19 मार्च 2026, ईरान ने कतर के रास लफ्फान LNG हब पर हमला किया: आज ईरान-अमेरिका-इज़राइल युद्ध के 20वें दिन मिडिल ईस्ट में ऊर्जा युद्ध का नया मोड़ आया है। ईरान ने इज़राइल द्वारा उसके साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के जवाब में कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी (दुनिया का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस या LNG प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट हब) पर मिसाइल हमले किए। इसके अलावा कुवैत, सऊदी अरब और यूएई की कई ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इन हमलों से आग लगी, बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ और वैश्विक तेल-गैस कीमतें आसमान छू रही हैं। ब्रेंट क्रूड $114-115 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि यूरोप और एशिया में गैस कीमतें 30-35% तक बढ़ चुकी हैं। यह हमला वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को सीधे प्रभावित कर रहा है, क्योंकि रास लफ्फान से दुनिया का लगभग 20% LNG निर्यात होता है।
हमलों की पृष्ठभूमि युद्ध फरवरी 2026 में तेज हुआ था, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमले बढ़ाए। 18 मार्च 2026 को इज़राइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड (दुनिया का सबसे बड़ा ऑफशोर गैस रिजर्व, जो ईरान और कतर के बीच साझा है) पर हमला किया। इससे ईरान की घरेलू गैस सप्लाई प्रभावित हुई। ईरान ने इसे “अस्वीकार्य उकसावा” करार दिया और IRGC (रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स) ने खाड़ी देशों की ऊर्जा सुविधाओं को “वैध लक्ष्य” घोषित कर दिया। ईरान ने सऊदी अरब, यूएई और कतर की कई साइट्स पर हमले की चेतावनी जारी की और कुछ सुविधाओं के लिए निकासी आदेश दिए।
कतर पर मुख्य हमला: रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी कतर की रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी दुनिया का सबसे बड़ा LNG एक्सपोर्ट हब है। ईरानी मिसाइल हमलों से यहां “गंभीर क्षति” हुआ। कतर एनर्जी (QatarEnergy) ने पुष्टि की कि बुधवार शाम और गुरुवार सुबह के हमलों में आग लगी, कई LNG यूनिट्स प्रभावित हुईं और शेल प्लांट (Pearl gas-to-liquids) को भी नुकसान पहुंचा। पहले हमले में 5 में से 4 मिसाइल इंटरसेप्ट की गईं, लेकिन पांचवीं ने लक्ष्य भेदा। दूसरे दौर में और हमले हुए, जिससे आग और अधिक नुकसान हुआ। कतर ने कहा कि कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन उत्पादन पहले से ही प्रभावित था (मार्च की शुरुआत में ड्रोन हमलों से रुका हुआ) और अब मई या उससे आगे तक बंद रह सकता है। कतर की विदेश मंत्रालय ने हमले को “सार्वभौमिकता का घोर उल्लंघन” और “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा” बताया। ईरानी दूतावास के मिलिट्री और सिक्योरिटी अटैशे को “Persona Non Grata” घोषित कर 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया गया।
अन्य खाड़ी देशों पर हमले
- कुवैत: मीना अल-अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले से आग लगी, ऑपरेशंस प्रभावित लेकिन कोई हताहत नहीं।
- सऊदी अरब: रेड सी तट पर रिफाइनरी और रियाद के पास एनर्जी साइट्स पर मिसाइलें, कुछ इंटरसेप्ट हुईं लेकिन विस्फोट दिखे। SAMREF रिफाइनरी और Jubail पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को चेतावनी दी गई थी।
- यूएई: हबशान गैस फैसिलिटी और बब फील्ड पर हमले से ऑपरेशंस अस्थायी रूप से बंद। अबू धाबी ने इसे “खतरनाक वृद्धि” कहा। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जहाजों पर भी हमले किए, जिससे कुछ जहाज क्षतिग्रस्त हुए।
वैश्विक प्रभाव और बाजार की प्रतिक्रिया हमलों से वैश्विक LNG सप्लाई में 20% तक कमी की आशंका है, क्योंकि कतर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LNG निर्यातक है। तेल कीमतें $114+ पर पहुंचीं, यूरोपीय गैस कीमतें तेजी से बढ़ीं। एशिया में बिजली संकट की चिंता है। अमेरिका ने वेनेजुएला तेल प्रतिबंध हटाकर सप्लाई बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन यह सीमित राहत है। ट्रंप ने कहा कि साउथ पार्स पर हमला “इज़राइल ने अकेले किया”, अमेरिका शामिल नहीं था। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान कतर पर फिर हमला करता है, तो अमेरिका साउथ पार्स को “पूरी तरह उड़ा देगा”। यूरोप और जापान ने होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षित करने में मदद की पेशकश की।
ये हमले युद्ध को ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित कर रहे हैं। ईरान ने दिखाया कि वह खाड़ी देशों की ऊर्जा साइट्स को निशाना बना सकता है, जबकि गल्फ स्टेट्स अमेरिका-इज़राइल के साथ और करीब आ सकते हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा – महंगाई बढ़ेगी, इंडस्ट्री प्रभावित होगी और अगर होर्मुज बंद हुआ तो रिसेशन का खतरा मंडरा रहा है। स्थिति तेजी से बदल रही है; अपडेट्स के लिए भरोसेमंद स्रोत देखें।
Sources: रॉयटर्स