Iran launches new drone-missile attacks on Israel and Gulf countriesIran launches new drone-missile attacks on Israel and Gulf countries

10 मार्च 2026, Iran ने इजरायल और गल्फ देशों पर नए ड्रोन-मिसाइल हमले किए: मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब अपने 10वें दिन में प्रवेश कर चुका है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई इस जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद स्थिति और जटिल हो गई है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल के अलावा सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, बहरीन, कतर जैसे गल्फ देशों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए हैं। तेहरान में भारी हवाई हमलों के कारण जहरीली (टॉक्सिक) बारिश की खबरें आई हैं, जबकि तेल सुविधाओं को निशाना बनाया गया है। ईरानी अधिकारियों ने साफ कहा है कि वे लंबी जंग के लिए तैयार हैं और किसी भी सीजफायर को नहीं मानेंगे। यह युद्ध अब क्षेत्रीय स्तर पर फैल चुका है, जिससे वैश्विक तेल बाजार हिल गया है।

ईरान की जवाबी कार्रवाई का विवरण ईरान ने पिछले 24-48 घंटों में इजरायल पर कई बैलिस्टिक मिसाइल बैराज लॉन्च किए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 7-8 मार्च के बीच कम से कम छह बड़े हमले हुए, जिनमें सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन शामिल थे। इजरायल ने ज्यादातर को इंटरसेप्ट कर लिया, लेकिन कुछ प्रभाव पड़े। इसके अलावा, ईरान ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) देशों पर अभूतपूर्व हमले किए—यह पहली बार है जब ईरान ने सभी GCC देशों (बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यूएई) को एक साथ निशाना बनाया।

  • बहरीन: सलमान पोर्ट (अमेरिकी नेवी की फिफ्थ फ्लीट का बेस) पर ड्रोन हमला। एक हाई-राइज रेसिडेंशियल बिल्डिंग पर हमले में एक 29 वर्षीय बहरीनी महिला की मौत हुई और कई घायल।
  • कुवैत: कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल स्टोरेज टैंक्स और सोशल सिक्योरिटी बिल्डिंग पर ड्रोन अटैक।
  • यूएई: 8 मार्च को 17 बैलिस्टिक मिसाइल और 117 ड्रोन लॉन्च। कई इंटरसेप्ट हुए, लेकिन कुछ प्रभाव से नागरिक क्षेत्र प्रभावित।
  • सऊदी अरब: सबसे बड़ा रिफाइनरी आग की चपेट में। मिसाइल और ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए, लेकिन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान।
  • कतर और अन्य: रास लफ्फान LNG सुविधा और एयरपोर्ट्स पर हमले की रिपोर्ट्स।

ईरान के IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ने कहा कि ये हमले “आत्मरक्षा” में हैं और अमेरिका-इजरायल की आक्रामकता का जवाब हैं। तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी दी, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है।

तेहरान पर हवाई हमले और जहरीली बारिश इजरायल और अमेरिका ने तेहरान और आसपास के इलाकों में तेल डिपो, रिफाइनरी और फ्यूल स्टोरेज पर बड़े हमले किए। अघदासिया ऑयल वेयरहाउस, शाहरान ऑयल डिपो, करज और दक्षिणी रिफाइनरी निशाने बने। इन हमलों से भयंकर आग लगी, जिससे काला धुआं फैला और “टॉक्सिक ब्लैक रेन” (काली जहरीली बारिश) बरसी।

ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने चेतावनी दी कि यह बारिश “टॉक्सिक हाइड्रोकार्बन कंपाउंड्स”, सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड से दूषित है। इससे स्किन पर केमिकल बर्न्स और फेफड़ों को गंभीर नुकसान हो सकता है। तेहरान के निवासियों ने छतों और सड़कों पर काला तेल जैसा पानी देखा। यह हमले ईरान की एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर पहला बड़ा अटैक था, जिससे हजारों बैरल तेल बर्बाद हुआ और पर्यावरणीय संकट गहरा गया।

नया सुप्रीम लीडर: मोजतबा खामेनेई अली खामेनेई की मौत (28 फरवरी को US-इजरायली हमलों में) के बाद असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने उनके बेटे मोजतबा खामेनेई (56 वर्ष) को नया सुप्रीम लीडर चुना। यह फैसला 8-9 मार्च को आया, जिसके तुरंत बाद ईरान ने नए हमले तेज किए। मोजतबा को “हार्डलाइनर” माना जाता है, जो पिता की नीतियों को जारी रखेंगे। ट्रंप ने उन्हें “अनएक्सेप्टेबल” कहा था, जबकि इजरायल ने चेतावनी दी कि नया लीडर भी टारगेट बनेगा। तेहरान में समर्थकों ने सड़कों पर रैली की।

ट्रंप के बयान और वैश्विक प्रभाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिश्रित संदेश दिए। उन्होंने कहा कि जंग “बहुत जल्दी खत्म” हो जाएगी और “शेड्यूल से आगे” है, लेकिन “इस हफ्ते नहीं”। साथ ही धमकी दी कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में तेल रोकेगा तो “20 गुना ज्यादा हमला” होगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका से अब कोई बातचीत नहीं होगी।

तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गईं (2022 के बाद पहली बार)। शिपिंग रुक गई, एयरलाइंस और पर्यटन प्रभावित। ईरान में 1,255+ मौतें रिपोर्ट हुईं, जबकि गल्फ में नागरिक हताहत बढ़े।

यह युद्ध अब केवल इजरायल-ईरान तक सीमित नहीं रहा—यह पूरे क्षेत्र को निगल रहा है। ईरान की “कोई सीजफायर नहीं” वाली नीति और अमेरिका-इजरायल की आक्रामकता से लंबी जंग की आशंका है। वैश्विक अर्थव्यवस्था, खासकर भारत जैसे तेल आयातक देशों पर भारी असर पड़ रहा है। स्थिति तेजी से बदल रही है; संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रयास अब तक नाकाम साबित हुए हैं। दुनिया को उम्मीद है कि जल्द कोई डी-एस्केलेशन होगा, वरना परिणाम विनाशकारी होंगे।

Sources: अल-जज़ीरा

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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