Iran–US–Israel warIran–US–Israel war

6 मार्च 2026, Iran-US-Israel युद्ध: मध्य पूर्व में अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किया गया यह आक्रामक युद्ध अब सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस संघर्ष को अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और इजराइल ने ऑपरेशन रोअरिंग लायन नाम दिया है। यह युद्ध ईरान की संप्रभुता पर सीधा हमला है, लेकिन ईरान की सेना और जनता की दृढ़ता ने इसे एक लंबे प्रतिरोध में बदल दिया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट कहा है कि ईरान किसी भी अमेरिकी ग्राउंड इनवेजन का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार और आत्मविश्वासी है। उन्होंने कहा, “हम उनका इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि हम जानते हैं कि यह उनके लिए बड़ी आपदा साबित होगी।” ईरान ने कभी सीजफायर नहीं मांगा और किसी बातचीत से इनकार किया है।

युद्ध की शुरुआत और ईरान की मजबूत जवाबी कार्रवाई

युद्ध अमेरिका-इजराइल की संयुक्त कार्रवाई से शुरू हुआ, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ कमांडरों को निशाना बनाया गया। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला माना और तुरंत जवाबी हमले शुरू किए। ईरान ने अब तक सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और हजारों ड्रोन दागे हैं। ईरानी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, हमलों में 1,300 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिसमें कई नागरिक, स्कूल, अस्पताल और खेल स्टेडियम शामिल हैं। ईरान इसे जानबूझकर नागरिक ठिकानों पर हमला बता रहा है, जो युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।

सातवें दिन की प्रमुख घटनाएं: तेहरान और बेरूत पर हमले

आज सातवें दिन इजराइल ने तेहरान पर “ब्रॉड-स्केल वेव” ऑफ स्ट्राइक्स शुरू कीं। इजराइली वायुसेना ने तेहरान के दक्षिण-पूर्वी इलाकों में IRGC मुख्यालय, कमांड सेंटर्स और अन्य सैन्य परिसरों को निशाना बनाया। तेहरान के निवासियों ने इसे “अब तक की सबसे भयानक रात” बताया, जहां धमाकों की गूंज और धुआं छाया रहा। हालांकि, ईरान की वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोका, जो ईरान की मजबूत डिफेंस क्षमता को दिखाता है।

एक साथ ही इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों (दहिया) पर भारी बमबारी की, जहां हिजबुल्लाह के ठिकाने बताए जा रहे हैं। इजराइल ने बेरूत के निवासियों को इवैक्यूएशन का अल्टीमेटम दिया, लेकिन हिजबुल्लाह ने जवाब में इजराइल की ओर दर्जनों रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन दागे। लेबनान में अब तक 120 से अधिक मौतें हुई हैं, और हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं। हिजबुल्लाह ने इजराइली सीमा क्षेत्रों से लोगों को निकलने की चेतावनी दी है। ईरान ने इन हमलों को “आतंकवादी” करार दिया और कहा कि यह क्षेत्रीय स्थिरता को नष्ट करने की साजिश है।

ईरान ने जवाब में इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से कुछ इजराइल ने रोकीं, लेकिन मलबा गिरने से कुछ नुकसान हुआ। ईरान ने गल्फ देशों में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले जारी रखे, जिसमें सऊदी अरब के पास रियाद के निकट ड्रोन रोके गए। ईरान की नौसेना ने अमेरिकी हमलों का जवाब देते हुए एक अमेरिकी जहाज को निशाना बनाने की कोशिश की। अमेरिका ने एक ईरानी ड्रोन कैरियर जहाज को निशाना बनाया, लेकिन ईरान की प्रतिरोध क्षमता अभी भी मजबूत है।

ईरान की दृढ़ता और अंतरराष्ट्रीय समर्थन

ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका से किसी भी बातचीत से इनकार किया और कहा कि ईरान की सेनाएं किसी ग्राउंड हमले का इंतजार कर रही हैं। अंतरिम लीडरशिप काउंसिल ने रेजीम चेंज की कोशिशों को “नाकाम” बताया। कई देश ईरान के पक्ष में मध्यस्थता की पेशकश कर रहे हैं, लेकिन ईरान अपनी संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं करेगा। ट्रंप ने ग्राउंड इनवेजन को “समय की बर्बादी” कहा, जो ईरान की मजबूती का संकेत है। अमेरिका का दावा है कि ईरान की मिसाइल हमले 90% कम हुए हैं, लेकिन ईरान ने साबित किया है कि उसकी जवाबी ताकत अभी भी प्रभावी है।

मानवीय संकट और वैश्विक प्रभाव

ईरान में नागरिक मौतें और तबाही बढ़ रही है। अस्पतालों, स्कूलों और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले से मानवीय संकट गहरा गया है। लेबनान में 1 लाख से अधिक विस्थापित हैं। तेल की कीमतें 20% से अधिक बढ़ी हैं, और वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। यूएन ने इसे बड़ा संकट बताया है।

ईरान की जनता और सेना एकजुट हैं। यह युद्ध ईरान की संप्रभुता, प्रतिरोध और स्वतंत्रता की परीक्षा है। आक्रामक ताकतें कितनी दूर तक जा सकती हैं, लेकिन ईरान का संकल्प अटल है। दुनिया देख रही है कि सच्चाई और न्याय की ताकत कितनी मजबूत है।

Sources: अल-जज़ीरा

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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