Iran destroys $300 million THAAD radar at US base in JordanIran destroys $300 million THAAD radar at US base in Jordan

7 मार्च 2026, Iran ने जॉर्डन में US बेस पर $300 मिलियन THAAD रडार नष्ट किया: मिडिल ईस्ट में चल रहे अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान युद्ध के दूसरे हफ्ते में ईरान ने एक बड़ा सैन्य हमला किया है। ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फक साल्ती एयर बेस पर अमेरिकी THAAD (Terminal High Altitude Area Defense) मिसाइल डिफेंस सिस्टम के $300 मिलियन मूल्य के AN/TPY-2 रडार को पूरी तरह नष्ट कर दिया। साथ ही, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पड़ोसी देशों (सऊदी अरब, UAE, कतर, बहरीन आदि) पर मिसाइल-ड्रोन हमलों के लिए सार्वजनिक माफी मांगी और घोषणा की कि अब आगे ऐसे हमले नहीं होंगे, जब तक उन देशों से ईरान पर हमला न हो। यह घटनाक्रम युद्ध की गहराई और क्षेत्रीय तनाव को दर्शाता है, जहां ईरान एक तरफ अमेरिकी डिफेंस सिस्टम को निशाना बना रहा है, तो दूसरी तरफ गल्फ देशों से संबंध सुधारने की कोशिश कर रहा है।

THAAD रडार पर हमला: अमेरिकी मिसाइल डिफेंस को बड़ा झटका

CNN, Bloomberg, Times of India और अन्य विश्वसनीय स्रोतों के अनुसार, युद्ध के शुरुआती दिनों (1-2 मार्च 2026) में ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फक साल्ती एयर बेस पर हमला किया। यह बेस ईरान से 500+ मील दूर है, लेकिन THAAD सिस्टम का हिस्सा था जो बालिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों को ट्रैक करता है। AN/TPY-2 रडार (RTX Corp द्वारा निर्मित) THAAD बैटरी का मुख्य सेंसर है, जो आने वाली मिसाइलों का पता लगाकर इंटरसेप्टर्स को गाइड करता है।

कमर्शियल सैटेलाइट इमेजरी (Airbus और अन्य) से पुष्टि हुई कि रडार पूरी तरह नष्ट हो गया—चारों ओर मलबा और काला पड़ गया क्षेत्र दिख रहा है। दो बड़े इम्पैक्ट क्रेटर (लगभग 13 फीट चौड़े) रडार के पास देखे गए, जो मिसाइल हमले की पुष्टि करते हैं। अमेरिकी अधिकारी ने Bloomberg को बताया कि यह “US की गल्फ में एयर डिफेंस क्षमता पर बड़ा झटका” है। Foundation for Defense of Democracies के अनुसार, जॉर्डन में दो ईरानी हमले (28 फरवरी और 3 मार्च) दर्ज हुए, जिनमें से कुछ इंटरसेप्ट हुए, लेकिन रडार पर सफल हमला हुआ।

यह THAAD सिस्टम का एक हिस्सा था—US के पास 8 बैटरी हैं, जबकि UAE के पास 2 और सऊदी के पास 1। रडार नष्ट होने से Patriot सिस्टम (PAC-3 मिसाइलों पर निर्भर) पर दबाव बढ़ेगा, जिनकी सप्लाई पहले से सीमित है। विशेषज्ञ Ryan Brobst ने कहा, “यह ईरान का अब तक का सबसे सफल हमला है।” US अब नए रडार की जल्दी रिप्लेसमेंट की कोशिश कर रहा है, लेकिन इससे क्षेत्रीय मिसाइल डिफेंस कमजोर हुई है।

ईरानी राष्ट्रपति की माफी: पड़ोसियों पर हमलों से पीछे हटने का संकेत?

शनिवार को ईरानी स्टेट टीवी पर प्री-रिकॉर्डेड संबोधन में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से और ईरान की ओर से पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं जिन पर ईरान ने हमला किया।” उन्होंने घोषणा की कि ईरान की अंतरिम लीडरशिप काउंसिल ने फैसला किया है कि “अब पड़ोसी देशों पर हमला या मिसाइल नहीं दागी जाएगी, जब तक उनसे ईरान पर हमला न हो।”

यह माफी सऊदी अरब, UAE, कतर, बहरीन, कुवैत आदि गल्फ देशों पर हाल के मिसाइल-ड्रोन हमलों के बाद आई है। ईरान ने इन देशों पर हमले तेज किए थे—सऊदी ने कई मिसाइल इंटरसेप्ट कीं, कतर में ड्रोन लॉन्च हुए (ज्यादातर नाकाम), UAE पर 112+ ड्रोन और 9 बैलिस्टिक मिसाइल। बहरीन में दो ड्रोन ने रिहायशी इमारतों और होटल को नुकसान पहुंचाया। ईरान का दावा था कि ये हमले US-इजरायल हमलों का जवाब थे, लेकिन अब पेजेश्कियन ने इसे “रैंक्स में मिसकम्युनिकेशन” बताया।

पेजेश्कियन ने ट्रंप की “अनकंडीशनल सरेंडर” मांग को खारिज करते हुए कहा, “शत्रु ईरानी लोगों के सरेंडर का सपना अपनी कब्र में ले जाएं।” उन्होंने जोर दिया कि ईरान कभी नहीं झुकेगा, लेकिन पड़ोसियों से कोई दुश्मनी नहीं। यह बयान क्षेत्रीय अलगाव से बचने और गल्फ देशों को शांत करने की कोशिश लगती है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल सप्लाई पहले से प्रभावित है।

युद्ध का संदर्भ और प्रभाव

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ, जब US-इजरायल ने ईरान पर बड़े हमले किए। अब तक 1,300+ ईरानी मौतें (ज्यादातर नागरिक)। ईरान ने जवाबी हमले किए, जिसमें US बेस, इजरायल और गल्फ देश शामिल। तेहरान पर आज भी हमले जारी, जबकि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में US नेवी को चुनौती दी।

THAAD रडार का नष्ट होना US की क्षेत्रीय डिफेंस को कमजोर करता है, जबकि माफी से गल्फ देशों में तनाव कम हो सकता है। लेकिन युद्ध जारी है—तेल कीमतें रिकॉर्ड पर, वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित। भारत जैसे देशों पर तेल महंगाई का असर पड़ रहा है।

ईरान ने THAAD रडार नष्ट कर अमेरिकी मिसाइल डिफेंस को झटका दिया, लेकिन पड़ोसियों पर हमलों की माफी से डिप्लोमैटिक बैकचैनल खोलने की कोशिश की। युद्ध का फैसला अभी दूर है—ट्रंप की सख्त नीति और ईरान की प्रतिरोध क्षमता से स्थिति जटिल बनी हुई है। UN ने ह्यूमैनिटेरियन क्राइसिस की चेतावनी दी है। स्थिति तेजी से बदल रही है।

Sources: वाल स्ट्रीट जर्नल

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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