने बताया कि सुरक्षा सावधानियों के तहत जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों को कुछ घंटों के लिए अस्थायी रूप से बंद किया गया। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के 20% तेल निर्यात का मार्ग है, और इसका बंद होना वैश्विक तेल कीमतों को प्रभावित कर सकता है। ईरान ने पहले भी हमले की स्थिति में इसे बंद करने की धमकी दी है, लेकिन 1980 के दशक के बाद ऐसा पहली बार हुआ।
वार्ता की पृष्ठभूमि और चुनौतियां
यह वार्ता ट्रंप प्रशासन के तहत ईरान के साथ डिप्लोमेसी की नई कोशिश है, जो 2018 में JCPOA (ईरान न्यूक्लियर डील) से अमेरिका के बाहर निकलने के बाद रुकी हुई थी। ईरान अब यूरेनियम संवर्धन को बढ़ा चुका है और IAEA रिपोर्ट्स में पारदर्शिता की कमी बताई गई है। ईरान वार्ता को केवल परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंध हटाने तक सीमित रखना चाहता है, जबकि अमेरिका क्षेत्रीय मुद्दों (जैसे प्रॉक्सी ग्रुप्स) को भी शामिल करना चाहता है।
अगला दौर अभी तय नहीं हुआ, लेकिन दोनों पक्षों ने टेक्स्ट ड्राफ्ट एक्सचेंज करने पर सहमति जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रगति सकारात्मक है, लेकिन खामेनेई की धमकियां और सैन्य गतिविधियां डील को जटिल बना रही हैं। क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बना हुआ है, खासकर गल्फ में अमेरिकी नौसैनिक तैनाती बढ़ने के बाद।
जेनेवा वार्ता ने ईरान-अमेरिका संबंधों में एक सकारात्मक संकेत दिया है, लेकिन खामेनेई की चेतावनी और होर्मुज बंदी ने तनाव को बनाए रखा है। अगले हफ्तों में विस्तृत प्रस्तावों से पता चलेगा कि डिप्लोमेसी कितनी आगे बढ़ सकती है। वैश्विक बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर इसकी नजर बनी हुई है।
Sources: अल जज़ीरा